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हादसे के दूसरे दिन स्कूल नहीं आए अधिकतर छात्र
Fri, 01 Mar 2019 12:34 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:34 AM IST
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प्राथमिक विद्यालय धधुआ गाजन
- फोटो : प्रतापगढ़
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प्राथमिक विद्यालय की छत ढहने से दो मजदूरों की मौत की घटना से भयभीत दूसरे दिन अधिकतर छात्र पढ़ने नहीं आए। शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल खोलने पहुंच गए, लेकिन परिसर समेत आसपास सन्नाटा पसरा रहा। लालगंज विकास खंड के धधुआ गाजन स्थित प्राथमिक विद्यालय बुधवार को मरम्मत के दौरान छत ढह जाने से पूरे हिमाचल निवासी रामकरन गुप्ता(60) पुत्र शिव रतन व बद्री प्रसाद सरोज(55) पुत्र रामकिशुन मौत हो गई थी।
मौत के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की थी। घटना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया था। दूसरे दिन गुरुवार को स्कूल पहुंचकर शिक्षकों ने निर्धारित समय पर स्कूल खोल दिया। लेकिन स्कूल खुलने के बाद भी बच्चे पढ़ने नहीं आए। हादसे में दो मजदूरों की मौत का खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखने वाले भयभीत नौनिहालों ने स्कूल से दूरी बनाए रखी। दोपहर तक पांच बच्चों ने साहस जुटाया और स्कूल पढ़ने के लिए पहुंचे।
शिक्षकों ने छात्रों को पढ़ने के लिए बुलवाया भी लेकिन वे स्कूल आने का साहस नहीं जुटा सके। ग्रामीण भी स्कूल के आसपास नहीं दिखाई दिए जिससे दिन भर वहां सन्नाटा पसरा रहा। साफ है कि छात्रों व ग्रामीणों का यह खौफनाक मंजर भूलने में अभी वक्त लगेगा। तब तक स्कूल का पठन पाठन बाधित ही रहेगा। बीईओ मो. रिजवान ने बताया कि घटना बहुत ही खौफनाक थी, इसलिए छात्र पढने नही आए। धीरे धीरे स्थित सामान्य होगी तक पठन पाठन पुराने ढर्रे पर आ जाएगा।
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मजदूरों के शव का हुआ अंतिम संस्कार
सगरा सुंदरपुर। धधुआ गाजन प्राथमिक विद्यालय की छत ढहने से बुधवार को पूरे हिमांचल निवासी रामकरन गुप्ता व बद्री प्रसाद सरोज की मौत हो गई थी। देर रात दोनों मजदूरों के शव को पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
गुरुवार की सुबह एक ही जगह से दोनों अर्थियां उठीं तो ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। राते विलखते परिनजों ने मजदूरों के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर अंतिम संस्कार के लिए विदा किया। मजदूरों के शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है।
जांच को नहीं पहुंची शिक्षा विभाग की टीम
सगरा सुंदरपुर। हादसे को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि मामले की जांच के लिए गठित टीम मौके पर नही पहुंचे। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने स्कूल की छत ढहने के बाद दो मजदूरों की मौत होने की जांच करने के लिए बीईओ सुधीर सिंह, गौतम प्रसाद व शंकर सुमन की टीम गठित की है। लेकिन लापरवाह अफसर जांच के लिए अभी नहीं पहुंच सके। दो मजदूरों की मौत की जांच को ठंडे बस्ते में डालना अफसरों की संवेदनहीनता को ही दर्शाता है।
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मौत के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की थी। घटना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया था। दूसरे दिन गुरुवार को स्कूल पहुंचकर शिक्षकों ने निर्धारित समय पर स्कूल खोल दिया। लेकिन स्कूल खुलने के बाद भी बच्चे पढ़ने नहीं आए। हादसे में दो मजदूरों की मौत का खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखने वाले भयभीत नौनिहालों ने स्कूल से दूरी बनाए रखी। दोपहर तक पांच बच्चों ने साहस जुटाया और स्कूल पढ़ने के लिए पहुंचे।
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शिक्षकों ने छात्रों को पढ़ने के लिए बुलवाया भी लेकिन वे स्कूल आने का साहस नहीं जुटा सके। ग्रामीण भी स्कूल के आसपास नहीं दिखाई दिए जिससे दिन भर वहां सन्नाटा पसरा रहा। साफ है कि छात्रों व ग्रामीणों का यह खौफनाक मंजर भूलने में अभी वक्त लगेगा। तब तक स्कूल का पठन पाठन बाधित ही रहेगा। बीईओ मो. रिजवान ने बताया कि घटना बहुत ही खौफनाक थी, इसलिए छात्र पढने नही आए। धीरे धीरे स्थित सामान्य होगी तक पठन पाठन पुराने ढर्रे पर आ जाएगा।
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मजदूरों के शव का हुआ अंतिम संस्कार
सगरा सुंदरपुर। धधुआ गाजन प्राथमिक विद्यालय की छत ढहने से बुधवार को पूरे हिमांचल निवासी रामकरन गुप्ता व बद्री प्रसाद सरोज की मौत हो गई थी। देर रात दोनों मजदूरों के शव को पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
गुरुवार की सुबह एक ही जगह से दोनों अर्थियां उठीं तो ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। राते विलखते परिनजों ने मजदूरों के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर अंतिम संस्कार के लिए विदा किया। मजदूरों के शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है।
जांच को नहीं पहुंची शिक्षा विभाग की टीम
सगरा सुंदरपुर। हादसे को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि मामले की जांच के लिए गठित टीम मौके पर नही पहुंचे। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने स्कूल की छत ढहने के बाद दो मजदूरों की मौत होने की जांच करने के लिए बीईओ सुधीर सिंह, गौतम प्रसाद व शंकर सुमन की टीम गठित की है। लेकिन लापरवाह अफसर जांच के लिए अभी नहीं पहुंच सके। दो मजदूरों की मौत की जांच को ठंडे बस्ते में डालना अफसरों की संवेदनहीनता को ही दर्शाता है।