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सत्रह साल बाद भी नहीं सुलझा मारपीट का केस
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Mon, 26 Dec 2016 12:36 AM IST
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फौजदारी के छोटे-मोटे मामलों का निपटारा होने में भी लंबा वक्त बीत रहा है। अदालतों में इतने मुकदमे हैं कि उनका निपटारा करना भारी पड़ रहा है। मारपीट और गाली गलौज का एक मामला जेएम कोर्ट में 17 वर्षों से लंबित है, मगर अभी तक सिर्फ तारीख लग रही है।
फौजदारी के मामलों की तेजी से सुनवाई करने वाली कोर्ट पर इतना अधिक काम का दबाव रहता है कि वह तारीख के सिवा गवाही और जिरह के मामलों को आगे बढ़ा ही नहीं पाती है। अंतू इलाके के पूरेभैया (तिवारीपुर) गांव निवासी लल्लन हरिजन की गांव के ही लोगों ने गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडे से जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने अपनी विवेचना के बाद दो आरोपियों को दोषी पाते हुए 16 नवंबर 2000 को चार्जशीट न्यायालय भेज दी। इसके बाद तारीख का दौर बराबर चलता रहा। जेएम कोर्ट में चल रही सुनवाई में अभी तक गवाहों के बयान भी नहीं हो पाए हैं। पीड़ित आरोपियों को सबक सिखाने के लिए प्रत्येक तारीख पर न्यायालय पहुंच रहा है, मगर कभी हड़ताल, तो कभी तारीख मिल रही है।
फौजदारी के मामलों की तेजी से सुनवाई करने वाली कोर्ट पर इतना अधिक काम का दबाव रहता है कि वह तारीख के सिवा गवाही और जिरह के मामलों को आगे बढ़ा ही नहीं पाती है। अंतू इलाके के पूरेभैया (तिवारीपुर) गांव निवासी लल्लन हरिजन की गांव के ही लोगों ने गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडे से जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने अपनी विवेचना के बाद दो आरोपियों को दोषी पाते हुए 16 नवंबर 2000 को चार्जशीट न्यायालय भेज दी। इसके बाद तारीख का दौर बराबर चलता रहा। जेएम कोर्ट में चल रही सुनवाई में अभी तक गवाहों के बयान भी नहीं हो पाए हैं। पीड़ित आरोपियों को सबक सिखाने के लिए प्रत्येक तारीख पर न्यायालय पहुंच रहा है, मगर कभी हड़ताल, तो कभी तारीख मिल रही है।
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