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Pratapgarh News: ई- प्रिजन्स पोर्टल पर अपलोड हो रही बंदियों की कुंडली
Sat, 08 Apr 2023 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:04 AM IST
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बरेली, चित्रकूट व बांदा जेल में माफियाओं की करतूत उजागर होने के बाद गृह विभाग की ओर से जेल में बंद शातिर बंदियों का आपराधिक इतिहास सुरक्षित कराया जा रहा है। प्रिजन्स पोर्टल पर जेल के अधिकारी व कर्मचारी पुलिस की मदद से शातिरों की कुंडली तैयार कर सुरक्षित कर रहे हैं।
जेल में बंद लगभग 1200 बंदियों में 400 के करीब शातिर बंदियों की कुंडली प्रिजन्स पोर्टल पर एक माह के भीतर अपलोड करने की कवायद चल रही है। नैनी, बांदा, चित्रकूट, बरेली जेल में माफिया अतीक, अशरफ व मुख्तार अंसारी के गुर्गों की मुलाकात के चलते प्रदेश में आपराधिक वारदातें हुई थीं। ऐसी घटनाओं को संज्ञान में लेकर शासन की ओर से जेल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सबसे पहले जेल में बंद शातिर अपराधियों की कुंडली को सुरक्षित करने की कवायद तेज कर दी गई है। पहले चरण में एक माह के भीतर निजी ऑपरेटर की मदद से जेल की अलग- अलग बैरकों में बंद शातिर बंदियों की तत्काल की फोटो, फिंगर व शरीर पर उनके पहचान के निशान का सत्यापन कराया जा रहा है। जेल के अधिकारियों की मदद में पुलिस टीम भी लगी है। कंधई, मानधाता, जेठवारा, कुंडा, नगर कोतवाली, कोहंड़ौर, फतनपुर, आसपुर देवसरा, अंतू, पट्टी, सांगीपुर व लालगंज पुलिस ऐसे शातिर बंदियों के घर का खाका जुटाकर जेल के अधिकारियों को भेजा जा रहा है। जेलर राजेश पांडेय ने बताया कि बंदियों व उनसे मुलाकात करने वालों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। जिसे कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा।
इनसेट
मुलाकातियों का भी डाटा सुरक्षित रहेगा
जेल में बंदियों से मुलाकात करने वाले लोगों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व पता, फोटो के साथ आवेदन काउंटर पर सुरक्षित रखा जाएगा। बंदियों से मुलाकात करने वाले लोगों को मुलाकात का कारण भी बताना आवश्यक कर दिया गया है। शासन की ओर से नई गाइडलाइन जारी होने के बाद शातिर बंदियों को केवल उनके परिजनों से ही मुलाकात कराने की तैयारी अमल में लाई गई है।
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जेल में बंद लगभग 1200 बंदियों में 400 के करीब शातिर बंदियों की कुंडली प्रिजन्स पोर्टल पर एक माह के भीतर अपलोड करने की कवायद चल रही है। नैनी, बांदा, चित्रकूट, बरेली जेल में माफिया अतीक, अशरफ व मुख्तार अंसारी के गुर्गों की मुलाकात के चलते प्रदेश में आपराधिक वारदातें हुई थीं। ऐसी घटनाओं को संज्ञान में लेकर शासन की ओर से जेल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सबसे पहले जेल में बंद शातिर अपराधियों की कुंडली को सुरक्षित करने की कवायद तेज कर दी गई है। पहले चरण में एक माह के भीतर निजी ऑपरेटर की मदद से जेल की अलग- अलग बैरकों में बंद शातिर बंदियों की तत्काल की फोटो, फिंगर व शरीर पर उनके पहचान के निशान का सत्यापन कराया जा रहा है। जेल के अधिकारियों की मदद में पुलिस टीम भी लगी है। कंधई, मानधाता, जेठवारा, कुंडा, नगर कोतवाली, कोहंड़ौर, फतनपुर, आसपुर देवसरा, अंतू, पट्टी, सांगीपुर व लालगंज पुलिस ऐसे शातिर बंदियों के घर का खाका जुटाकर जेल के अधिकारियों को भेजा जा रहा है। जेलर राजेश पांडेय ने बताया कि बंदियों व उनसे मुलाकात करने वालों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। जिसे कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा।
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मुलाकातियों का भी डाटा सुरक्षित रहेगा
जेल में बंदियों से मुलाकात करने वाले लोगों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व पता, फोटो के साथ आवेदन काउंटर पर सुरक्षित रखा जाएगा। बंदियों से मुलाकात करने वाले लोगों को मुलाकात का कारण भी बताना आवश्यक कर दिया गया है। शासन की ओर से नई गाइडलाइन जारी होने के बाद शातिर बंदियों को केवल उनके परिजनों से ही मुलाकात कराने की तैयारी अमल में लाई गई है।
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