{"_id":"423a2975c0e1f26578b530e421e73771","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-793","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजधानी से काटी जा रही जिले की बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजधानी से काटी जा रही जिले की बिजली
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन दिनों गरमी से अधिक बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। इससे परीक्षा की तैयारियों में जुटे अभ्यर्थी परेशान हैं। विभाग उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बिजली आने और जाने का कोई समय नहीं है। सुबह सात बजे कटौती के बाद बिजली कब आएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रहता है। अधिकारी कहते हैं कि अघोषित कटौती लखनऊ से की जा रही है।
इस समय बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। रात और दिन दोनो पालियों में अघोषित कटौती की जा रही है। सुबह सात बजे के बाद लाइट गई तो जल्दी आने का नाम नहीं लेती है। अगर आ भी गई तो पलक झपकते ही गुल हो जाती है। रात को आठ बजे के बाद भी यही हाल है। इसका असर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि रोस्टर के बाद भी इस तरह की अघोषित कटौती उचित नहीं हैं। शनिवार को दोपहर बारह बजे के बाद लाइट आई और कुछ देर बाद चली गई। पूछने पर एसडीओ टाउन घनश्याम तिवारी ने बताया कि भुपियामऊ से कटौती की गई है। भुपियामऊ पारेषण के एक्सईएन का कहना है कि इस समय लखनऊ के कहने पर इमरजेंसी कटौती की जा रही है। यह रोकना उनके वश में नहीं है।
विज्ञापन
इस समय बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। रात और दिन दोनो पालियों में अघोषित कटौती की जा रही है। सुबह सात बजे के बाद लाइट गई तो जल्दी आने का नाम नहीं लेती है। अगर आ भी गई तो पलक झपकते ही गुल हो जाती है। रात को आठ बजे के बाद भी यही हाल है। इसका असर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि रोस्टर के बाद भी इस तरह की अघोषित कटौती उचित नहीं हैं। शनिवार को दोपहर बारह बजे के बाद लाइट आई और कुछ देर बाद चली गई। पूछने पर एसडीओ टाउन घनश्याम तिवारी ने बताया कि भुपियामऊ से कटौती की गई है। भुपियामऊ पारेषण के एक्सईएन का कहना है कि इस समय लखनऊ के कहने पर इमरजेंसी कटौती की जा रही है। यह रोकना उनके वश में नहीं है।
विज्ञापन