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चांद का किया दीदार, मांगा अखंड सौभाग्य का आशीष
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करवा चौथ पूजा के बाद चांद का दीदार करती सुहागिनें। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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करवाचौथ के पर्व पर रविवार की शाम को चांद निकला तो सुहागिनों के चेहरे खुशी से चमक उठे। सोलह शृंगार करने के बाद सुहागिनों ने करवा, सींक, चलनी के साथ थाल सजाकर पूजन किया। किसी ने छत, बालकनी तो किसी ने बाहर निकलकर चलनी से चांद का दीदार किया। पति के हाथों से जल ग्रहण कर अनुष्ठान पूर्ण किया। इसके बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।
पति की सलामती के लिए करवाचौथ का व्रत महत्वपूर्ण होता है। सुहाग की सलामती के लिए महिलाएं इसकी तैयारी में हप्तेभर से जुटी हुई थीं। शनिवार को व्रत की तैयारी में बाजारों में सुहागिनों की भीड़ जुटी रही। महिलाओं ने करवा, सींक, चलनी, नया चावल, चूड़ा, लाई गट्टा आदि वस्तुओं की खरीदारी कर तैयारी एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली थी। रात में मान्यता के अनुरूप मीठा खाने के साथ करवाचौथ व्रत की शुरुआत की। रविवार भोर में उठकर सुहागिनों ने निर्जला व्रत का संकल्प लेकर अनुष्ठान शुरू किया।
अखंड सौभाग्य के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। बाबागंज, विवेक नगर, अष्टभुजानगर, स्टेशन रोड, शिवजीपुरम, अचलपुर, दहिलामऊ सहित पूरे शहर में करवाचौथ की धूम रही। सूरज ढलने से पहले ही महिलाएं पूजा की तैयारियों में जुट गईं। चावल के आटे से रंगोली बनाई गई। उस पर करवा और पूजा की थाली रखी गई।
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फल, फूल, रोली, सिंदूर, मिठाई, गंगा जल रखा गया। करवा की कथा सुनी गई। चांद के महात्म्य और मंगल गीत गाए गए। शाम को चांद निकलते ही उपवास रखने वाली महिलाओं के चेहरे खिल उठे। उन्होंने पहले चलनी से चांद और फिर पति के दर्शन किए। करवा से चांद को अर्घ्य दिया। पूजा के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत पूरा किया गया।
हाथों पर पिया के नाम की रचाई मेहंदी
हथेलियों पर मेहंदी रचाने का सिलसिला कई दिनों से जारी था। व्रती महिलाओं ने करवाचौथ के दिन भी हथेलियों पर मेहंदी रचाई। मेहंदी लगाने के लिए ब्यूटी पार्लरों के साथ शहर में कई जगह स्टॉल लगे थे।
पूजन के बाद व्हाट्सएप स्टेट हुआ अपडेट
करवाचौथ पर चांद का दीदार कर अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद महिलाओं में सेल्फी लेने का दौर शुरू हुआ। पूजन के बाद महिलाओं ने सेल्फी ली। रिश्तेदारों को भेजा और व्हाट्सएप स्टेट अपडेट किया गया।
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पति की सलामती के लिए करवाचौथ का व्रत महत्वपूर्ण होता है। सुहाग की सलामती के लिए महिलाएं इसकी तैयारी में हप्तेभर से जुटी हुई थीं। शनिवार को व्रत की तैयारी में बाजारों में सुहागिनों की भीड़ जुटी रही। महिलाओं ने करवा, सींक, चलनी, नया चावल, चूड़ा, लाई गट्टा आदि वस्तुओं की खरीदारी कर तैयारी एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली थी। रात में मान्यता के अनुरूप मीठा खाने के साथ करवाचौथ व्रत की शुरुआत की। रविवार भोर में उठकर सुहागिनों ने निर्जला व्रत का संकल्प लेकर अनुष्ठान शुरू किया।
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अखंड सौभाग्य के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। बाबागंज, विवेक नगर, अष्टभुजानगर, स्टेशन रोड, शिवजीपुरम, अचलपुर, दहिलामऊ सहित पूरे शहर में करवाचौथ की धूम रही। सूरज ढलने से पहले ही महिलाएं पूजा की तैयारियों में जुट गईं। चावल के आटे से रंगोली बनाई गई। उस पर करवा और पूजा की थाली रखी गई।
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फल, फूल, रोली, सिंदूर, मिठाई, गंगा जल रखा गया। करवा की कथा सुनी गई। चांद के महात्म्य और मंगल गीत गाए गए। शाम को चांद निकलते ही उपवास रखने वाली महिलाओं के चेहरे खिल उठे। उन्होंने पहले चलनी से चांद और फिर पति के दर्शन किए। करवा से चांद को अर्घ्य दिया। पूजा के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत पूरा किया गया।
हाथों पर पिया के नाम की रचाई मेहंदी
हथेलियों पर मेहंदी रचाने का सिलसिला कई दिनों से जारी था। व्रती महिलाओं ने करवाचौथ के दिन भी हथेलियों पर मेहंदी रचाई। मेहंदी लगाने के लिए ब्यूटी पार्लरों के साथ शहर में कई जगह स्टॉल लगे थे।
पूजन के बाद व्हाट्सएप स्टेट हुआ अपडेट
करवाचौथ पर चांद का दीदार कर अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद महिलाओं में सेल्फी लेने का दौर शुरू हुआ। पूजन के बाद महिलाओं ने सेल्फी ली। रिश्तेदारों को भेजा और व्हाट्सएप स्टेट अपडेट किया गया।

करवा चौथ पूजा के लिए दुर्गा माता मंदिर पहुंची सुहागिनें। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

बलीपुर दुर्गा मंदिर में पूजन करती सुहागिनें। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

बलीपुर में करवा चौथ पर पूजा के बाद चांद का दीदार करती सुहागिन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH