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तहसील-अस्पताल, हर जगह हड़ताल, लाेग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:47 PM IST
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लेखपाल, फार्मासिस्ट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व राजकीय वाहन चालकों की हड़ताल से मंगलवार को लोग परेशान हो गए। राजकीय वाहन चालकों की हड़ताल से जहां अफसर पैदल हो गए, वहीं अस्पताल में मरीज तड़पते रहे। लेखपालों की हड़ताल से राजस्व संबंधित वाद नहीं निपट पा रहे हैं। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के काम न करने से गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार नहीं बंट पा रहा है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए फार्मासिस्ट
चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारी परिषद शाखा प्रतापगढ़ के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर मंगलवार सुबह से सीएमओ कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। फार्मासिस्टों की हड़ताल से जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी की व्यवस्था चरमरा गई। जिला व महिला अस्पताल को मिलाकर मंगलवार को लगभग 750 मरीजों की ओपीडी हुई। यहां आने वाले मरीजों का एक नर्स पर्चा बना रही थी। चिकित्सक अपने कक्ष में बैठकर उन्हें प्राइवेट दवा लिख रहे थे। दवा वितरण कक्ष में सुबह से ही ताला लटक रहा था। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक मरीजों की जांच भी लिख रहे थे मगर एक भी जांच सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रही था। इससे पूरे परिसर में मरीजों की भीड़ जमा हो गई थी। धरना प्रदर्शन में शामिल चीफ फार्मासिस्ट और फार्मासिस्टों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली, नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक वे प्रदर्शन करेंगे। 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। डा. एचएल पुष्कर, विजय बहादुर श्रीवास्तव, बीके वैश्य, बीके खान, आरके तिवारी, राकेश यादव, करम नवी, आरएस यादव, रमेश यादव, एलके मिश्र, शौरभ मिश्र, मनोज मिश्र , रामानंद कनौजिया, संजय, एसके राय, पीएस पांडेय, अखिलेश दूबे, आरडी पांडेय, अश्वनी श्रीवास्तव, प्रेम प्रकाश मिश्र आदि लोग मौजूद रहे।
ड्राइवरों की हड़ताल से पैदल हुए अधिकारी
वेतन विसंगतियों को लेकर सरकारी विभागों के ड्राइवर हड़ताल पर हैं। इसके चलते अधिकारी पैदल हो गए हैं। कई अधिकारियों को प्राइवेट गाड़ियां बुलानी पड़ रही हैं तो कुछ ने अपने आप को कार्यालय तक ही सीमित कर लिया है। हड़ताल के ही मद्देनजर कुंडा एसडीएम की भी गाड़ी खड़ी हो गई है। एसडीएम ने बताया कि सोमवार से ही कई जांचों के लिए जाना था लेकिन गाड़ी न होने के कारण वह वहां नहीं पहुंच सके। उधर, तहसीलदार भी तहसील तक ही सीमित होकर रह गए हैं। अन्य अधिकारी भी ड्राइवर की हड़ताल के कारण प्रभावित हैं।
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मांगों को लेकर अनशन पर बैठे लेखपाल
पखवारे भर से धरना-प्रदर्शन करते चले आ रहे लेखपाल संगठन के पदाधिकारी मंगलवार को जिलाध्यक्ष ऐनुल हसन की अध्यक्षता में तहसील परिसर में अनशन पर बैठ गए। प्रशासन को चेताया कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मान लेती है तो वे भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे और कार्य बहिष्कार करते रहेंगे। पखवारे भर से चली आ रही लेखपालों की हड़ताल से आम लोग परेशान हो गए हैं। लेखपालों की हड़ताल के साथ ही भूमि विवाद भी बढ़ गए हैं। लोग गज भर भूमि के लिए मारपीट कर ले रहे हैं। लेखपाल नाप जोख करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस लेखपाल के आने के बाद ही मदद करने को तैयार होती है।
राजकीय चालकों ने भी ठप किया काम
राजकीय वाहन चालक महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर मंगलवार को संघ के अध्यक्ष लल्लन सिंह के नेतृत्व में अम्बेडकर चौराहे पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। सरकार विरोधी नारेबाजी की। ड्राइवरों के हड़ताल से सरकारी वाहन नहीं चल सके। इससे सभी विभागों के अफसर परेशान हो गए। महासंघ के पदाधिकारियों ने वैध व अवैध तरीके से चल रही प्राइवेट गाड़ियां जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार का बोर्ड लगा था उन्हें रोककर बोर्ड उतरवा लिया। वाहन के अभाव में कई राजकीय कार्य बाधित हुए। अफसर आवास से कार्यालय नहीं पहुंच सके तो कुछ खुद निजी कार से किसी तरह कार्यालय पहुंचे, मगर क्षेत्र में भ्रमण नहीं कर सके।
विकास भवन में गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जारी रखा प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ शाखा प्रतापगढ़ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्षता सुषमा कुरील ने की। कुरील ने बताया कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के बाद सीएम ने संविदा पर कार्यरत आंगनबाड़ी, आशा बहू, कम्प्यूटर ऑपरेटर, पीआरडी और रसोइयां आदि को नियमित करने का अाश्वासन दिया है। उधर, महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह के मुताबिक मांग पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं की जाती है तो इस बार पल्स पोलियो दिवस का भी बहिष्कार किया जाएगा।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए फार्मासिस्ट
चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारी परिषद शाखा प्रतापगढ़ के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर मंगलवार सुबह से सीएमओ कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। फार्मासिस्टों की हड़ताल से जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी की व्यवस्था चरमरा गई। जिला व महिला अस्पताल को मिलाकर मंगलवार को लगभग 750 मरीजों की ओपीडी हुई। यहां आने वाले मरीजों का एक नर्स पर्चा बना रही थी। चिकित्सक अपने कक्ष में बैठकर उन्हें प्राइवेट दवा लिख रहे थे। दवा वितरण कक्ष में सुबह से ही ताला लटक रहा था। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक मरीजों की जांच भी लिख रहे थे मगर एक भी जांच सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रही था। इससे पूरे परिसर में मरीजों की भीड़ जमा हो गई थी। धरना प्रदर्शन में शामिल चीफ फार्मासिस्ट और फार्मासिस्टों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली, नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक वे प्रदर्शन करेंगे। 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। डा. एचएल पुष्कर, विजय बहादुर श्रीवास्तव, बीके वैश्य, बीके खान, आरके तिवारी, राकेश यादव, करम नवी, आरएस यादव, रमेश यादव, एलके मिश्र, शौरभ मिश्र, मनोज मिश्र , रामानंद कनौजिया, संजय, एसके राय, पीएस पांडेय, अखिलेश दूबे, आरडी पांडेय, अश्वनी श्रीवास्तव, प्रेम प्रकाश मिश्र आदि लोग मौजूद रहे।
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ड्राइवरों की हड़ताल से पैदल हुए अधिकारी
वेतन विसंगतियों को लेकर सरकारी विभागों के ड्राइवर हड़ताल पर हैं। इसके चलते अधिकारी पैदल हो गए हैं। कई अधिकारियों को प्राइवेट गाड़ियां बुलानी पड़ रही हैं तो कुछ ने अपने आप को कार्यालय तक ही सीमित कर लिया है। हड़ताल के ही मद्देनजर कुंडा एसडीएम की भी गाड़ी खड़ी हो गई है। एसडीएम ने बताया कि सोमवार से ही कई जांचों के लिए जाना था लेकिन गाड़ी न होने के कारण वह वहां नहीं पहुंच सके। उधर, तहसीलदार भी तहसील तक ही सीमित होकर रह गए हैं। अन्य अधिकारी भी ड्राइवर की हड़ताल के कारण प्रभावित हैं।
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मांगों को लेकर अनशन पर बैठे लेखपाल
पखवारे भर से धरना-प्रदर्शन करते चले आ रहे लेखपाल संगठन के पदाधिकारी मंगलवार को जिलाध्यक्ष ऐनुल हसन की अध्यक्षता में तहसील परिसर में अनशन पर बैठ गए। प्रशासन को चेताया कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मान लेती है तो वे भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे और कार्य बहिष्कार करते रहेंगे। पखवारे भर से चली आ रही लेखपालों की हड़ताल से आम लोग परेशान हो गए हैं। लेखपालों की हड़ताल के साथ ही भूमि विवाद भी बढ़ गए हैं। लोग गज भर भूमि के लिए मारपीट कर ले रहे हैं। लेखपाल नाप जोख करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस लेखपाल के आने के बाद ही मदद करने को तैयार होती है।
राजकीय चालकों ने भी ठप किया काम
राजकीय वाहन चालक महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर मंगलवार को संघ के अध्यक्ष लल्लन सिंह के नेतृत्व में अम्बेडकर चौराहे पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। सरकार विरोधी नारेबाजी की। ड्राइवरों के हड़ताल से सरकारी वाहन नहीं चल सके। इससे सभी विभागों के अफसर परेशान हो गए। महासंघ के पदाधिकारियों ने वैध व अवैध तरीके से चल रही प्राइवेट गाड़ियां जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार का बोर्ड लगा था उन्हें रोककर बोर्ड उतरवा लिया। वाहन के अभाव में कई राजकीय कार्य बाधित हुए। अफसर आवास से कार्यालय नहीं पहुंच सके तो कुछ खुद निजी कार से किसी तरह कार्यालय पहुंचे, मगर क्षेत्र में भ्रमण नहीं कर सके।
विकास भवन में गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जारी रखा प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ शाखा प्रतापगढ़ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्षता सुषमा कुरील ने की। कुरील ने बताया कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के बाद सीएम ने संविदा पर कार्यरत आंगनबाड़ी, आशा बहू, कम्प्यूटर ऑपरेटर, पीआरडी और रसोइयां आदि को नियमित करने का अाश्वासन दिया है। उधर, महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह के मुताबिक मांग पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं की जाती है तो इस बार पल्स पोलियो दिवस का भी बहिष्कार किया जाएगा।