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इस बार भरणी-भद्रा का दखल नहीं, दिनभर मनाएं रक्षाबंधन
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:10 PM IST
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इस बार रक्षाबंधन के त्योहार पर इस बार भरणी-भद्रा का दखल नहीं होगा। दिनभर त्योहार मना सकेंगे। बीते कई सालों से भरणी-भद्रा के चलते बहनें शुभ योग के इंतजार में बैठी रहती थीं। इसके चलते कभी दोपहर तक तो कभी शाम के बाद से रक्षाबंधन का पर्व शुरू होता था। इस बार पूरे दिन पूर्णिमा में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
हिंदू धर्म में सालभर त्योहारों एवं उत्सवों का दौर लगा रहता है। इनका हमारे जीवन से सीधा जुड़ाव रहता है। परंपराओं के साथ ही इन पर्वों का आध्यात्मिक महात्म्य भी है। यही वजह है कि इन पर्वों एवं त्योहारों को मनाते समय शुभ मुहूर्त एवं योग का अधिक ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में मनाया गया पर्व सुखद फल देता है। जानकारों की मानें तो रक्षाबंधन के पर्व पर बीते कई सालों भरणी-भद्रा की दखल रहती थी। बहन-भाई इस योग व नक्षत्र के टलने का इंतजार करते थे। कभी सुबह से दोपहर तक इनका दुष्प्रभाव रहता था तो कभी दोपहर बाद के बाद शुभ योग शुरू होता था। इससे बहनों की सारी तैयारी धरी की धरी रह जाती थी। वह भरणी व भद्रा के टलने का इंतजार करती थीं। मगर इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर इनका प्रभाव नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्र ने बताया कि 26 अगस्त को सूर्योदय के बाद से शांम 4 बजकर 36 मिनट तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। पूरे दिन पूर्णिमा रहेगी। किसी भी ग्रह, नक्षत्र व योग का पूर्णिमा पर प्रभाव नहीं रहेगा।
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हिंदू धर्म में सालभर त्योहारों एवं उत्सवों का दौर लगा रहता है। इनका हमारे जीवन से सीधा जुड़ाव रहता है। परंपराओं के साथ ही इन पर्वों का आध्यात्मिक महात्म्य भी है। यही वजह है कि इन पर्वों एवं त्योहारों को मनाते समय शुभ मुहूर्त एवं योग का अधिक ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में मनाया गया पर्व सुखद फल देता है। जानकारों की मानें तो रक्षाबंधन के पर्व पर बीते कई सालों भरणी-भद्रा की दखल रहती थी। बहन-भाई इस योग व नक्षत्र के टलने का इंतजार करते थे। कभी सुबह से दोपहर तक इनका दुष्प्रभाव रहता था तो कभी दोपहर बाद के बाद शुभ योग शुरू होता था। इससे बहनों की सारी तैयारी धरी की धरी रह जाती थी। वह भरणी व भद्रा के टलने का इंतजार करती थीं। मगर इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर इनका प्रभाव नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्र ने बताया कि 26 अगस्त को सूर्योदय के बाद से शांम 4 बजकर 36 मिनट तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। पूरे दिन पूर्णिमा रहेगी। किसी भी ग्रह, नक्षत्र व योग का पूर्णिमा पर प्रभाव नहीं रहेगा।
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