{"_id":"576ecf894f1c1be763b48e33","slug":"one-conection-two-bill","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बिल मिलने से परेशान हैं उपभोक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बिल मिलने से परेशान हैं उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
दो बिल मिलने से परेशान हैं उपभोक्ता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली का बिल एक बार वसूलने में विभाग के अधिकारियाें के पसीने छूट जा रहे हैं। बावजूद इसके लापरवाही का आलम यह है कि एक ही उपभोक्ता को दो-बार बिल भेज दिया जा रहा है। जिनका बिल जमा है उनके पास भी बिजली वालाें ने दूसरा बिल भेज दिया है। बिल को ठीक करवाने के लिये वे मुख्यालय पर बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। लापरवाही उजागर होने के बाद अधिकारी यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि जेई और एसडीओ की चूक से ऐसा हुआ है। इसके लिये उपभोक्ता को कई बार दौड़ाया गया, मगर उसके बाद भी बिल ठीक नहीं किया गया। इस भागदौड़ में इतना समय निकल गया कि उपभोक्ता समय से बिल नहीं जमा कर पाया। विभाग की इस लापरवाही से उसका नाम बकायेदारोें की सूची में डाल दिया गया है। अगर उनका समय पर काम नहीं हुआ तो बिजली विभाग उन पर बिल के अतिरिक्त चार्ज लगाकर लंबी वसूलेगा।
विभाग की इसी घोर लापरवाही का नतीजा जिले के करीब आठ सौ उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। इसमें से करीब पांच सौ उपभोक्ता ऐसे हैं जिनको एक महीने के भीतर दो बिल मिले हैं। दोनों के बिल में फर्क भी है। एक में कम तो दूसरे में ज्यादा बिल आया है। दूसरे उपभोक्ता वे हैं जिन्होंने बिल तो जमा किया उनके पास रसीद भी है, मगर विभाग ने उनका नाम बकायेदारों की सूची में डाल दिया है। ऐसे करीब तीन सौ उपभोक्ता अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के जिम्मेदारों ने इनके पैसे को भुगतान वाले लेजर पर चढ़ाने की जरूरत नहीं समझी। जिससे वे विभाग के कर्जदार बन गये हैं। मजे की बात है कि दोनो कटेगरी के उपभोक्ताओं का कनेक्शन संख्या एक होते हुए भी इस तरह की लापरवाही की गई है। जिसका नतीजा आठ सौ उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विभाग की इसी घोर लापरवाही का नतीजा जिले के करीब आठ सौ उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। इसमें से करीब पांच सौ उपभोक्ता ऐसे हैं जिनको एक महीने के भीतर दो बिल मिले हैं। दोनों के बिल में फर्क भी है। एक में कम तो दूसरे में ज्यादा बिल आया है। दूसरे उपभोक्ता वे हैं जिन्होंने बिल तो जमा किया उनके पास रसीद भी है, मगर विभाग ने उनका नाम बकायेदारों की सूची में डाल दिया है। ऐसे करीब तीन सौ उपभोक्ता अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के जिम्मेदारों ने इनके पैसे को भुगतान वाले लेजर पर चढ़ाने की जरूरत नहीं समझी। जिससे वे विभाग के कर्जदार बन गये हैं। मजे की बात है कि दोनो कटेगरी के उपभोक्ताओं का कनेक्शन संख्या एक होते हुए भी इस तरह की लापरवाही की गई है। जिसका नतीजा आठ सौ उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन