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प्रतापगढ़: अबकी एम-3 मॉडल ईवीएम से होगा चुनाव
Wed, 27 Mar 2019 12:13 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 27 Mar 2019 12:13 AM IST
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- फोटो : ANI
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जिले में इस वर्ष बंगलौर में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में निर्मित आधुनिक ईवीएम (एम-3) मॉडल से मतदान कराया जाएगा। मशीन की खासियत यह होगी कि एक कंट्रोल यूनिट से 24 ईवीएम मशीनें और वीवीपैट जोड़कर मतदान कराया जा सकता है। इसके साथ ही एक कंट्रोल यूनिट से एक ही लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले 383 मतदाताओं को चुनाव चिन्ह आवंटित किया जा सकता है।
जिले में इस वर्ष आधुनिक ईवीएम मशीन से मतदान होगा। बंगलौर के भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से तैयार एक ईवीएम में 16 बटन होंगे। 15 बटन अलग-अलग चुनाव चिन्ह, जबकि आखिरी बटन नोटा का होगा। अगर प्रत्याशियों की संख्या बढ़ती है तो ईवीएम मशीन को जोड़ा जा सकता है।
एक साथ 24 ईवीएम मशीन जोड़ देने के बाद 383 बटन का प्रयोग किया जा सकता है। ईवीएम मशीन की संख्या बढ़ने पर कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की संख्या में इजाफा नहीं होगा। एक वीवीपैट मशीन से लगभग दो हजार पर्चियां निकलेंगी। यह पर्चियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी और मतगणना के समय आवश्यकता पड़ने पर गिनती होगी। मतदान कार्मिकों को ईवीएम से परिचित कराया जा रहा है। इसके बाद मतदाताओं को भी परिचित कराया जाएगा।
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गांव-गांव में होगा प्रदर्शन
ईवीएम मशीन का प्रदर्शन चुनाव से पहले गांव-गांव में होगा। मतदाता मत डाल करके निष्पक्षता की जांच होगी। अगर किसी मतदाता और प्रत्याशी के मन में कोई शंका है तो वह इसका निवारण भी कर लेंगे।
बोझ बढ़ा, मगर ईवीएम हल्की
जिले के मतदान कर्मियों का बोझ तो इस वर्ष वीवीपैट से बढ़ गया है, मगर ईवीएम का वजन हल्का होगा। नई ईवीएम मशीन में आधुनिक तकनीक से बनी है, इसलिए उसे बूथ तक ले जाने में काफी आसानी होगी।
ईवीएम एम-3 म़ॉडल में है, जिले में पर्याप्त संख्या में आ गई है, मतदान कार्मिकों और मतदाताओं को चुनाव के पहले दिखाया जाएगा। इससे लोगों की भ्रांतियां भी दूर होंगी।
आरएन शर्मा, प्रभारी ईवीएम और प्रिंसिपल जीआईटीआई कुंडा।
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जिले में इस वर्ष आधुनिक ईवीएम मशीन से मतदान होगा। बंगलौर के भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से तैयार एक ईवीएम में 16 बटन होंगे। 15 बटन अलग-अलग चुनाव चिन्ह, जबकि आखिरी बटन नोटा का होगा। अगर प्रत्याशियों की संख्या बढ़ती है तो ईवीएम मशीन को जोड़ा जा सकता है।
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एक साथ 24 ईवीएम मशीन जोड़ देने के बाद 383 बटन का प्रयोग किया जा सकता है। ईवीएम मशीन की संख्या बढ़ने पर कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की संख्या में इजाफा नहीं होगा। एक वीवीपैट मशीन से लगभग दो हजार पर्चियां निकलेंगी। यह पर्चियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी और मतगणना के समय आवश्यकता पड़ने पर गिनती होगी। मतदान कार्मिकों को ईवीएम से परिचित कराया जा रहा है। इसके बाद मतदाताओं को भी परिचित कराया जाएगा।
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गांव-गांव में होगा प्रदर्शन
ईवीएम मशीन का प्रदर्शन चुनाव से पहले गांव-गांव में होगा। मतदाता मत डाल करके निष्पक्षता की जांच होगी। अगर किसी मतदाता और प्रत्याशी के मन में कोई शंका है तो वह इसका निवारण भी कर लेंगे।
बोझ बढ़ा, मगर ईवीएम हल्की
जिले के मतदान कर्मियों का बोझ तो इस वर्ष वीवीपैट से बढ़ गया है, मगर ईवीएम का वजन हल्का होगा। नई ईवीएम मशीन में आधुनिक तकनीक से बनी है, इसलिए उसे बूथ तक ले जाने में काफी आसानी होगी।
ईवीएम एम-3 म़ॉडल में है, जिले में पर्याप्त संख्या में आ गई है, मतदान कार्मिकों और मतदाताओं को चुनाव के पहले दिखाया जाएगा। इससे लोगों की भ्रांतियां भी दूर होंगी।
आरएन शर्मा, प्रभारी ईवीएम और प्रिंसिपल जीआईटीआई कुंडा।