{"_id":"379dee3db0e8cd36aaf623bd35adfb59","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-693","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंडा में टीका लगने के बाद मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंडा में टीका लगने के बाद मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबागंज पीएचसी के रायअसकरनपुर एएनएम सेंटर पर शनिवार को पेंटा वेलेन वैक्सीन का टीका लगने के कुछ ही घंटों बाद तीन माह की बच्ची की मौत हो गई। सूचना पर पीएचसी बाबागंज से चिकित्सकों की एक टीम पहुंची और वैक्सीन के साथ बच्ची की जांच की। वैक्सीन का सैंपल सुरक्षित रख लिया गया है।
रायअसकरनपुर एएनएम सेंटर पर मिथिला द्विवेदी पेंटा वेलेन वैक्सीन का टीका लगा रही थीं। कई बच्चों के बाद गांव के सुंदरलाल सरोज की पत्नी शिवकुमारी अपनी तीन माह की बच्ची गीता को लेकर सेंटर पर पहुंचीं। उसने एएनएम से टीका लगवाया और घर चली आई। थोड़ी देर बाद उसने बच्ची को देखा तो वह सुस्त हो गई थी। उसने परिजनों से बताया। तब तक बच्ची बेहोश हो गई। इस पर परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने हालत गंभीर देखी तो उसे सरकारी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। जब तक बच्ची को अस्पताल ले जाया जाता उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में चीख पुकार मच गई।
शाम को तो परिजनों को बच्ची की मौत की बात समझ में नहीं आई। सुबह टीके की जानकारी उन्हें हुई तो इसकी सूचना सीधे सीएमओ को दी गई। सीएमओ के निर्देश पर बाबागंज पीएचसी अधीक्षक डा.राजीव त्रिपाठी ने एक टीम का गठन कर गांव भेजा। टीम ने बच्ची की जांच करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही। इस पर परिजनों ने मना कर दिया। टीम ने पूरी जांच से चिकित्सा अधीक्षक को अवगत कराया। इस पर चिकित्सा अधीक्षक ने इसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट सरकार को देते हुए वैक्सीन का सैंपल सुरक्षित रख लिया है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि कई बच्चों को टीका लगा है। सभी स्वस्थ हैं। इस बच्ची पर इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों हुई, इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रायअसकरनपुर एएनएम सेंटर पर मिथिला द्विवेदी पेंटा वेलेन वैक्सीन का टीका लगा रही थीं। कई बच्चों के बाद गांव के सुंदरलाल सरोज की पत्नी शिवकुमारी अपनी तीन माह की बच्ची गीता को लेकर सेंटर पर पहुंचीं। उसने एएनएम से टीका लगवाया और घर चली आई। थोड़ी देर बाद उसने बच्ची को देखा तो वह सुस्त हो गई थी। उसने परिजनों से बताया। तब तक बच्ची बेहोश हो गई। इस पर परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने हालत गंभीर देखी तो उसे सरकारी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। जब तक बच्ची को अस्पताल ले जाया जाता उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में चीख पुकार मच गई।
विज्ञापन
शाम को तो परिजनों को बच्ची की मौत की बात समझ में नहीं आई। सुबह टीके की जानकारी उन्हें हुई तो इसकी सूचना सीधे सीएमओ को दी गई। सीएमओ के निर्देश पर बाबागंज पीएचसी अधीक्षक डा.राजीव त्रिपाठी ने एक टीम का गठन कर गांव भेजा। टीम ने बच्ची की जांच करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही। इस पर परिजनों ने मना कर दिया। टीम ने पूरी जांच से चिकित्सा अधीक्षक को अवगत कराया। इस पर चिकित्सा अधीक्षक ने इसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट सरकार को देते हुए वैक्सीन का सैंपल सुरक्षित रख लिया है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि कई बच्चों को टीका लगा है। सभी स्वस्थ हैं। इस बच्ची पर इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों हुई, इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन