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चली आवा मइया हो गरीबवा की नगरी...
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:30 PM IST
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चली आवा मइया हो गरीबवा की नगरी, फुलवा चढ़ाउब तोहके भरि भरि अजुरी मा...। नवरात्र में घरों में आदिशक्ति जगदंबा की पूजा कुछ इसी भाव से की जा रही है। भक्त 9 दिन उपवास रखकर मातारानी से सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं। गांवों में सुबह से ही घरों से शंख, घंटी की आवाज सुनाई पड़ती है।
मां की आरती उतारकर पूजन, अर्चन कर रहे हैं। शक्तिपीठ मां बाराही धाम पर बुधवार सुबह से ही भक्तों का तांता दिखा। मां का शृंगार और पूजा के बाद जब द्वार खोला गया तो कतार में खड़े भक्त जयकारा लगाने लगे। नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रम्हचारिणी स्वरूप की पूजा की गई।
वहीं क्षेत्र में सजे मां दुर्गे के पंडाल में मृूर्तियां भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। सुबह शाम पंडालों में माता का पूजन होता है। घंटा व शंखनाद पर अंबे माता की आरती से माहौल भक्तिमय है। पंडाल में माता दुर्गा की मूर्ति के साथ कई अन्य झांकियां भी सजाई गई हैं।
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मां की आरती उतारकर पूजन, अर्चन कर रहे हैं। शक्तिपीठ मां बाराही धाम पर बुधवार सुबह से ही भक्तों का तांता दिखा। मां का शृंगार और पूजा के बाद जब द्वार खोला गया तो कतार में खड़े भक्त जयकारा लगाने लगे। नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रम्हचारिणी स्वरूप की पूजा की गई।
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वहीं क्षेत्र में सजे मां दुर्गे के पंडाल में मृूर्तियां भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। सुबह शाम पंडालों में माता का पूजन होता है। घंटा व शंखनाद पर अंबे माता की आरती से माहौल भक्तिमय है। पंडाल में माता दुर्गा की मूर्ति के साथ कई अन्य झांकियां भी सजाई गई हैं।
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