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बैंक में छुट्टी, एटीएम में ताला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 14 May 2017 12:19 AM IST
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atm
- फोटो : amar ujala
महीने का द्वितीय शनिवार होने के कारण बैंकों में बंदी और एटीएम में ताला लटकने के कारण रुपये निकालने के लिए पहुंचने वालों ग्राहकों को परेशान होना पड़ा। एटीएम में ताला लटकने के चलते एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बैंकों में नकदी की समस्या होने से ग्राहकों को तीन-तीन घंटे लाइन में खड़े होने पर सिर्फ 20-20 हजार रुपये मिल रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक से चेस्ट नहीं आने के कारण जिले में नकदी की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों के बैंकों में ग्राहकों को रुपये नहीं मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सहालग का मौसम होने के कारण खातेदार बैंकों और एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं। शहर और गांव के एटीएम की हालत लगभग एक माह से खराब है। शाखा में उमड़ने वाले ग्राहकों को बैंक रुपये नहीं दे पा रहे हैं, एटीएम की बात तो दूर है। लगभग एक माह से एटीएम से रुपये नहीं मिल रहे हैं। इससे ग्राहकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बैंक कर्मी कैशलेस होने पर जोर दे रहे हैं, मगर रोजमर्रा की सामग्रियों को खरीदने के लिए बगैर रुपये काम चलने वाले नहीं हैं। फिलहाल जब तक जिले में चेस्ट नहीं आता है, तब तक नकदी की समस्या बरकरार रहेगी। बीओबी के चीफ मैनेजर आरआर गुप्ता ने बताया कि आरबीआई से चेस्ट नहीं आने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है।
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भारतीय रिजर्व बैंक से चेस्ट नहीं आने के कारण जिले में नकदी की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों के बैंकों में ग्राहकों को रुपये नहीं मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सहालग का मौसम होने के कारण खातेदार बैंकों और एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं। शहर और गांव के एटीएम की हालत लगभग एक माह से खराब है। शाखा में उमड़ने वाले ग्राहकों को बैंक रुपये नहीं दे पा रहे हैं, एटीएम की बात तो दूर है। लगभग एक माह से एटीएम से रुपये नहीं मिल रहे हैं। इससे ग्राहकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बैंक कर्मी कैशलेस होने पर जोर दे रहे हैं, मगर रोजमर्रा की सामग्रियों को खरीदने के लिए बगैर रुपये काम चलने वाले नहीं हैं। फिलहाल जब तक जिले में चेस्ट नहीं आता है, तब तक नकदी की समस्या बरकरार रहेगी। बीओबी के चीफ मैनेजर आरआर गुप्ता ने बताया कि आरबीआई से चेस्ट नहीं आने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है।
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