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प्रतापगढ़: सीजन आते ही स्टेशन पर बढ़ गए अवैध वेंडर
Thu, 04 Apr 2019 12:12 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:12 AM IST
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- फोटो : getty
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ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के साथ ही अवैध वेंडरों का भी आवागमन बढ़ गया है। वैध वेंडरों को ट्रेनों में घुसकर खाद्य सामग्री बेचने पर रोक है जबकि बाहर से आने वाले अवैध वेंडर बेरोकटोक इस काम में लगे हुए हैं। शिकायत करने के बाद भी आरपीएफ के साथ ही स्टेशन प्रशासन उनकी सुन नहीं रहा है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने लगती है। ट्रेनों में भी भीड़-भाड़ होने से स्टेशन के स्टाल दुकानदारों की आमदनी बढ़ जाती है। इसका इंतजार स्टाल दुकानदारों को साल भर रहता है। इस बार गर्मी की शुरुआत होते ही स्टेशन पर अवैध वेंडरों की सरगर्मी बढ़ गई है। स्टाल दुकानदारों के वैध वेंडर ट्रेनों में घुसकर खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं कर पाते जबकि अवैध वेंडर ट्रेनों में घुसकर यह काम कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि स्टेशन पर पानी की बोतल बेचने का लाइसेंस स्टेशन के कुछ दुकानदारों को है लेकिन यात्रियों को ट्रेन में ही पानी की बोतल उपलब्ध करा दी जा रही है। यह पानी की बोतल भी बाहर से लाई जाती है जो रेलवे के मानक पर खरी नहीं है। जीएम के निरीक्षण से पहले रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में घूमने वाले वेंडरों पर शिकंजा कसा गया लेकिन निरीक्षण खत्म होते ही फिर से अवैध वेंडरों ने सेटिंग के जरिए ट्रेनों में घुसकर सामान बेचना शुरू कर दिए हैं।
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काफी दिनों से चल रहा है मामला
स्टेशन पर अवैध वेंडरों की सक्रियता काफी दिनों से चल रही है। यात्रियों को ट्रेन में ही खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध हो जाने से वे ट्रेनों से उतरकर स्टालों पर सामान लेने नहीं आते। ऐसे में स्टाल दुकानदारों की आमदनी पर असर पड़ रहा है। इसके लिए डीआरएम को पत्र भी लिखा गया है। यही नहीं खासतौर से आरपीएफ की दोहरी नीति का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
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गर्मी की शुरुआत के साथ ही स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने लगती है। ट्रेनों में भी भीड़-भाड़ होने से स्टेशन के स्टाल दुकानदारों की आमदनी बढ़ जाती है। इसका इंतजार स्टाल दुकानदारों को साल भर रहता है। इस बार गर्मी की शुरुआत होते ही स्टेशन पर अवैध वेंडरों की सरगर्मी बढ़ गई है। स्टाल दुकानदारों के वैध वेंडर ट्रेनों में घुसकर खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं कर पाते जबकि अवैध वेंडर ट्रेनों में घुसकर यह काम कर रहे हैं।
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स्थिति यह है कि स्टेशन पर पानी की बोतल बेचने का लाइसेंस स्टेशन के कुछ दुकानदारों को है लेकिन यात्रियों को ट्रेन में ही पानी की बोतल उपलब्ध करा दी जा रही है। यह पानी की बोतल भी बाहर से लाई जाती है जो रेलवे के मानक पर खरी नहीं है। जीएम के निरीक्षण से पहले रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में घूमने वाले वेंडरों पर शिकंजा कसा गया लेकिन निरीक्षण खत्म होते ही फिर से अवैध वेंडरों ने सेटिंग के जरिए ट्रेनों में घुसकर सामान बेचना शुरू कर दिए हैं।
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काफी दिनों से चल रहा है मामला
स्टेशन पर अवैध वेंडरों की सक्रियता काफी दिनों से चल रही है। यात्रियों को ट्रेन में ही खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध हो जाने से वे ट्रेनों से उतरकर स्टालों पर सामान लेने नहीं आते। ऐसे में स्टाल दुकानदारों की आमदनी पर असर पड़ रहा है। इसके लिए डीआरएम को पत्र भी लिखा गया है। यही नहीं खासतौर से आरपीएफ की दोहरी नीति का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है।