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Pratapgarh News: मोबाइल एप से होगी मिट्टी की जांच, उर्वरता की मिलेगी सही जानकारी

Fri, 01 Sep 2023 08:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Fri, 01 Sep 2023 08:46 PM IST
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Soil will be tested through mobile app, accurate information about fertility will be available.
किसानों को अब मिट्टी लेकर नहीं जाना होगा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी,
प्रतापगढ़। अब खेतों में मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच कर उर्वरता संबंधित ब्योरा डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से सॉयल हेल्थ कार्ड (एसएचसी) मोबाइल एप लांच किया गया है। एप के माध्यम के कृषि प्राविधिक सहायक गांवों में जाकर किसानों का मोबाइल नंबर, आधार नंबर व खतौनी आदि का विवरण फीड करेंगे। खेत से मिट्टी का नमूना लेकर फोटो एप पर अपलोड करेंगे। पहले चरण में जिले की 179 ग्राम पंचायतों में 100-100 खेतों से मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे।




फसलों का अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की सही जानकारी किसानों को होने पर ही उसके उपाय खोज सकते हैं। खेत की मिट्टी किस प्रकार की फसल के लिए अधिक उपजाऊ है, मिट्टी के अम्लीयता व क्षारीयता की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी भी किसानों को होनी चाहिए।
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खेत के मिट्टी की उर्वरा शक्ति के अनुसार ही फसलों की बोआई करने पर ही अधिक उत्पादन संभव है। मिट्टी के नमूनों को भूमि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पहले जहां किसानों को खुद मिट्टी लेकर प्रयोगशाला जाना पड़ता था, वहीं अब एप के माध्यम से गांव में ही मिट्टी की जांच होने से किसानों को सहूलियत मिलेगी।
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पहले चरण में नौ विकासखंडों में लिए जाएंगे नमूने

पहले चरण के लिए जनपद के नौ विकासखंडों में नौ-नौ ग्राम पंचायतों को चुना गया है। इसके तहत जिले की 1143 ग्राम पंचायतों में 179 ग्राम पंचायतों में मोबाइल एप से नमूने एकत्र किए जाएंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 100-100 नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है। मिट्टी का नमूना क्यूआर कोड के जरिये लिया जाएगा। इसके लिए क्यूआर कोड जनरेट किया गया है। मोबाइल एप से कैसे काम करना है, इस संबंध में कृषि प्राविधिक सहायकों को प्रशिक्षित भी किया गया है।



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किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच करने के लिए अब उन्हें प्रयोगशाला तक नहीं आना होगा, बल्कि कृषि विभाग के कर्मचारी गांव में जाकर स्वयं मिट्टी की जांच करके बताएंगे कि मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है।
- अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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