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किसके दबाव में फहीम को बचा रही पुलिस ?
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:34 AM IST
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प्रतापगढ़ की पुलिस के कारनामे भी अजीब हैं। एक तरफ पुलिस रात नौ बजते ही शहर बंद करा दे रही है। दुकानदारों को ढूंढ़-ढूंढ़कर पीटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर के एमडीपीजी कालेज के कैंपस में सरेआम छात्रा से छेड़खानी और मारपीट करने वालों को पकड़ने के लिए फुर्सत तक नहीं है। कालेज कैंपस में घुसकर भीड़ के बीच छात्रा से छेड़छाड़ और उसे पीटने की शर्मनाक घटना में पुलिस के टालमटोल रवैए को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर किसके दबाव में पुलिस आरोपी फहीम पर हाथ डालने से कतरा रही है। ऐसी कौन सी वजह है जिसके चलते खाकी ने अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया। दावा किया जा रहा है कि आरोपी को चिह्नित कर लिया गया है और उसकी तलाश में दबिश भी दी गई, लेकिन वह मिला नहीं। तो फिर क्या खाकी ने एक मनचले के आगे घुटने टेक दिए। खाकी के इकबाल को चुनौती देने वाली इस शर्मनाक घटना को लेकर आला अफसरों ने भी चुप्पी साध रखी है।
मंगलवार को एमडीपीजी कालेज में दिव्यांग छात्रा के साथ अश्लील हरकत के साथ मारपीट हुई थी। बाहरी युवक ने अपने साथियों के साथ कालेज के भीतर बवाल काटा था। छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा को पीटा गया था। इस घटना के बाद से कालेज की छात्राएं सहमी हुई हैं। कालेज प्रबंधन ने तो पहले से ही शोहदों के आगे घुटने टेक रखे हैं। अब पुलिस भी मनचलों के आगे सरेंडर करती नजर आ रही है। घटना के बाद से कालेज में केवल ड्रेस पहनकर आने वाले छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है। कालेज प्रशासन सभी पर नजर रखे हुए है, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रबंधतंत्र ने कार्रवाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उल्टे समझौते के लिए प्रयास किया जाने लगा। पुलिस की मानें तो हमले का आरोपी फहीम फ्रैक्चर गैंग का सदस्य है। उसके अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन अब आरोपियों को पुलिस बचाने में जुट गई है। घटना के पांच दिन बाद भी कोतवाली पुलिस के हाथ दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़छाड़ व पीटने वाला नहीं लग सका।
इस टालमटोल को लेकर लोग अब पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस के लिए यह काम मात्र दो घंटों का था, लेकिन कोतवाली पुलिस किसी के दबाव में आरोपियों को पकड़ने से कतरा रही है। पुलिस के लंबे हाथ आखिर मनचलों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि पुलिस बराबर आरोपियों के घर छापेमारी का दावा कर रही है। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ का कहना है कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। आरोपी घर से फरार हैं।
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मंगलवार को एमडीपीजी कालेज में दिव्यांग छात्रा के साथ अश्लील हरकत के साथ मारपीट हुई थी। बाहरी युवक ने अपने साथियों के साथ कालेज के भीतर बवाल काटा था। छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा को पीटा गया था। इस घटना के बाद से कालेज की छात्राएं सहमी हुई हैं। कालेज प्रबंधन ने तो पहले से ही शोहदों के आगे घुटने टेक रखे हैं। अब पुलिस भी मनचलों के आगे सरेंडर करती नजर आ रही है। घटना के बाद से कालेज में केवल ड्रेस पहनकर आने वाले छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है। कालेज प्रशासन सभी पर नजर रखे हुए है, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रबंधतंत्र ने कार्रवाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उल्टे समझौते के लिए प्रयास किया जाने लगा। पुलिस की मानें तो हमले का आरोपी फहीम फ्रैक्चर गैंग का सदस्य है। उसके अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन अब आरोपियों को पुलिस बचाने में जुट गई है। घटना के पांच दिन बाद भी कोतवाली पुलिस के हाथ दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़छाड़ व पीटने वाला नहीं लग सका।
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इस टालमटोल को लेकर लोग अब पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस के लिए यह काम मात्र दो घंटों का था, लेकिन कोतवाली पुलिस किसी के दबाव में आरोपियों को पकड़ने से कतरा रही है। पुलिस के लंबे हाथ आखिर मनचलों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि पुलिस बराबर आरोपियों के घर छापेमारी का दावा कर रही है। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ का कहना है कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। आरोपी घर से फरार हैं।
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