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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   voting on non confidance proposal today

बचेगी कुर्सी या सत्ता पक्ष के ब्लाक प्रमुख होंगे पैदल

Tue, 19 Sep 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Tue, 19 Sep 2017 11:45 PM IST
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स्थानीय ब्लाक प्रमुख पद के लिए महीने भर से चल रही जोर आजमाइश बुधवार को समाप्त हो जाएगी। 72 क्षेत्र पंचायत सदस्य यह फैसला करेंगे कि ब्लाक प्रमुख की कुर्सी बचेगी या फिर कांग्रेसी गढ़ में उनका किला जमींदोज हो जाएगा। मंगलवार को प्रमुख पक्ष व अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला खेमा सदस्याें को अपने अपने पाले में करने की जद्दोजहद करते दिखाई दिए। प्रशासन ने भी तैयारियाें को पूरी करने के बाद शाम को अविश्वास प्रस्ताव की संपूर्ण प्रक्रिया का रिहर्सल किया।
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डेढ़ साल पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद हुए ब्लाक प्रमुख के चुनाव में लालगंज विकास खंड में रमेश प्रताप सिंह निर्वाचित हुए थे। निर्वाचन के बाद वह सपा समर्थित प्रमुख होने का दावा कर रहे थे। लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में उनके भाई नागेश प्रताप सिंह ने भाजपा का दामन थाम कर रामपुर खास से चुनाव लड़कर किस्मत आजमाई, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी आराधना मिश्रा मोना के हाथाें उनका हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद रमेश प्रताप सिंह पर सत्ता पक्ष का प्रमुख होने का ठप्पा लग गया। डेढ़ साल तक तो सबकुछ ठीक ठाक चला लेकिन बीती 22 अगस्त को जिलाधिकारी के समक्ष बीडीसी सदस्य सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में सदस्याें ने ब्लाक प्रमुख के प्रति अविश्वास व्यक्त कर दिया। दूसरे दिन प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने भी बहुमत होने का दावा करते हुए जिलाधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद से बैठक को लेकर ऊहापोह की स्थित बन गई। प्रशासन के सत्ता के दबाव में काम करने की आशंका पर अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सुरेंद्र सिंह हाईकोर्ट पहुंच गए। जिस पर हाईकोर्ट ने बीस सितंबर को ही अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक कराए जाने आदेश दे दिया। हाईकोर्ट का आदेश मिलते ही जिला प्रशासन के होश उड़ गए और आनन फानन में तैयारियाें शुरू कर दी। मंगलवार को सीआरओ रामसिंह के साथ एएसपी व एसडीएम ने ब्लाक सभागार पहुंचकर तैयारियाें को अंतिम रूप दिया। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। कर्मचारियाें व बीडीसी सदस्याें को छोड़कर किसी को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। ब्लाक के सामने लालगंज-कालाकांकर मार्ग पर आवागमन डायवर्ट रहेगा। बीडीसी सदस्यों को सभागार में दो नंबर गेट से प्रवेश मिलेगा और मतदान के बाद पीछे वाले गेट से बाहर जाना होगा। प्रात: 11 बजे से 1 बजे तक सदन में बहस होगी और इसके बाद मतदान और मतगणना कराई जाएगी। अविश्वास से एक दिन पहले इलाके में गहमागहमी का माहौल रहा। दोनों पक्ष बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में करने की जद्दोजहद करते दिखाई दिए। लेकिन लालगंज में सत्ता पक्ष के प्रमुख की कुर्सी बचेगी या फिर कांग्रेसी गढ़ में उनका किला जमींदोज हो जाएगा। बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे तक परिणाम आने पर ही यह साफ हो सकेगा।
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