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पाई-पाई चुकाया, फिर भी बना दिया लाखों का बकाएदार
Mon, 10 Jun 2019 12:41 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 10 Jun 2019 12:41 AM IST
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बिजली बिल
- फोटो : अमर उजाला
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बिजली बिल की पाई-पाई चुकाने के बाद भी बिजली विभाग ने कई उपभोक्ताओं को बकाएदार बना दिया है। विभाग की लापरवाही से कोई तीन लाख का तो कोई छह लाख का बकाएदार बन गया है।
विद्युत विभाग की ओर से बिल की रसीद उपभोक्ताओं के घर पहुंची तो लाखों का बिल देख उनके होश उड़ गए। अब बिल को दुरुस्त कराने के लिए उपभोक्ता कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मगर न तो उनकी कर्मचारी सुन रहे हैं और न ही अफसर। इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
बकाएदारों की सहूलियत लिए विद्युत विभाग ने सरचार्ज माफी योजना का संचालन किया था। जिले के सभी विद्युत वितरण पारेषण खंड में इसके लिए बकायदा काउंटर खोले गए। बड़ी संख्या में बकाएदारों ने रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बिल जमा किया था। मगर बिलिंग के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने जमकर लापरवाही बरती। इसका नतीजा यह रहा कि बिल जमा करने के बाद भी कई लोग अभी बड़े बकाएदार बने हैं।
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रानीगंज क्षेत्र के भटपुरवा गांव निवासी देवीचरण पांडेय रानीगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग द्वारा शुरू की गई सरचार्ज माफी योजना में बकाए का बिल जमा किया था। इसके बाद जितनी भी किश्त आई, माहवार उसका भी हिसाब करते रहे। मगर विभाग ने उन्हें एक लाख का बकाएदार बना दिया। एक लाख के बिल की रसीद उन्हें मिली तो वह परेशान हो उठे। अब बिल दुरुस्त कराने के लिए वह चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनकी सुनी नहीं जा रही है।
अफसर महज आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। इसी तरह रानीगंज बाजार रहने वाले जुग्गू सेठ ने भी सारा बकाया जमा करने के बाद छह लाख के बकाएदार बने हैं। उन्होंने बताया कि बिल दुरुस्त कराने के लिए वह कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, मगर अब तक दुरुस्त नहीं हुआ। इसी तरह शाहपुर के जमीलउद्दीन हर माह बिजली का बिल जमा करते हैं।
मगर बिजली विभाग ने उन्हें साढ़े तीन लाख का बकाएदार बना दिया है। बिल की इतनी बड़ी रकम देखकर वह परेशान हैं। यही हाल शहर के अष्टभुजानगर निवासी रमेश का भी है। उनकी अंबेडकर चौराहे पर किराने की दुकान है। उन्होंने सरचार्ज माफी योजना के तहत एक लाख के करीब बकाया बिल जमा किया। उन्हें भी 4 लाख का बकाएदार बना दिया गया है।
इसके अलावा रानीगंज, कुंडा, लालगंज, सदर विद्युत पारेषण खंड में सैकड़ों उपभोक्ता ऐसे हैं जो विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते बिल दुरुस्त कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिल में त्रुटियां मिली हैं, वह एक्सईएन कार्यालय में पहुंचकर अपना बिल दुरुस्त करा सकते हैं। इसके लिए सभी कार्यालयों को निर्देशित किया गया है।
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विद्युत विभाग की ओर से बिल की रसीद उपभोक्ताओं के घर पहुंची तो लाखों का बिल देख उनके होश उड़ गए। अब बिल को दुरुस्त कराने के लिए उपभोक्ता कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मगर न तो उनकी कर्मचारी सुन रहे हैं और न ही अफसर। इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
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बकाएदारों की सहूलियत लिए विद्युत विभाग ने सरचार्ज माफी योजना का संचालन किया था। जिले के सभी विद्युत वितरण पारेषण खंड में इसके लिए बकायदा काउंटर खोले गए। बड़ी संख्या में बकाएदारों ने रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बिल जमा किया था। मगर बिलिंग के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने जमकर लापरवाही बरती। इसका नतीजा यह रहा कि बिल जमा करने के बाद भी कई लोग अभी बड़े बकाएदार बने हैं।
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रानीगंज क्षेत्र के भटपुरवा गांव निवासी देवीचरण पांडेय रानीगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग द्वारा शुरू की गई सरचार्ज माफी योजना में बकाए का बिल जमा किया था। इसके बाद जितनी भी किश्त आई, माहवार उसका भी हिसाब करते रहे। मगर विभाग ने उन्हें एक लाख का बकाएदार बना दिया। एक लाख के बिल की रसीद उन्हें मिली तो वह परेशान हो उठे। अब बिल दुरुस्त कराने के लिए वह चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनकी सुनी नहीं जा रही है।
अफसर महज आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। इसी तरह रानीगंज बाजार रहने वाले जुग्गू सेठ ने भी सारा बकाया जमा करने के बाद छह लाख के बकाएदार बने हैं। उन्होंने बताया कि बिल दुरुस्त कराने के लिए वह कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, मगर अब तक दुरुस्त नहीं हुआ। इसी तरह शाहपुर के जमीलउद्दीन हर माह बिजली का बिल जमा करते हैं।
मगर बिजली विभाग ने उन्हें साढ़े तीन लाख का बकाएदार बना दिया है। बिल की इतनी बड़ी रकम देखकर वह परेशान हैं। यही हाल शहर के अष्टभुजानगर निवासी रमेश का भी है। उनकी अंबेडकर चौराहे पर किराने की दुकान है। उन्होंने सरचार्ज माफी योजना के तहत एक लाख के करीब बकाया बिल जमा किया। उन्हें भी 4 लाख का बकाएदार बना दिया गया है।
इसके अलावा रानीगंज, कुंडा, लालगंज, सदर विद्युत पारेषण खंड में सैकड़ों उपभोक्ता ऐसे हैं जो विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते बिल दुरुस्त कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिल में त्रुटियां मिली हैं, वह एक्सईएन कार्यालय में पहुंचकर अपना बिल दुरुस्त करा सकते हैं। इसके लिए सभी कार्यालयों को निर्देशित किया गया है।