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अफसरों की लापरवाही से नहीं बनी पार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:17 AM IST
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शहर में पार्किंग की व्यवस्था न होने के लिए अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। हर रोज जिले के अधिकारी शहर में लगने वाले जाम से रूबरू होते हैं, बावजूद इसके समस्या का मुकम्मल इंतजाम करने के बजाय कामचलाऊ व्यवस्था करने का आदेश कागजों पर मातहतों को जारी करते रहते हैं। इसी का नतीजा है कि यह मुसीबत शहर के लिए अब भारी पड़ने लगी है। जिला प्रशासन ने तो जैसे शहर के जाम और सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़ियों की तरफ न देखने की कसम खा ली है। कभी कोई अभियान नहीं चलाया जाता जिससे सड़कों को पार्किंग बनाने वालों को कड़ा सबक मिल सके।
शहर में अतिक्रमण हटाने के दौरान एसडीएम व ईओ के सामने व्यापारियों ने वाहन पार्किंग की समस्या उठाई, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था के लिए दिया गया वादा केवल वादा ही बनकर रह गया। जिसके चलते शहर में आने वाले लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। शहर में बेतरतीब खड़े वाहनों से होने वाली दिक्कतों से अफसर अछूते नही रहे। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर और नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी भी जाम में फंसकर झल्ला उठे, लेकिन उनके साथ चलने वाले सुरक्षाकर्मी उनके लिए रास्ता खाली कराने के लिए भागदौड़ करते हैं। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने का इंतजाम करने वाले अफसर इस समस्या को नजरअंदाज करते रहे। पार्किंग न होने का दंश उपजिलाधिकारी सदर शशिभूषण राय को भी झेलना पड़ता है।
कचहरी रोड, पंजाबी मार्केट से निकलने के दौरान चालक को हूटर बजाना पड़ता है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी उतरकर रास्ता खाली कराते हैं। जाम की समस्या के लिए वाहनों के लिए पार्किंग न होने का कारण भी मानते हैं लेकिन वह भी कोई ठोस इंतजाम नहीं कर सके। हालांकि उनका दावा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान व्यापारियों से किए गए वादे के तहत ही नगर पालिका को वाहन पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। इस दिशा में प्रयास अंतिम चरण में है।
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नपा की तरफ से शहर में वाहन स्टैंड के लिए योजना तो बनी, लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। सभी पूर्व के अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालते रहे। नगर पालिका के ईओ अवधेश यादव के दावे पर यकीन करें तो मकंद्रूगंज जलनिगम व सब्जी मंडी में वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्था कर ली गई है। जल्द ही वाहनों की पार्किंग के लिए चिन्हित स्थान पर संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।
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शहर में अतिक्रमण हटाने के दौरान एसडीएम व ईओ के सामने व्यापारियों ने वाहन पार्किंग की समस्या उठाई, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था के लिए दिया गया वादा केवल वादा ही बनकर रह गया। जिसके चलते शहर में आने वाले लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। शहर में बेतरतीब खड़े वाहनों से होने वाली दिक्कतों से अफसर अछूते नही रहे। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर और नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी भी जाम में फंसकर झल्ला उठे, लेकिन उनके साथ चलने वाले सुरक्षाकर्मी उनके लिए रास्ता खाली कराने के लिए भागदौड़ करते हैं। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने का इंतजाम करने वाले अफसर इस समस्या को नजरअंदाज करते रहे। पार्किंग न होने का दंश उपजिलाधिकारी सदर शशिभूषण राय को भी झेलना पड़ता है।
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कचहरी रोड, पंजाबी मार्केट से निकलने के दौरान चालक को हूटर बजाना पड़ता है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी उतरकर रास्ता खाली कराते हैं। जाम की समस्या के लिए वाहनों के लिए पार्किंग न होने का कारण भी मानते हैं लेकिन वह भी कोई ठोस इंतजाम नहीं कर सके। हालांकि उनका दावा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान व्यापारियों से किए गए वादे के तहत ही नगर पालिका को वाहन पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। इस दिशा में प्रयास अंतिम चरण में है।
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नपा की तरफ से शहर में वाहन स्टैंड के लिए योजना तो बनी, लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। सभी पूर्व के अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालते रहे। नगर पालिका के ईओ अवधेश यादव के दावे पर यकीन करें तो मकंद्रूगंज जलनिगम व सब्जी मंडी में वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्था कर ली गई है। जल्द ही वाहनों की पार्किंग के लिए चिन्हित स्थान पर संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।