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चाय नाश्ते में सिमट गया निरीक्षण कार्यक्रम
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:25 AM IST
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प्रतापगढ़। राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रेहाना सिद्दीकी की नजर महिलाओं की दुर्दशा पर नहीं पड़ी। गुरुवार को जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं महिला आयोग की सदस्य महिलाओं की समस्या से बेखबर रहीं। ओपीडी से लेकर वार्ड तक महिलाएं परेशान रहीं और वे सीएमएस कक्ष में अफसरों व पार्टी नेताओं संग बैठ कर चाय नाश्ता में मशगूल रहीं। उपेक्षा का आलम ये रहा कि वे अस्पताल गईं तो थीं निरीक्षण करने पर एक भी महिला मरीज से समस्या या इलाज की व्यवस्था के बारे में पूछना गवारा नहीं समझा। यह बात महिला मरीजों व तीमारदारों को चुभती रही।
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उपचार व्यवस्था को लेकर जितने गंभीर हैं उनकी पार्टी के नेता उतने ही उदासीन। जिला महिला अस्पताल निरीक्षण करने पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य के जरिए बरती गई उपेक्षा इस बात का उदाहरण है। अस्पताल में उनके पहुंचने की खबर सुन सीएमओ डॉ. वीके पांडेय, सदर एसडीएम जेपी मिश्र, सपा जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल समेत कई पार्टी नेता पहुंच गए।
अधिकारियों व पार्टी नेताओं संग महिला आयोग की सदस्य आननफानन लगवाए गए काउंटर के पास खड़ी हुईं, थोड़ी देर रुकने के बाद सीएमएस कक्ष में बैठ कर सभी चाय नाश्ता में मशगूल हो गए। उधर, बाहर ओपीडी में इलाज के लिए सुबह से आई महिलाएं परेशान थीं। गर्भवती रेनू, साजिदा बेगम, सुस्मिता शुक्ला आदि को कुछ दवा अस्पताल की तो बाकी बाहर से लेने की मौखिक हिदायत दी गई थी। अल्ट्रासाउंड भी बाहर से कराने के लिए कहा गया था। इमरजेंसी वार्ड में एक-एक बेड पर दो-दो व तीन-तीन प्रसव पीड़ित महिलाएं थीं।
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष में बैठीं राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रेहाना सिद्दीकी से अमर उजाला ने परेशान महिला मरीजों की दुर्दशा पर दो टूक सवाल किया। महिला अस्पताल में मशीन होने के बाद भी अल्ट्रासाउंड बाहर से कराए जाने के सवाल पर उन्होंने समस्या से सीएम को अवगत कराने की बात कही। सीएमओ ने कहा कि टेक्निकल स्टाफ न होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा।
सीजर के नाम पर डॉक्टरों के जरिए मरीजों से वसूली के सवाल पर वह चुप रहीं। सीएमओ ने कहा कि वे वसूली की बात मानते हैं लेकिन पैसादलाल लेते होंगे, स्टाफ नहीं। बहरहाल ऐसा है तो लोग शिकायत करें जांच होगी। इमरजेंसी वार्ड में बेड की दिक्कत व 100 बेड के अस्पताल निर्माण का लंबित मामला भी उठाया गया। महिला आयोग की सदस्य ने कहा जमीन का मामला जल्द फाइनल हो जाएगा। सीएमओ ने जवाब दिया भूमि के बंदोबस्त का काम तेजी से चल रहा है। सनद रहे कि सीएमओ यह बात करीब डेढ़ साल से कहते आ रहे हैं।
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सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उपचार व्यवस्था को लेकर जितने गंभीर हैं उनकी पार्टी के नेता उतने ही उदासीन। जिला महिला अस्पताल निरीक्षण करने पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य के जरिए बरती गई उपेक्षा इस बात का उदाहरण है। अस्पताल में उनके पहुंचने की खबर सुन सीएमओ डॉ. वीके पांडेय, सदर एसडीएम जेपी मिश्र, सपा जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल समेत कई पार्टी नेता पहुंच गए।
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अधिकारियों व पार्टी नेताओं संग महिला आयोग की सदस्य आननफानन लगवाए गए काउंटर के पास खड़ी हुईं, थोड़ी देर रुकने के बाद सीएमएस कक्ष में बैठ कर सभी चाय नाश्ता में मशगूल हो गए। उधर, बाहर ओपीडी में इलाज के लिए सुबह से आई महिलाएं परेशान थीं। गर्भवती रेनू, साजिदा बेगम, सुस्मिता शुक्ला आदि को कुछ दवा अस्पताल की तो बाकी बाहर से लेने की मौखिक हिदायत दी गई थी। अल्ट्रासाउंड भी बाहर से कराने के लिए कहा गया था। इमरजेंसी वार्ड में एक-एक बेड पर दो-दो व तीन-तीन प्रसव पीड़ित महिलाएं थीं।
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष में बैठीं राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रेहाना सिद्दीकी से अमर उजाला ने परेशान महिला मरीजों की दुर्दशा पर दो टूक सवाल किया। महिला अस्पताल में मशीन होने के बाद भी अल्ट्रासाउंड बाहर से कराए जाने के सवाल पर उन्होंने समस्या से सीएम को अवगत कराने की बात कही। सीएमओ ने कहा कि टेक्निकल स्टाफ न होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा।
सीजर के नाम पर डॉक्टरों के जरिए मरीजों से वसूली के सवाल पर वह चुप रहीं। सीएमओ ने कहा कि वे वसूली की बात मानते हैं लेकिन पैसादलाल लेते होंगे, स्टाफ नहीं। बहरहाल ऐसा है तो लोग शिकायत करें जांच होगी। इमरजेंसी वार्ड में बेड की दिक्कत व 100 बेड के अस्पताल निर्माण का लंबित मामला भी उठाया गया। महिला आयोग की सदस्य ने कहा जमीन का मामला जल्द फाइनल हो जाएगा। सीएमओ ने जवाब दिया भूमि के बंदोबस्त का काम तेजी से चल रहा है। सनद रहे कि सीएमओ यह बात करीब डेढ़ साल से कहते आ रहे हैं।