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Pratapgarh News: काॅलेज के पीछे फेंकी मिलीं सरकारी दवाएं
Sat, 15 Jul 2023 09:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 15 Jul 2023 09:34 PM IST
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दवाओं को जलाने की भी कोशिश,सीएमओ ने बिठाई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शहर के जोगापुर स्थित मॉडर्न साइंस इंटर कॉलेज के पीछे ब़ड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं फेंकी गई हैं। बच्चों और महिलाओं को बांटने के लिए आयरन और कैल्शियम टैबलेट शामिल है। दवाओं को जलाने का भी प्रयास किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने जांच का निर्देश दिया है।
बता दें, स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों की सेहत को दुरस्त रखने के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों को आयरन, कैल्शियम, विटामिन, कीड़े की दवा तथा फाइलेरिया की रोकथाम के लिए एलमेंडाजाल की दवाएं कॉलेजों को मुहैया कराई जाती हैं।
कई दिनों से जोगापुर में सरकारी दवाओं का ढेर देख हर कोई हैरत में रहा लेकिन पचड़े में कौन फंसे इसलिए किसी से शिकायत भी नही की। कूड़े के ढेर में मिली दवाओं में कई के रैपर जल गए हैं, कई बचे रहे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर आशंका जता रहे हैं कि दवाओं में आग लगाने के पीछे मंशा यह रही होगी कि पूरी तरह से दवाओं का साक्ष्य मिट जाए। फिलहाल शनिवार को सरकारी दवा मिलने की जानकारी मिलते ही सीएमओ ने जांच के लिए टीम गठित कर दी। सीएमओ डॉ.जीएम शुक्ल ने बताया कि वहां पर सरकारी अस्पताल नहीं है,ऐसे में वहां किसने दवा फेंकी। डिप्टी सीएमओ जांच कर इसकी रिपोर्ट देंगे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दवा किस अस्पताल में वितरित होने के लिए गई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शहर के जोगापुर स्थित मॉडर्न साइंस इंटर कॉलेज के पीछे ब़ड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं फेंकी गई हैं। बच्चों और महिलाओं को बांटने के लिए आयरन और कैल्शियम टैबलेट शामिल है। दवाओं को जलाने का भी प्रयास किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने जांच का निर्देश दिया है।
बता दें, स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों की सेहत को दुरस्त रखने के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों को आयरन, कैल्शियम, विटामिन, कीड़े की दवा तथा फाइलेरिया की रोकथाम के लिए एलमेंडाजाल की दवाएं कॉलेजों को मुहैया कराई जाती हैं।
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कई दिनों से जोगापुर में सरकारी दवाओं का ढेर देख हर कोई हैरत में रहा लेकिन पचड़े में कौन फंसे इसलिए किसी से शिकायत भी नही की। कूड़े के ढेर में मिली दवाओं में कई के रैपर जल गए हैं, कई बचे रहे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर आशंका जता रहे हैं कि दवाओं में आग लगाने के पीछे मंशा यह रही होगी कि पूरी तरह से दवाओं का साक्ष्य मिट जाए। फिलहाल शनिवार को सरकारी दवा मिलने की जानकारी मिलते ही सीएमओ ने जांच के लिए टीम गठित कर दी। सीएमओ डॉ.जीएम शुक्ल ने बताया कि वहां पर सरकारी अस्पताल नहीं है,ऐसे में वहां किसने दवा फेंकी। डिप्टी सीएमओ जांच कर इसकी रिपोर्ट देंगे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दवा किस अस्पताल में वितरित होने के लिए गई थी।
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