{"_id":"bc8bc15644b2e569fef6f183ae4ac80f","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-453","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहू के लिए सास-ननद ने संभाला मोर्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहू के लिए सास-ननद ने संभाला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरुषों की बराबरी करने वाली महिलाएं अब चुनाव में बूथ पर भी मोर्चा संभालने लगी हैं। शनिवार को लालगंज इलाके के रामगंज भोजपुर बूथ पर एजेंट बनकर बहू के लिए सास और ननद आखिरी क्षण तक जूझती रहीं।
लालगंज इलाके के प्राइमरी स्कूल रामगंज भोजपुर में शनिवार को प्रधान पद के लिए हुए मतदान में बहू के लिए सास और ननद ने अभिकर्ता बनकर न सिर्फ फर्ज अदायगी की, बल्कि एक भी फर्जी मतदान नहीं होने दिया। भोजपुर गांव में प्रधान पद की आठ महिला प्रत्याशी थीं, मगर उनमें सुनीता तिवारी की अभिकर्ता उनकी सास विट्टन तिवारी और ननद शिखा तिवारी बनी हुई थीं।
पूरे चुनाव में यह पहला वाकया देखने को मिला, जब महिला बूथ पर एजेंट के रूप में तैनात रहकर पूरी तरह तटस्थ मिली। बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम पुनीत शुक्ला से उनकी कुछ नोकझोंक भी हुई। उनके हर सवाल का जवाब देने वाली विट्टन और शिखा अंतिम समय तक एक-एक वोट के लिए संघर्ष करती रहीं। बूथ पर महिलाओं को आते देख आगे बढ़कर उनका हाल-चाल पूछतीं और बहू के लिए वोट मांगना नहीं भूलती थीं।
विज्ञापन
दोपहर में भूख लगने के बाद वह घर जाने के बजाय बूथ पर ही लाई-चना खाती दिखीं। फिलहाल मतदान केंद्र पर आने वाले अधिकारी और पुलिसकर्मी मां-बेटी को देखकर उनसे यह अवश्य पूछते कि आप कैसे खड़ी हैं, मगर जवाब मिलते ही वह आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगते थे।
विज्ञापन
लालगंज इलाके के प्राइमरी स्कूल रामगंज भोजपुर में शनिवार को प्रधान पद के लिए हुए मतदान में बहू के लिए सास और ननद ने अभिकर्ता बनकर न सिर्फ फर्ज अदायगी की, बल्कि एक भी फर्जी मतदान नहीं होने दिया। भोजपुर गांव में प्रधान पद की आठ महिला प्रत्याशी थीं, मगर उनमें सुनीता तिवारी की अभिकर्ता उनकी सास विट्टन तिवारी और ननद शिखा तिवारी बनी हुई थीं।
विज्ञापन
पूरे चुनाव में यह पहला वाकया देखने को मिला, जब महिला बूथ पर एजेंट के रूप में तैनात रहकर पूरी तरह तटस्थ मिली। बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम पुनीत शुक्ला से उनकी कुछ नोकझोंक भी हुई। उनके हर सवाल का जवाब देने वाली विट्टन और शिखा अंतिम समय तक एक-एक वोट के लिए संघर्ष करती रहीं। बूथ पर महिलाओं को आते देख आगे बढ़कर उनका हाल-चाल पूछतीं और बहू के लिए वोट मांगना नहीं भूलती थीं।
विज्ञापन
दोपहर में भूख लगने के बाद वह घर जाने के बजाय बूथ पर ही लाई-चना खाती दिखीं। फिलहाल मतदान केंद्र पर आने वाले अधिकारी और पुलिसकर्मी मां-बेटी को देखकर उनसे यह अवश्य पूछते कि आप कैसे खड़ी हैं, मगर जवाब मिलते ही वह आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगते थे।