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प्रतापगढ़: पहले अपात्रों को आवास बांटे, अब रिकवरी का नोटिस
Thu, 07 Mar 2019 01:04 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:04 AM IST
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प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की जेब गरम करके प्रधानमंत्री आवास हड़पने वालों पर अफसरों की गाज गिरी है। जांच में अपात्र मिलने पर 621 लोगों से वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है। इनमें से अधिकांश अपात्र ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी किश्त का भुगतान किया जा चुका है। अब अपात्रों को यह धनराशि वापस करना भारी पड़ रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अभी तक जिले में 52,451 लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों के आवास बनकर तैयार भी हो गए हैं। वर्ष 2016-17, 2017-18 में आवास बांटने में ब्लाक स्तर पर बड़े पैमाने पर खेल हुआ।
शिकायतों के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ कि 17 विकास खंडों में 621 अपात्रों के खाते में आवास की रकम भेजी गई है। प्रधान और सचिवों की जेब गर्म करने वाले इन अपात्रों ने रुपये का सदुपयोग करते हुए आवास का निर्माण भी प्रारंभ कर दिया। अधिकांश अपात्र ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी किश्त का भी भुगतान कर दिया गया है।
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विभागीय अफसरों ने अब सख्त रुख अख्तियार करते हुए अपात्रों से वसूली करने का खाका तैयार किया है। सभी अपात्रों से वसूली की धनराशि का ब्यौरा जारी करते हुए दस दिन के अंदर खाते में जमा करने को कहा है। ऐेसे में आवास की किश्त पाने वाले असमंजस में हैं कि आवास के लिए कर्मचारियों और प्रधानों को दिया गया सुविधा शुल्क हाथ से गया और अब जो धनराशि मिली थी, उसे भी लौटानी पड़ेगी।
मानक दरकिनार कर बांटे गए थे आवास
आवास के लाभार्थियों का चयन मानक को दरकिनार कर किया गया था। बाबागंज विकास खंड के लरु गांव में 210, मंगरौरा के मदाफरपुर ग्राम पंचायत में 117 और बिहार विकास खंड की छह ग्राम पंचायतों में मनचाहे ढंग से आवास बांटे गए थे। जिसमें जांच के बाद 171 लोग अपात्र मिले थे।
प्रधानमंत्री आवास के अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी के लिए पत्र जारी किया गया है, जो लोग रुपये नहीं जमा करते हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
डीआर यादव, परियोजना निदेशक।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अभी तक जिले में 52,451 लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों के आवास बनकर तैयार भी हो गए हैं। वर्ष 2016-17, 2017-18 में आवास बांटने में ब्लाक स्तर पर बड़े पैमाने पर खेल हुआ।
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शिकायतों के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ कि 17 विकास खंडों में 621 अपात्रों के खाते में आवास की रकम भेजी गई है। प्रधान और सचिवों की जेब गर्म करने वाले इन अपात्रों ने रुपये का सदुपयोग करते हुए आवास का निर्माण भी प्रारंभ कर दिया। अधिकांश अपात्र ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी किश्त का भी भुगतान कर दिया गया है।
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विभागीय अफसरों ने अब सख्त रुख अख्तियार करते हुए अपात्रों से वसूली करने का खाका तैयार किया है। सभी अपात्रों से वसूली की धनराशि का ब्यौरा जारी करते हुए दस दिन के अंदर खाते में जमा करने को कहा है। ऐेसे में आवास की किश्त पाने वाले असमंजस में हैं कि आवास के लिए कर्मचारियों और प्रधानों को दिया गया सुविधा शुल्क हाथ से गया और अब जो धनराशि मिली थी, उसे भी लौटानी पड़ेगी।
मानक दरकिनार कर बांटे गए थे आवास
आवास के लाभार्थियों का चयन मानक को दरकिनार कर किया गया था। बाबागंज विकास खंड के लरु गांव में 210, मंगरौरा के मदाफरपुर ग्राम पंचायत में 117 और बिहार विकास खंड की छह ग्राम पंचायतों में मनचाहे ढंग से आवास बांटे गए थे। जिसमें जांच के बाद 171 लोग अपात्र मिले थे।
प्रधानमंत्री आवास के अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी के लिए पत्र जारी किया गया है, जो लोग रुपये नहीं जमा करते हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
डीआर यादव, परियोजना निदेशक।