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तालाबंदी पर किया रेलकर्मियों ने हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:23 AM IST
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प्रतापगढ़। रेलवे स्टेशन के पावर हाउस का एसएससी इंचार्ज मुख्यालय में शनिवार को ताला बंद कर के गायब हो गया। इसके चलते ड्यूटी पर आने वाले कर्मचारी उपास्थिति पंजिका में अपना हास्ताक्षर नहीं कर पा रहे थे। वे ताला बंद देखकर काफी परेशान हो रहे थे। एसएससी की खोज करते रहे मगर वह दूर-दूर तक न तो दिखाई पड़ रहा था और न ही किसी का फोन उठा रहा था। इससे खफा रेल कर्मियों ने ऑफिस के सामने जमकर हंगामा किया।
शनिवार को सुबह आठ बजे ड्यूटी करने कर्मचारी पावर हाउस पहुंचे तो वहां पर ताला लगा था। कर्मचारियों ने फोन किया लेकिन उठा नहीं। लोग ड्यूटी रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए बगैर जाने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि किससे क्या ड्यूटी लेनी है पता नहीं था। इसी बीच शुक्रवार को सेकेंड नाइट ड्यूटी करने वाले ऑफिस पहुंच कर हंगामे में शामिल हो गए। उनका कहना था कि उनके समय में भी ताला बंद था। वे लोग भी उपस्थिति दर्ज कराने से वंचित रह गये हैं। ड्यूटी के दौरान अगर कोई हादसा हो जाता तो कर्मी कैसे साबित करते की वह ड्यूटी पर थे या फिर घर पर।
लोगों में एसएससी के इस रवैये से काफी आक्रोश था। ऑफिस न खुलने से ड्यूटी पर आए कर्मचारियों ने एक पन्ने पर अपने हस्ताक्षर किए। इसी बीच कहीं से ऑफिस की चाभी आई तब जाकर दोपहर को ताला खुला। इस बारे में एसएससी संजय यादव का कहना है कि एसएससी मुख्यालय का आज वीकली रेस्ट था, लेकिन ऑफिस खुलना था। ऐसा नियम नहीं है। चर्चा हो रही थी कि प्रयाग में तैनाती के दौरान जिस एसएससी के अपहरण की अफवाह उड़ी ये वही है। वहां पर भी ये अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में थे। पिंड छुड़ाने के लिए अधिकारियों ने उनकी पोस्टिंग प्रतापगढ़ में कर दी। कर्मियों का आरोप है कि यहां पर भी उनके कार्य और व्यवहार में बदलाव नहीं आया है। ब्यूरो
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शनिवार को सुबह आठ बजे ड्यूटी करने कर्मचारी पावर हाउस पहुंचे तो वहां पर ताला लगा था। कर्मचारियों ने फोन किया लेकिन उठा नहीं। लोग ड्यूटी रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए बगैर जाने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि किससे क्या ड्यूटी लेनी है पता नहीं था। इसी बीच शुक्रवार को सेकेंड नाइट ड्यूटी करने वाले ऑफिस पहुंच कर हंगामे में शामिल हो गए। उनका कहना था कि उनके समय में भी ताला बंद था। वे लोग भी उपस्थिति दर्ज कराने से वंचित रह गये हैं। ड्यूटी के दौरान अगर कोई हादसा हो जाता तो कर्मी कैसे साबित करते की वह ड्यूटी पर थे या फिर घर पर।
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लोगों में एसएससी के इस रवैये से काफी आक्रोश था। ऑफिस न खुलने से ड्यूटी पर आए कर्मचारियों ने एक पन्ने पर अपने हस्ताक्षर किए। इसी बीच कहीं से ऑफिस की चाभी आई तब जाकर दोपहर को ताला खुला। इस बारे में एसएससी संजय यादव का कहना है कि एसएससी मुख्यालय का आज वीकली रेस्ट था, लेकिन ऑफिस खुलना था। ऐसा नियम नहीं है। चर्चा हो रही थी कि प्रयाग में तैनाती के दौरान जिस एसएससी के अपहरण की अफवाह उड़ी ये वही है। वहां पर भी ये अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में थे। पिंड छुड़ाने के लिए अधिकारियों ने उनकी पोस्टिंग प्रतापगढ़ में कर दी। कर्मियों का आरोप है कि यहां पर भी उनके कार्य और व्यवहार में बदलाव नहीं आया है। ब्यूरो
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