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घर में गेंदे का पौधा लगाइए और मच्छरों को दूर भगाइए

Fri, 26 Aug 2016 11:34 PM IST
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 26 Aug 2016 11:34 PM IST
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क्वॉयल न लिक्विड। बस गेंदा (मैरी गोल्ड) का पौधा लगाइए और मच्छरों को भगाइए। जी हां इसमें वो सारे औषधीय तत्व हैं जो मच्छरों के दुश्मन हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि जिन घरों में गेंदा का पौधा रहता है इसके फूल और पत्तियों की गंध से मच्छर उसके आस-पास टिक नहीं पाते हैं। मच्छरों का लारवा पनप नहीं पाता है। इसके साथ-साथ कई और फूल हैं जिनका इस्तेमाल मच्छर मारने की दवाएं और क्रीम तैयार करने में किया जाता है।
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बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि गेंदा का पौधा अपने अंदर औषधियों का भंडार छिपाए हुए है। हर्बल के नाते पुष्प और पत्तियों का इस्तेमाल देशी नुस्खे के साथ आयुर्वेद की दवाओं में भी किया जाता है। कीडे़ मारने की दवा में गेंदा की अहम भूमिका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पौधा बहुत ही उपयोगी है। इसमें पायरेथ्रम नाम तत्व होता है। जिसकी गंध मात्र से ही मच्छर पास नहीं फटक पाते हैं। इसके अलावा कैविटीन एल्कलॉयड नामक तत्व भी पाया जाता है जिसकी गंध मात्र से मच्छर सुधबुध खो बैठते हैं।
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मालियों तक ही सीमित है गेंदा की बागवानीःगेंदा पौधे की बागवानी की बात की जाए तो यह केवल पुष्पाकर यानि मालियोें तक ही सीमित है। उन्होंने इसको अपना व्यवसाय बना लिया है। शहर में भंगवा, कादीपुर, परशुरामपुर, कीना का पुरवा इलाके में माली परिवार गेंदा की अच्छी बागवानी तैयार कर लेते हैं।
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और भी कई फूल हैं मच्छररोधी
मैरी गोल्ड के अलावा सिट्रानेला, लेमन बाम, कैटनिप, लैवेंडर इत्यादि फूलों के पौधे मच्छर के जानी दुश्मन हैं। इनका भी इस्तेमाल मच्छर मारने की दवा में किया जाता है। इनको घरों में लगाने से न केवल सजावट बढ़ेगी, बल्कि कीटनाशक होने के कारण ये सेहत का भी ध्यान रखेंगे। ये पौधे कहीं से भी इंसानों के लिए अहितकर नहीं हैं। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि गेंदा के अलावा इन फूलों को लगाने से भी मच्छर पास नहीं आते हैं।

मच्छर मारने वाली दवाओं के प्रयोग से खतरा
बाजारों में बिक रही मच्छर मारने वाले दवाएं चाहे वह क्वायल के रूप में हों लिक्विड या क्रीम। इनसे सेहत को नुकसान है। इसकी दवा तैयार करने में कैविटीन एल्कलायड और पायरेथ्रम नामक तत्वों का इस्तेमाल बाकी केमिकलों के साथ किया जाता है। जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन पीएस मिश्रा का दावा है कि इसमें पाए जाने वाले केमिकल की गंध से श्वांस संबधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। दमा, टीबी और हृदय रोगियों को इन सब चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

गेंदा का फूल मच्छरों का विरोधी है। इसमें से निकलने वाली पायरेथ्रम तत्व की गंध से मच्छर आस-पास टिक नहीं पाते हैं। इस माहौल में उनका लारवा भी मर जाता है। इस फूल के अलावा लेमन बाम, कैटनिप,लैवेंडर सिट्रानेला जैसे कई पुष्पी पादप हैं जिनको घरों मे लगाया जा सकता है। जिन से मच्छरों को भगाया जा सकता है।

डॉक्टर अरविंद मिश्रा वनस्पति विज्ञानी।

गेंदा के पौधे में कैविटीन एल्कलाॅयड नामक तत्व होता है जिसका उपयोग मच्छर मारने वाली दवाओं जैसे लिक्विड और क्वायल इत्यादि तैयार करने में किया जाता है। ये तत्व मच्छर को शारीरिक रूप से सुस्त और कमजोर बना देता है। कैविटीन एल्कलाॅयड उनकी उड़ने और डंक मारने की क्षमता को भी कम कर देता है।
डॉक्टर मनोज त्रिपाठी, प्रमुख वैज्ञानिक सनई अनुसंधान केंद्र।



 
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