{"_id":"5c6ef223bdec22738e36ba98","slug":"pratapgarh-homeopathic-and-ayurvedic-hospitals-are-closed-after-noon","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़: दोपहर होते ही बंद हो जाते हैं होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़: दोपहर होते ही बंद हो जाते हैं होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल
Fri, 22 Feb 2019 01:10 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 22 Feb 2019 01:10 AM IST
विज्ञापन
होम्योपैथिक अस्पताल
- फोटो : प्रतापगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पतालों के चिकित्सक योगी सरकार के निर्देशों का मजाक उड़ा रहे हैं। शासन के आदेश के बावजूद चार बजे के बजाए दोपहर दो बजे ही अस्पताल बंद कर दिए जा रहे हैं। सुबह अस्पताल आठ के बजाए दस बजे खोले जा रहे हैं। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। मगर जिम्मेदार अनजान बने बैठे हैं।
योगी सरकार ने दो माह पहले होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पतालों के खुलने और बंद होने के समय में परिवर्तन कर दिया। सुबह आठ के बजाए इन अस्पतालों को दस बजे खोलने के लिए शासन ने आदेश दे दिया। वहीं दोपहर दो बजे के बजाए शाम चार बजे बंद करने को कहा है। मगर बेल्हा में ठीक इसके विपरीत हो रहा है।
चिकित्सक सुबह दस बजे अस्पताल तो पहुंच जाते हैं, मगर दोपहर दो बजे के पहले ही अस्पताल बंदकर फरार हो जाते हैं। जिम्मेदार अफसर कभी इसकी जांच तक नहीं करते हैं। जबकि जिन इलाकों में होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल खुले हैं, वहां मरीजों की भीड़ लगती है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में ही देखा जाए तो प्रतिदिन दो से चार सौ मरीजों की ओपीडी होती है। यही हाल जिला अस्पताल में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल का भी है। चिकित्सक मनमानी पर उतारू हो गए हैं। इस ओर न तो सीएमओ का ध्यान पड़ता है और न ही जिला होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक अधिकारी का। मरीज शिकायत करते रहते हैं, लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं की जाती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
कागज पर चल रहे हैं कई सेंटर
होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पतालों के कई सेंटर कागज पर संचालित हो रहे हैं। चिकित्सक और कर्मचारी भले ही तैनात हैं, मगर वह कभी-कभार ही
अस्पताल जाते हैं। मगर इस ओर किसी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
जिला होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अधिकारी से बात करके इसकी जांच कराई जाएगी। सुबह दस से शाम चार बजे तक अस्पताल संचालित करने के लिए आदेश दिया जाएगा। ऐसा न करने वाले चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
विज्ञापन
योगी सरकार ने दो माह पहले होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पतालों के खुलने और बंद होने के समय में परिवर्तन कर दिया। सुबह आठ के बजाए इन अस्पतालों को दस बजे खोलने के लिए शासन ने आदेश दे दिया। वहीं दोपहर दो बजे के बजाए शाम चार बजे बंद करने को कहा है। मगर बेल्हा में ठीक इसके विपरीत हो रहा है।
विज्ञापन
चिकित्सक सुबह दस बजे अस्पताल तो पहुंच जाते हैं, मगर दोपहर दो बजे के पहले ही अस्पताल बंदकर फरार हो जाते हैं। जिम्मेदार अफसर कभी इसकी जांच तक नहीं करते हैं। जबकि जिन इलाकों में होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल खुले हैं, वहां मरीजों की भीड़ लगती है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में ही देखा जाए तो प्रतिदिन दो से चार सौ मरीजों की ओपीडी होती है। यही हाल जिला अस्पताल में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल का भी है। चिकित्सक मनमानी पर उतारू हो गए हैं। इस ओर न तो सीएमओ का ध्यान पड़ता है और न ही जिला होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक अधिकारी का। मरीज शिकायत करते रहते हैं, लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं की जाती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
कागज पर चल रहे हैं कई सेंटर
होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पतालों के कई सेंटर कागज पर संचालित हो रहे हैं। चिकित्सक और कर्मचारी भले ही तैनात हैं, मगर वह कभी-कभार ही
अस्पताल जाते हैं। मगर इस ओर किसी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
जिला होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक अधिकारी से बात करके इसकी जांच कराई जाएगी। सुबह दस से शाम चार बजे तक अस्पताल संचालित करने के लिए आदेश दिया जाएगा। ऐसा न करने वाले चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।