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निजी पैथालॉजी पर दो बार में दो तरह की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:27 PM IST
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निजी पैथालॉजी पर यह हाल है कि एक ही व्यक्ति की दो बार जांच कराने पर अलग-अलग तरह की रिपोर्ट आई। इसके चलते उसके इलाज में देरी हुई तो मरीज को पीजीआई तक जाना पड़ गया। अब ठीक होकर लौटने पर उसने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है। सीएचसी कुंडा के तहत एएनएम सेंटर जमेठी में तैनात एएनएम राजकुमारी विश्वकर्मा की 20 दिसम्बर को अचानक तबीयत खराब हुई तो वह इलाज के लिए सीएचसी कुंडा पहुंची। चिकित्सकों ने उन्हें खून की जांच के लिए लिख दिया।
एक पैथालॉजी लैब पहुंची और जांच कराई। जांच की रिपोर्ट से चिकित्सक संतुष्ट नहीं हुए। इस पर राजकुमारी ने दोबारा वहीं जांच कराई। दूसरी बार में फिर से जांच रिपोर्ट अलग आई। मेडिसिन समय से न मिलने से एएनएम की हालत खराब हो गई। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद ले गए। वहां से चिकित्सकों ने पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया। वहां पर एक माह तक चले इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो सका। ठीक होने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी के साथ ही विभागीय अधिकारियों से इन लैब संचालकों की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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एक पैथालॉजी लैब पहुंची और जांच कराई। जांच की रिपोर्ट से चिकित्सक संतुष्ट नहीं हुए। इस पर राजकुमारी ने दोबारा वहीं जांच कराई। दूसरी बार में फिर से जांच रिपोर्ट अलग आई। मेडिसिन समय से न मिलने से एएनएम की हालत खराब हो गई। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद ले गए। वहां से चिकित्सकों ने पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया। वहां पर एक माह तक चले इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो सका। ठीक होने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी के साथ ही विभागीय अधिकारियों से इन लैब संचालकों की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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