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परीक्षा देने जाना होगा तीस किमी दूर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:26 PM IST
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस वर्ष परीक्षार्थियों तीस किमी दूर परीक्षा देने जाने होगा। ऐसा जिले में परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने और परीक्षा केंद्रों की संख्या में कमी होने के कारण होगा। जबकि यूपी बोर्ड ने पांच किमी की परिधि परीक्षा केंद्र बनाने का निर्देश दिया था।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2016 में शामिल होने के लिए 1,66,689 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। जबकि वर्ष 2015 में 1,56,472 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिला प्रशासन ने वर्ष 2015 की बोर्ड परीक्षा कराने के लिए 367 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया था। वर्ष 2016 की परीक्षा में शामिल होने के लिए 10,217 परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ गई है। इसके बाद भी परीक्षा केंद्रों की संख्या घटाकर 357 कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पडे़गा। परीक्षार्थी अधिक होने और परीक्षा केंद्र कम होने से यह स्पष्ट है कि परीक्षार्थियों को दूर कॉलेजों में परीक्षा देने जाने होगा।
यूपी बोर्ड ने केंद्र निर्धारण नीति जारी करते हुए कहा था कि किसी भी परीक्षार्थी को पांच किमी से अधिक दूर परीक्षा देने नहीं जाना होगा। आनलाइन फीडिंग में भी कॉलेजों से पांच किमी की परिधि के कॉलेजों का नाम मांगा गया था। मगर आनलाइन केंद्र निर्धारण व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण ऑफलाइन केंद्रों का निर्धारण किया गया है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि परीक्षार्थियों को अधिक दूर परीक्षा देने नहीं जाना होगा, बल्कि निकट स्कूलों में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि नए स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया गया है। जिन स्कूलों की छवि नहीं ठीक है, उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया गया है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2016 में शामिल होने के लिए 1,66,689 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। जबकि वर्ष 2015 में 1,56,472 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिला प्रशासन ने वर्ष 2015 की बोर्ड परीक्षा कराने के लिए 367 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया था। वर्ष 2016 की परीक्षा में शामिल होने के लिए 10,217 परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ गई है। इसके बाद भी परीक्षा केंद्रों की संख्या घटाकर 357 कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पडे़गा। परीक्षार्थी अधिक होने और परीक्षा केंद्र कम होने से यह स्पष्ट है कि परीक्षार्थियों को दूर कॉलेजों में परीक्षा देने जाने होगा।
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यूपी बोर्ड ने केंद्र निर्धारण नीति जारी करते हुए कहा था कि किसी भी परीक्षार्थी को पांच किमी से अधिक दूर परीक्षा देने नहीं जाना होगा। आनलाइन फीडिंग में भी कॉलेजों से पांच किमी की परिधि के कॉलेजों का नाम मांगा गया था। मगर आनलाइन केंद्र निर्धारण व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण ऑफलाइन केंद्रों का निर्धारण किया गया है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि परीक्षार्थियों को अधिक दूर परीक्षा देने नहीं जाना होगा, बल्कि निकट स्कूलों में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि नए स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया गया है। जिन स्कूलों की छवि नहीं ठीक है, उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया गया है।
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