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स्कूल संचालक ने पीएम व सीएम फंड में दिए सवा छह लाख
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school director gave six a half lakhs in pm and cm funds
- फोटो : PRATAPGARH
कोरोना पीड़ितों के उपचार के लिए एक स्कूल संचालक व समाजसेवी ने पीएम व सीएम रिलीफ फंड में सवा छह लाख रुपये दिए हैं। इतनी बड़ी धनराशि अपनी तरफ से देने पर लोगों ने सराहना की है। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए कई शिक्षकों ने भी क्षमता के अनुसार सीएम रिलीफ फंड में पैसा भेजा है।
कोरोना महामारी से लड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों के बाद समाजसेवी व शिक्षक भी पीएम व सीएम रिलीफ फंड में धनराशि देने के लिए आगे आए हैं। जनप्रतिनिधियाें ने तो अपनी निधि से कोरोना के उपचार के लिए प्रदान की है। लेकिन अब व्यक्तिगत रूप से रिलीफ फंड में पैसा देने की होड़ लग रही है। लालगंज के संडवा दुबान साहबगंज स्थित बाबू संत बक्श ग्रुप आफ इंस्टीट्यूसन्स के चेयरमैन व समाजसेवी डॉ. राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री राहत कोष में पांच लाख रूपए व मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख ग्यारह हजार रूपए देने की घोषणा की है। उन्होने सीएम रिलीफ फंड में उक्त धनराशि आरटीजीएस कर दी है, जबकि पीएम रिलीफ फंड के लिए चेक भेज दिया है। कोरोना पीड़ितों के उपचार के लिए सवा छह लाख रूपए अपनी ओर से दिए जाने की जानकारी पर लोगाें ने इसकी सराहना की है। क्षेत्रीय लोगों ने जिले के व्यापारियों व उद्योगपतियों को समाजसेवी डॉ. राकेश सिंह से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए कई शिक्षक भी आगे आए हैं। परिषदीय शिक्षक प्रभाकर दुबे व विष्णु कुमार सिंह ने सीएम रिलीफ फंड में 11-11 हजार रूपए भेजा है। इसी क्रम में लकुरी के ग्राम प्रधान राकेश चतुर्वेदी ने ग्रामीणों को खाद्यान्न के साथ हर संभव मदद का ऐलान किया है। भटनी के रहने वाले राकेश त्रिपाठी ने पीएम राहत कोष में एक हजार रूपए दिया है। वह एक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करते हैं। कोरोना पीड़ितों की मदद में अब जनप्रतिनिधियाें के अलावा समाजसेवी, शिक्षक व आम जन आगे आकर रिलीफ फंड में क्षमातानुसार योगदान कर रहे हैं।
अस्पताल से लेकर गांव तक बाहर से आने वालों की हुई जांच
परदेश से आने वाले सैकड़ों लोगाें की अस्पताल से लेकर गांव तक जांच की गई। लेकिन अभी तक कोरोना के लक्षण किसी में नही मिलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दिल्ली व हरियाणा में रहने वाले लालगंज इलाके में लोग बड़ी संख्या में घर वापसी कर रहे हैं। इससे अस्पताल से लेकर अफरा तफरी का माहौल है। रविवार को शाम तक परदेश से आने वाले लगभग एक हजार लोगों ने लालगंज सीएचसी में कोरोना की जांच कराई थी। लेकिन यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार की शाम छह बजे के बाद से सोमवार को शाम चार बजे के बीच अस्पताल में लगभग 800 लोगाें में कोरोना के लक्षणाें की जांच की गई। इसमें अधिकतर दिल्ली, मुंबई व हरियाणा से आने वाले लोग शामिल हैं। लालगंज अस्पताल के साथ ही सांगीपुर, रानीगंज कैथौला, धारूपुर, राहाटीकर, घुइसरनाथ धाम, लक्ष्मणपुर, पहाड़पुर आदि इलाकें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परदेश से आने वालाें में कोरोना के लक्षणों की जांच की। हालांकि अभी तक तहसील क्षेत्र में कोरोेना पाजिटिव केस नहीं मिलने से प्रशासन ने राहत की संास ली है। चिकित्सकों ने परदेस से आए लोगों को दस दिनों तक परिजनों व गांव वालों से अलग आइसोलेट रहने का निर्देश दिया है। सभी को बीच बीच में अपनी जांच कराते रहने को कहा गया। लेकिन कई लोग ऐसे भी मिले, जो आइसोलेशन के लिए तैयार नहीं हैं। इससे अन्य लोगों में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है।
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कोरोना महामारी से लड़ाई में दिया एक माह का वेतन
क्षेत्रीय विधायक व कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने सोमवार को अपना एक महीने का वेतन कोरोना आपदा प्रबंधन के लिए प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होने रामपुर खास के लोगों की देखभाल व अस्पताल में चिकित्सकीय सेवा की आवश्यकताआें की पूर्ति के लिए के लिए वेतन दिए जाने का निर्णय लिया है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने बताया कि विधायक मोना मिश्रा ने पहले ही 10 लाख रूपए निधि से दिया था। अब उन्हाेंने कोरोना से जनता की देखभाल के लिए अपना एक माह का वेतन भी आपदा प्रबंधन के लिए अवमुक्त कर दिया है।
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कोरोना महामारी से लड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों के बाद समाजसेवी व शिक्षक भी पीएम व सीएम रिलीफ फंड में धनराशि देने के लिए आगे आए हैं। जनप्रतिनिधियाें ने तो अपनी निधि से कोरोना के उपचार के लिए प्रदान की है। लेकिन अब व्यक्तिगत रूप से रिलीफ फंड में पैसा देने की होड़ लग रही है। लालगंज के संडवा दुबान साहबगंज स्थित बाबू संत बक्श ग्रुप आफ इंस्टीट्यूसन्स के चेयरमैन व समाजसेवी डॉ. राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री राहत कोष में पांच लाख रूपए व मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख ग्यारह हजार रूपए देने की घोषणा की है। उन्होने सीएम रिलीफ फंड में उक्त धनराशि आरटीजीएस कर दी है, जबकि पीएम रिलीफ फंड के लिए चेक भेज दिया है। कोरोना पीड़ितों के उपचार के लिए सवा छह लाख रूपए अपनी ओर से दिए जाने की जानकारी पर लोगाें ने इसकी सराहना की है। क्षेत्रीय लोगों ने जिले के व्यापारियों व उद्योगपतियों को समाजसेवी डॉ. राकेश सिंह से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए कई शिक्षक भी आगे आए हैं। परिषदीय शिक्षक प्रभाकर दुबे व विष्णु कुमार सिंह ने सीएम रिलीफ फंड में 11-11 हजार रूपए भेजा है। इसी क्रम में लकुरी के ग्राम प्रधान राकेश चतुर्वेदी ने ग्रामीणों को खाद्यान्न के साथ हर संभव मदद का ऐलान किया है। भटनी के रहने वाले राकेश त्रिपाठी ने पीएम राहत कोष में एक हजार रूपए दिया है। वह एक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करते हैं। कोरोना पीड़ितों की मदद में अब जनप्रतिनिधियाें के अलावा समाजसेवी, शिक्षक व आम जन आगे आकर रिलीफ फंड में क्षमातानुसार योगदान कर रहे हैं।
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अस्पताल से लेकर गांव तक बाहर से आने वालों की हुई जांच
परदेश से आने वाले सैकड़ों लोगाें की अस्पताल से लेकर गांव तक जांच की गई। लेकिन अभी तक कोरोना के लक्षण किसी में नही मिलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दिल्ली व हरियाणा में रहने वाले लालगंज इलाके में लोग बड़ी संख्या में घर वापसी कर रहे हैं। इससे अस्पताल से लेकर अफरा तफरी का माहौल है। रविवार को शाम तक परदेश से आने वाले लगभग एक हजार लोगों ने लालगंज सीएचसी में कोरोना की जांच कराई थी। लेकिन यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार की शाम छह बजे के बाद से सोमवार को शाम चार बजे के बीच अस्पताल में लगभग 800 लोगाें में कोरोना के लक्षणाें की जांच की गई। इसमें अधिकतर दिल्ली, मुंबई व हरियाणा से आने वाले लोग शामिल हैं। लालगंज अस्पताल के साथ ही सांगीपुर, रानीगंज कैथौला, धारूपुर, राहाटीकर, घुइसरनाथ धाम, लक्ष्मणपुर, पहाड़पुर आदि इलाकें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परदेश से आने वालाें में कोरोना के लक्षणों की जांच की। हालांकि अभी तक तहसील क्षेत्र में कोरोेना पाजिटिव केस नहीं मिलने से प्रशासन ने राहत की संास ली है। चिकित्सकों ने परदेस से आए लोगों को दस दिनों तक परिजनों व गांव वालों से अलग आइसोलेट रहने का निर्देश दिया है। सभी को बीच बीच में अपनी जांच कराते रहने को कहा गया। लेकिन कई लोग ऐसे भी मिले, जो आइसोलेशन के लिए तैयार नहीं हैं। इससे अन्य लोगों में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है।
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कोरोना महामारी से लड़ाई में दिया एक माह का वेतन
क्षेत्रीय विधायक व कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने सोमवार को अपना एक महीने का वेतन कोरोना आपदा प्रबंधन के लिए प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होने रामपुर खास के लोगों की देखभाल व अस्पताल में चिकित्सकीय सेवा की आवश्यकताआें की पूर्ति के लिए के लिए वेतन दिए जाने का निर्णय लिया है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने बताया कि विधायक मोना मिश्रा ने पहले ही 10 लाख रूपए निधि से दिया था। अब उन्हाेंने कोरोना से जनता की देखभाल के लिए अपना एक माह का वेतन भी आपदा प्रबंधन के लिए अवमुक्त कर दिया है।