{"_id":"64c3e449d5b59d4afe040714","slug":"eye-flu-patients-increased-the-price-of-dark-glasses-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1003-2253-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: आई फ्लू के मरीजों के साथ बढ़ा काले चश्मा का दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: आई फ्लू के मरीजों के साथ बढ़ा काले चश्मा का दाम
Fri, 28 Jul 2023 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 28 Jul 2023 09:22 PM IST
विज्ञापन
बचाव के लिए चश्मा लगाकर घूम रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बचाव के लिए चिकित्सक काला चश्मा लगाने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही दुकानदार अब दाम भी बढ़ा रहे हैं। 50 रुपये में मिलने वाला चश्मा इन दिनों दो से ढाई सौ रुपये में बिक रहा है।
अबतक फोटोक्रोमिक चश्मा बहुत कम ही लोग लगाते थे। जब से आई फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हुई तब से इसकी मांग भी बढ़ गई है। इस बीमारी की चपेट में आने से बचने के लिए लोग पहले से फोटोक्रोमिक चश्मा खरीदकर लगा रहे हैं। अबतक सामान्य काला चश्मा 50 रुपये तक में मिल जाता था, मगर इन दिनों दो से ढाई सौ रुपये तक में लोग खरीद रहे हैं। आंखों में चुभन शुरू होते ही चश्मा खरीदकर लोग लगा लेते हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के नेत्र सर्जन डॉ. विवेक त्रिपाठी ने बताया कि आई फ्लू कोरोना जैसे वायरस है। चश्मा लगाने से आई फ्लू जैसे बीमारी से नहीं बचा जा सकता है। चश्मा लगाने से आंखों में धूल नहीं जाती है। धूल से बचाव के लिए चश्मा लगाने के लिए कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचे रहने के लिए किसी दूसरे की रूमाल को हाथ में न ले। आई फ्लू संक्रमित मरीजों से हाथ मिलाने से बचें। उनके करीब जाने से बचें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बचाव के लिए चिकित्सक काला चश्मा लगाने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही दुकानदार अब दाम भी बढ़ा रहे हैं। 50 रुपये में मिलने वाला चश्मा इन दिनों दो से ढाई सौ रुपये में बिक रहा है।
अबतक फोटोक्रोमिक चश्मा बहुत कम ही लोग लगाते थे। जब से आई फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हुई तब से इसकी मांग भी बढ़ गई है। इस बीमारी की चपेट में आने से बचने के लिए लोग पहले से फोटोक्रोमिक चश्मा खरीदकर लगा रहे हैं। अबतक सामान्य काला चश्मा 50 रुपये तक में मिल जाता था, मगर इन दिनों दो से ढाई सौ रुपये तक में लोग खरीद रहे हैं। आंखों में चुभन शुरू होते ही चश्मा खरीदकर लोग लगा लेते हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के नेत्र सर्जन डॉ. विवेक त्रिपाठी ने बताया कि आई फ्लू कोरोना जैसे वायरस है। चश्मा लगाने से आई फ्लू जैसे बीमारी से नहीं बचा जा सकता है। चश्मा लगाने से आंखों में धूल नहीं जाती है। धूल से बचाव के लिए चश्मा लगाने के लिए कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचे रहने के लिए किसी दूसरे की रूमाल को हाथ में न ले। आई फ्लू संक्रमित मरीजों से हाथ मिलाने से बचें। उनके करीब जाने से बचें।
विज्ञापन