{"_id":"5880ff5b4f1c1b4216efe3f7","slug":"tention-of-allaince","type":"story","status":"publish","title_hn":"महागठबंधन ने दी बड़ी टेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महागठबंधन ने दी बड़ी टेंशन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने की खबर से बेल्हा में दोनों दलों के प्रत्याशियों में टिकट को लेकर टेंशन बढ़ गई है। गठबंधन के बाद कौन सी सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी, इसे लेकर दावेदारों की धड़कन तेज हो गई है। वर्तमान मेें बेल्हा में तीन सीट पर सपा तो एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है।
विधानसभा चुनाव के नामांकन की तिथि करीब आते ही 'महागठबंधनÓ की राजनीति गरमा गई है। सूबे में कांग्रेस और सपा के बीच सीटों के समझौते को लेकर चल रही बातचीत ने जिले में टिकट के दावेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। सपा प्रत्याशी अपना टिकट पक्का बता रहे हैं तो कांग्रेसी अपना। सबसे ज्यादा मारामारी विश्वनाथगंज विधान सभा सीट को लेकर है। उपचुनाव में पटकनी खाने वाली सपा पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो इस सीट के लिए कांग्रेसी भी जोर लगा रहे हैं। वर्तमान में सदर, पट्टी और रानीगंज में सपा विधायक हैं। वहीं रामपुर खास विधानसभा लंबे समय से कांग्रेस के पाले में है। लड़ाई अगर है तो वह सिर्फ विश्वनाथगंज विधान सभा के लिए।
विश्वनाथगंज विस क्षेत्र से सपा के ही प्रत्याशी को टिकट मिलने की उम्मीद है। दरअसल में मौजूदा समय में जो प्रत्याशी हैं वह बीते विधानसभा चुनाव में 50 हजार से अधिक मत पाए थे। इसलिए यह माना जा रहा है। बाकी मुख्यमंत्री तय करेंगे।
विज्ञापन
इबरार जहानियां, जिला अध्यक्ष, सपा।
रामपुर खास को छोड़ दिया जाए तो बाकी सीट पर सपा का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। रामपुर खास सीट लगातार कांग्रेस के खाते में जा रही है और इस बार भी कांग्रेस का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।
इरसाद सिद्दीकी, नवनिर्वाचित जिला सचिव।
कांग्रेस को दो सीट बेल्हा में मिलने की उम्मीद है। रामपुर खास और विश्वनाथगंज। दरअसल विश्वनाथगंज से इसके पहले सपा प्रत्याशी हार चुके हैं। उन्हीें को दूसरी बार प्रत्याशी बनाया गया है। इसके लिए लखनऊ में अभी बातचीत चल रही है। जब तक फाइन नहीं हो जाता है कुछ कहा नहीं जा सकता है।
नरसिंह प्रकाश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के नामांकन की तिथि करीब आते ही 'महागठबंधनÓ की राजनीति गरमा गई है। सूबे में कांग्रेस और सपा के बीच सीटों के समझौते को लेकर चल रही बातचीत ने जिले में टिकट के दावेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। सपा प्रत्याशी अपना टिकट पक्का बता रहे हैं तो कांग्रेसी अपना। सबसे ज्यादा मारामारी विश्वनाथगंज विधान सभा सीट को लेकर है। उपचुनाव में पटकनी खाने वाली सपा पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो इस सीट के लिए कांग्रेसी भी जोर लगा रहे हैं। वर्तमान में सदर, पट्टी और रानीगंज में सपा विधायक हैं। वहीं रामपुर खास विधानसभा लंबे समय से कांग्रेस के पाले में है। लड़ाई अगर है तो वह सिर्फ विश्वनाथगंज विधान सभा के लिए।
विज्ञापन
विश्वनाथगंज विस क्षेत्र से सपा के ही प्रत्याशी को टिकट मिलने की उम्मीद है। दरअसल में मौजूदा समय में जो प्रत्याशी हैं वह बीते विधानसभा चुनाव में 50 हजार से अधिक मत पाए थे। इसलिए यह माना जा रहा है। बाकी मुख्यमंत्री तय करेंगे।
विज्ञापन
इबरार जहानियां, जिला अध्यक्ष, सपा।
रामपुर खास को छोड़ दिया जाए तो बाकी सीट पर सपा का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। रामपुर खास सीट लगातार कांग्रेस के खाते में जा रही है और इस बार भी कांग्रेस का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।
इरसाद सिद्दीकी, नवनिर्वाचित जिला सचिव।
कांग्रेस को दो सीट बेल्हा में मिलने की उम्मीद है। रामपुर खास और विश्वनाथगंज। दरअसल विश्वनाथगंज से इसके पहले सपा प्रत्याशी हार चुके हैं। उन्हीें को दूसरी बार प्रत्याशी बनाया गया है। इसके लिए लखनऊ में अभी बातचीत चल रही है। जब तक फाइन नहीं हो जाता है कुछ कहा नहीं जा सकता है।
नरसिंह प्रकाश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस।