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Pratapgarh News: अपडेट- ब्राह्मणों को साधने की कोशिश, पुरोहितों का अलग मंच...हुआ शंखनाद
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विश्वनाथगंज की जनसभा में बसपा सुप्रीमो ने ब्राह्मण वर्ग की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। शोषित समाज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब ब्राह्मणों की दशा अच्छी नहीं। पहले सपा और अब भाजपा सरकार में इन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सभा में एक अलग मंच पर 51 पुरोहित बैठे थे, जिन्होंने मायावती के आने पर शंखनाद किया।
मायावती ने वैदिक मंत्रोच्चार मंत्रोच्चार के बाद अपना भाषण शुरू किया। कहा कि बसपा ने सर्वसमाज के लोगों को टिकट दिया है। मसलन ब्राह्मण, क्षत्रिय, कुर्मी या यादव हों। जबकि सपा-भाजपा सरकार में उच्च जाति में केवल सामंती लोगों को संतुष्ट किया गया है। इस बहाने उन्होंने प्रतापगढ़ की राजनीति का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिले में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना रहा कि भाजपा और सपा ने पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी मैदान में उतारा। इसी को देखते हुए बसपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया। अपने भाषण से वह ब्राह्मणों को लामबंद करना चाहती हैं। इसी तरह उन्होंने सच्चर कमेटी का हवाला देकर दलितों और अल्पसंख्यकों को भी साधने की कोशिश की।
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क्या तुम्हें पता है...ऐ मोदी तेरी कुर्सी जाने वाली है
सभा में भीड़ को रोकने के लिए महिला गीतकारों ने गीत गाकर भाजपा पर तंज कसा। क्या तुम्हें पता है ऐ मोदी तेरी कुर्सी जाने वाली है...। यूपी को लूट लिया चाय वाले ने...। महिला गीतकारों ने यह गीत गाकर भीड़ को रोके रखा।
भीड़ को अनुशासित रखने के लिए जुटी रही बसपा की अपनी फोर्स
चुनावी जनसभा में जुटी भीड़ को अनुशासित रखने के लिए पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच नीली-सफेद वर्दी में टहलते रहे। जनसभा में महिलाओं के बैठने के लिए अलग बैरिकेडिंग की गई थी। वहीं पुरुषों के बैठने की व्यवस्था दूसरी कतार में थी।
बसपा कर के दिखाती है, घोषणा पत्र नहीं जारी करती
बसपा की राष्ट्रीय मायावती ने कहा कि पार्टी का घोषणा पत्र नहीं होता है। पार्टी जमीनी हकीकत पर काम करने में विश्वास करती है। विपक्षी पार्टियां घोषणा पत्र में लुभावने और गारंटी वाले वायदे करते हैं। चुनाव के बाद वायदों को पूरा नहीं करते हैं। बसपा कहने में कम, करने में ज्यादा विश्वास करती है।
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मायावती ने वैदिक मंत्रोच्चार मंत्रोच्चार के बाद अपना भाषण शुरू किया। कहा कि बसपा ने सर्वसमाज के लोगों को टिकट दिया है। मसलन ब्राह्मण, क्षत्रिय, कुर्मी या यादव हों। जबकि सपा-भाजपा सरकार में उच्च जाति में केवल सामंती लोगों को संतुष्ट किया गया है। इस बहाने उन्होंने प्रतापगढ़ की राजनीति का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिले में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना रहा कि भाजपा और सपा ने पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी मैदान में उतारा। इसी को देखते हुए बसपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया। अपने भाषण से वह ब्राह्मणों को लामबंद करना चाहती हैं। इसी तरह उन्होंने सच्चर कमेटी का हवाला देकर दलितों और अल्पसंख्यकों को भी साधने की कोशिश की।
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क्या तुम्हें पता है...ऐ मोदी तेरी कुर्सी जाने वाली है
सभा में भीड़ को रोकने के लिए महिला गीतकारों ने गीत गाकर भाजपा पर तंज कसा। क्या तुम्हें पता है ऐ मोदी तेरी कुर्सी जाने वाली है...। यूपी को लूट लिया चाय वाले ने...। महिला गीतकारों ने यह गीत गाकर भीड़ को रोके रखा।
भीड़ को अनुशासित रखने के लिए जुटी रही बसपा की अपनी फोर्स
चुनावी जनसभा में जुटी भीड़ को अनुशासित रखने के लिए पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच नीली-सफेद वर्दी में टहलते रहे। जनसभा में महिलाओं के बैठने के लिए अलग बैरिकेडिंग की गई थी। वहीं पुरुषों के बैठने की व्यवस्था दूसरी कतार में थी।
बसपा कर के दिखाती है, घोषणा पत्र नहीं जारी करती
बसपा की राष्ट्रीय मायावती ने कहा कि पार्टी का घोषणा पत्र नहीं होता है। पार्टी जमीनी हकीकत पर काम करने में विश्वास करती है। विपक्षी पार्टियां घोषणा पत्र में लुभावने और गारंटी वाले वायदे करते हैं। चुनाव के बाद वायदों को पूरा नहीं करते हैं। बसपा कहने में कम, करने में ज्यादा विश्वास करती है।