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चहेतों को दिया गया स्वरोजगार का मौका
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:21 PM IST
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शासन के आदेश पर एग्रीकल्चर विषय से स्नातक करने वालों को स्वरोजगार देने के लिए आवेदन की मांग की गई थी। सभी ब्लाकों में एक ही व्यक्ति को इस योजना का लाभ विभाग की ओर से मिलना था। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने योजना में चयन के नाम पर जमकर धांधली की।
बाबागंज, लक्ष्मणपुर और विहहार ब्लाक से किसी ने आवेदन ही नहीं किया। बाकी 14 ब्लाक में से 36 लोगों ने एग्रीजेंसन प्रशीक्षण योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग में आवेदन किया था। इनमें से विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने चहेते 14 लोगों का चयन कर लिया। इससे बाकी लोगों में रोष है। इस योजना के तहत चयनित लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद वह अपने ब्लाक में किसी भी बाजार में खाद-बीज के साथ ही कृषि यंत्रों का व्यापार कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें लाइसेंस नहीं बनवाना होगा। सरकार उन्हें व्यापार के लिए अनुदान भी मुहैया कराएगी। ऐसे लोगों को दुकान खोलने के लिए कमरे का खर्च भी विभाग उठाएगा। साथी ही एग्रीजेंसन के नाम से दुकान खोलने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये शासन की ओर से पांच प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा। इस बाबत उपकृषि निदेशक एके विश्वनोई ने बात करने का प्रयास किया गया, संपर्क नहीं हो सका।
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बाबागंज, लक्ष्मणपुर और विहहार ब्लाक से किसी ने आवेदन ही नहीं किया। बाकी 14 ब्लाक में से 36 लोगों ने एग्रीजेंसन प्रशीक्षण योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग में आवेदन किया था। इनमें से विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने चहेते 14 लोगों का चयन कर लिया। इससे बाकी लोगों में रोष है। इस योजना के तहत चयनित लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद वह अपने ब्लाक में किसी भी बाजार में खाद-बीज के साथ ही कृषि यंत्रों का व्यापार कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें लाइसेंस नहीं बनवाना होगा। सरकार उन्हें व्यापार के लिए अनुदान भी मुहैया कराएगी। ऐसे लोगों को दुकान खोलने के लिए कमरे का खर्च भी विभाग उठाएगा। साथी ही एग्रीजेंसन के नाम से दुकान खोलने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये शासन की ओर से पांच प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा। इस बाबत उपकृषि निदेशक एके विश्वनोई ने बात करने का प्रयास किया गया, संपर्क नहीं हो सका।
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