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जागरूकता के अभाव में नहीं मिल रहा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:26 PM IST
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उद्यान विभाग में किसानों से जुड़ी तमाम योजना आती हैं, मगर उनका लाभ उन तक नहीं पहुंच पाता है। कारण यह है कि योजना का प्रचार प्रसार विभाग की ओर से नहीं किया जाता है। विभागीय अधिकारी इसमें रुचि नहीं लेते हैं। योजनाओं को तामझाम के जरिए कागजों पर ही पूर्ण दिखा लिया जाता है। इससे किसानों को जानकारी नहीं हो पाती है।
शासन समय-समय पर किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाता रहता है। इसकी जिम्मेदारी उद्यान विभाग को दी जाती है। तकरीबन हर सप्ताह किसानों के हित में शासन से कोई न कोई योजना जारी होती है, लेकिन विभागीय अधिकारी ही शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। वे किसानों से संबंधित योजनाओं को लेकर चुप्पी साधे रहते हैं। न तो योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाता है और न ही किसानों को ही इसकी जानकारी दी जाती है।
नतीजा यह कि योजनाएं शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। जब शासन का दबाव बढ़ता है तो विभागीय अधिकारी गोलमाल शुरू कर देते हैं। कागजों पर किसी तरह योजनाओं को पूर्ण दिखाकर धन का बंदरबांट का लिया जाता है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो विभाग में तमाम योजनाएं चल रही है, लेकिन इसकी जानकारी उद्यान अधिकारी को छोड़कर किसी को नहीं है। इस बारे में जिला उद्यान अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका फोन नहीं रिसीव हुआ।
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शासन समय-समय पर किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाता रहता है। इसकी जिम्मेदारी उद्यान विभाग को दी जाती है। तकरीबन हर सप्ताह किसानों के हित में शासन से कोई न कोई योजना जारी होती है, लेकिन विभागीय अधिकारी ही शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। वे किसानों से संबंधित योजनाओं को लेकर चुप्पी साधे रहते हैं। न तो योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाता है और न ही किसानों को ही इसकी जानकारी दी जाती है।
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नतीजा यह कि योजनाएं शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। जब शासन का दबाव बढ़ता है तो विभागीय अधिकारी गोलमाल शुरू कर देते हैं। कागजों पर किसी तरह योजनाओं को पूर्ण दिखाकर धन का बंदरबांट का लिया जाता है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो विभाग में तमाम योजनाएं चल रही है, लेकिन इसकी जानकारी उद्यान अधिकारी को छोड़कर किसी को नहीं है। इस बारे में जिला उद्यान अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका फोन नहीं रिसीव हुआ।
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