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चुनाव ने छीनी फलों की मिठास, दामों में भारी उछाल
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 03 Mar 2017 11:10 PM IST
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kiwi fruit
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चुनाव के लिए महुली मंडी खाली कराने के बाद फलों पर महंगाई की मार पड़ गई है। महुली से मंडी क्या हटी फलों के दाम अचानक बढ़ गए। अंगूर, सेब और संतरा जैसे फलों के दामों में बीस से तीस रुपये प्रति किलो मनमानी बढ़ोतरी कर फल व्यापारी लूट मचाए हुए हैं।
दरअसल, महुली मंडी में फल की थोक आढ़तियों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं। लोगों ने बकायदा अपना गोदाम भी बना रखा है। जिसमें फलों को रखा जाता है। ठेले वाले और दुकानदार यहीं से फल खरीदकर ले जाकर जगह-जगह बेचते हैं। विधानसभा चुनाव की मतगणना महुली मंडी में होगी। मतदान के बाद सारी ईवीएम मशीनों को इन्हीं गोदाम में रखा जाना है। इसके लिए प्रशासन ने मतदान के पहले ही मंडी को खाली करवा दिया। वहां से हटने के बाद आढ़तियों ने अपनी दुकानें चिलबिला के पास रंजीतपुर चिलबिला में खोल लीं। वहां से यहां आने का असर फलों पर पड़ा।
आढ़तियों ने देखते ही देखते फलों के दामों में तेजी से इजाफा कर दिया।यहां से महंगे फलों को खरीदकर ले गये ठेले व दुकान वालों ने भी दाम बढ़ाकर बेचना शुरू कर दिया। मालगोदाम पर फलों का ठेला लगाने वाले बब्बू और शेरदिल ने बताया कि चुनाव में आढ़तियों ने ही दाम बढ़ा दिए हैं तो उनको भी महंगा बेचना पड़ रहा है। फलों के आढ़तिया फरीद अहमद ने बताया कि रंजीतपुर चिलबिला में अस्थाई मंडी बनी है। यहां पर फलों को रखने के लिये जगह नहीं है। इसलिये थोड़े फल मंगाये जा रहे हैं। जिससे दिक्कत हो रही है। इसलिये पहले से अब में फलों के दामों में पांच, दस रुपये का अंतर आया है। उस हिसाब से देखा जाए तो ठेलेवाले और दुकानदार चुनाव की आड़ में ग्राहकों से दोगुना दाम वसूल रहे हैं।
दरअसल, महुली मंडी में फल की थोक आढ़तियों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं। लोगों ने बकायदा अपना गोदाम भी बना रखा है। जिसमें फलों को रखा जाता है। ठेले वाले और दुकानदार यहीं से फल खरीदकर ले जाकर जगह-जगह बेचते हैं। विधानसभा चुनाव की मतगणना महुली मंडी में होगी। मतदान के बाद सारी ईवीएम मशीनों को इन्हीं गोदाम में रखा जाना है। इसके लिए प्रशासन ने मतदान के पहले ही मंडी को खाली करवा दिया। वहां से हटने के बाद आढ़तियों ने अपनी दुकानें चिलबिला के पास रंजीतपुर चिलबिला में खोल लीं। वहां से यहां आने का असर फलों पर पड़ा।
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आढ़तियों ने देखते ही देखते फलों के दामों में तेजी से इजाफा कर दिया।यहां से महंगे फलों को खरीदकर ले गये ठेले व दुकान वालों ने भी दाम बढ़ाकर बेचना शुरू कर दिया। मालगोदाम पर फलों का ठेला लगाने वाले बब्बू और शेरदिल ने बताया कि चुनाव में आढ़तियों ने ही दाम बढ़ा दिए हैं तो उनको भी महंगा बेचना पड़ रहा है। फलों के आढ़तिया फरीद अहमद ने बताया कि रंजीतपुर चिलबिला में अस्थाई मंडी बनी है। यहां पर फलों को रखने के लिये जगह नहीं है। इसलिये थोड़े फल मंगाये जा रहे हैं। जिससे दिक्कत हो रही है। इसलिये पहले से अब में फलों के दामों में पांच, दस रुपये का अंतर आया है। उस हिसाब से देखा जाए तो ठेलेवाले और दुकानदार चुनाव की आड़ में ग्राहकों से दोगुना दाम वसूल रहे हैं।
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