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आईसीएसई और सीबीएसई का पाठ्यक्रम एक
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:18 AM IST
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- फोटो : demo
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आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड का पाठ्यक्रम समान कर दिया गया है। चालू शिक्षासत्र में कक्षा ग्यारह के बच्चों को एक ही पाठ्यक्रम की पुस्तकें पढ़ने को मिलेंगी। जबकि नए पैटर्न पर बोर्ड परीक्षा वर्ष 2018 में होगी। चालू शिक्षासत्र में पूर्व के वर्षों की भांति परीक्षाएं होगी। आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड में कक्षा ग्यारह और बारह में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एक ही पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकें पढ़नी होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दोनों बोर्डों का पाठ्यक्रम समान कर दिया है। यूपी बोर्ड के तर्ज पर कक्षा ग्यारह और बारह के छात्र-छात्राओं को सभी विषयों की अलग-अलग पुस्तक पढ़नी होगी।
कहने का आशय है कि कक्षा ग्यारह में पढ़ी जाने वाली पुस्तक कक्षा बारह में नहीं पढ़ना होगा, बल्कि कक्षा बारह के दूसरी पुस्तक पढ़नी होगी। चालू शिक्षासत्र से लागू हुई नए पैटर्न की पढ़ाई इसी सत्र से लागू हो रही है, जबकि बोर्ड की परीक्षा वर्ष 2018 में होगी। कक्षा दस पास कर कक्षा ग्यारह में दाखिला लेने वाले बच्चों को नए पाठ्यक्रम की किताबों को पढ़ना होगा। अगले वर्ष कक्षा बारह में पहुंचने पर उन्हें बोर्ड परीक्षा देना होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर पहली बार प्रारंभ हुई नई शिक्षा व्यवस्था अभी इंटरमीडिएट कक्षाओं पर ही लागू की गई है। हाईस्कूल का पाठ्यक्रम बदलने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। दोनों बोर्डों का पाठ्यक्रम एक होेने से अब छात्र-छात्राओं को कॉलेज बदलने में भी कोई परेशानी का सामना नहीं करना होगा।
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कहने का आशय है कि कक्षा ग्यारह में पढ़ी जाने वाली पुस्तक कक्षा बारह में नहीं पढ़ना होगा, बल्कि कक्षा बारह के दूसरी पुस्तक पढ़नी होगी। चालू शिक्षासत्र से लागू हुई नए पैटर्न की पढ़ाई इसी सत्र से लागू हो रही है, जबकि बोर्ड की परीक्षा वर्ष 2018 में होगी। कक्षा दस पास कर कक्षा ग्यारह में दाखिला लेने वाले बच्चों को नए पाठ्यक्रम की किताबों को पढ़ना होगा। अगले वर्ष कक्षा बारह में पहुंचने पर उन्हें बोर्ड परीक्षा देना होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर पहली बार प्रारंभ हुई नई शिक्षा व्यवस्था अभी इंटरमीडिएट कक्षाओं पर ही लागू की गई है। हाईस्कूल का पाठ्यक्रम बदलने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। दोनों बोर्डों का पाठ्यक्रम एक होेने से अब छात्र-छात्राओं को कॉलेज बदलने में भी कोई परेशानी का सामना नहीं करना होगा।
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