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जिले में पहली बार किसी विधायक की सदस्यता रद्द
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:59 PM IST
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जनपद में पहली बार किसी विधायक की सदस्यता कोर्ट ने रद्द की है। इस आदेश से सपाइयों में जहां मायूसी है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है। पहले भी सांसद का चुनाव हारने वाले प्रत्याशी न्यायालय में याचिका दाखिल किए, लेकिन नतीजा नहीं आया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पट्टी से कुख्यात डकैत ददुआ के भतीजे व सपा प्रत्याशी रामसिंह पटेल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह को मात्र 156 मतों से हराया था। 955 पोस्टल बैलेट की गिनती की मांग को अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था।
भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह के प्रतिनिधि विनोद पांडेय के मुताबिक ईवीएम की गिनती के बाद कर्मचारियों के मतों की गिनती नहीं कराई गई। 955 पोस्टल बैलेट थे। इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय लखनऊ में याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें लगातार सुनवाई चल रही थी। नौ अगस्त को आए फैसले में किसी विधायक की पहली बार सदस्यता रद की गई है। इस खबर की जानकारी मिलते ही पट्टी के सपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई और भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हो उठे। बताते हैं कि पूर्व में लोकसभा चुनाव की मतगणना कराने के विरोध में भी याचिका दाखिल हुई थी, लेकिन कार्यकाल पूरा होने तक कोई फैसला नहीं आ सका।
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भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह के प्रतिनिधि विनोद पांडेय के मुताबिक ईवीएम की गिनती के बाद कर्मचारियों के मतों की गिनती नहीं कराई गई। 955 पोस्टल बैलेट थे। इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय लखनऊ में याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें लगातार सुनवाई चल रही थी। नौ अगस्त को आए फैसले में किसी विधायक की पहली बार सदस्यता रद की गई है। इस खबर की जानकारी मिलते ही पट्टी के सपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई और भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हो उठे। बताते हैं कि पूर्व में लोकसभा चुनाव की मतगणना कराने के विरोध में भी याचिका दाखिल हुई थी, लेकिन कार्यकाल पूरा होने तक कोई फैसला नहीं आ सका।
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