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ऑनर किलिंगः गिरफ्तार किया गया बेटी का हत्यारोपी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:41 PM IST
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पट्टी कोतवाली क्षेत्र के धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने पिता राकेश सिंह को गुरुवार भोर में उड़ैयाडीह मोड़ से धर दबोचा। पुलिस ने संजू को बंधक बनाने के मुकदमे को हत्या में तरमीम कर दिया। पुलिस का दावा है कि संजू को पिता राकेश व परिवार के लोगों ने गैर बिरादरी के युवक से शादी करने पर उसे जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय पुत्र भाष्कर पांडेय शहर के ही एक कालेज से बीकाम कर रहा है। इस दौरान धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह पुत्री राकेश कुमार सिंह से उसके प्रेम संबंध हो गए। राकेश एक इंटर कालेज में शिक्षक हैं। एक जुलाई को आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद हाईकोर्ट में भी दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी। इसके बाद संजू को उसके परिजन एक सप्ताह की बात कहकर मायके लाए। हालांकि इसके बाद उसे जाने नहीं दे रहे थे।
सौरभ ने मामले की शिकायत की। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस कार्रवाई में जुटी लेकिन संजू को बचाया नहीं जा सका। पति सौरभ की तहरीर पर पुलिस ने पिता राकेश के खिलाफ संजू को बंधक बनाने व प्रताड़ित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। आखिरकार बुधवार को घर के भीतर ही संजू का शव मिला। पुलिस के मुताबिक ये ऑनर किलिंग का मामला था। घर छोड़कर फरार राकेश की तलाश में पुलिस दबिश देती रही। भोर में उड़ैयाडीह मोड़ से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रभारी कोतवाल राजकिशोर का दावा है कि बेटी संजू ने गैर बिरादरी के युवक से चुपचाप शादी कर ली थी। वह बिना किसी को बताए घर से भागकर सौरभ के पास चली गई। जिससे गांव व समाज में राकेश की बदनामी हुई। इससे राकेश के सम्मान को ठेस पहुंची थी। इसलिए उसने साजिश के तहत संजू को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण जहरबताया गया।
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डाक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने का सुझाव दिया। जबकि बेटी के हत्यारोपी पिता राकेश सिंह का कहना है कि संजू ने खुद ही जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव मायकेवालों के हवाले कर दिया।
सवा पांच साल की प्रेम कहानी महज 22 दिन रह सके साथ
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले सौरभ व संजू की सवा पांच साल का प्यार एक ही झटके में खत्म हो गया। पढ़ाई के दौरान एक दूसरे को दिल देने वाले सौरभ और संजू ने 1 जुलाई 2016 को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद भी वे एक दूसरे के साथ महज 22 दिन ही साथ रह सके। संजू परिजनों के धोखे का शिकार हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पट्टी पुलिस लापरवाही बनी रही।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय पुत्र भाष्कर पांडेय शहर के एक कालेज में बीकाम कर रहा था। उसी कालेज में धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह पुत्री राकेश कुमार सिंह ने भी बीएड प्रशिक्षण के लिए दाखिला लिया था। 7 जुलाई वर्ष 2011 को दोनों की नजरें मिली और वे एक दूसरे को दिल दे बैठे। धीरे-धीरे दोनों की मोहब्बत बढ़ती ही गई।
वे जब तक एक दूसरे को देखकर बातचीत न कर लें तब तक तड़पते रहते थे। दिनोंदिन उनका इश्क परवान चढ़ता गया। एक जुलाई 2016 को दोनों ने इलाहाबाद में पांच दरीबा स्थित आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद संजू घर लौट आई। इस बात की परिवार के लोगों को भनक तक नहीं लगी। सौरभ आगे की पढ़ाई के सिलसिले में लखनऊ चला गया। वहीं रहकर वह तैयारी करने के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। सौरभ की मानें तो संजू की आगे की पढ़ाई के लिए उसने कानपुर से एमएड करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बीच संजू उसके साथ रहने के लिए जिद करने लगी। 18 सितंबर को संजू सराय छिवलहा से लखनऊ आशियाना सौरभ के पास पहुंच गई। सौरभ ने 20 सितंबर 2016 को उसके साथ कोर्ट मैरिज की। इस बात की जानकारी संजू के परिवार वालों को हो गई थी।
वे संजू से मोबाइल पर बात करने लगे। आठ अक्तूबर 2016 को संजू के परिजन लखनऊ पहुंच गए। वे तीन दिनों तक उसके साथ रहे। इस बीच समाज के लोगों के बीच गलत संदेश जाने व उसे दूर करने के लिए संजू को अपने साथ विदा कराकर ले गए। वादा किया था कि वे एक सप्ताह के भीतर संजू को वापस छोड़ जाएंगे। कुछ दिनों तक उसे सराय छिवलहा में रखा। बाद में उसे लेकर जबलपुर चले गए। इस बीच कभी कभार ही संजू से सौरभ बात कर पाता था। संजू परिजनों की प्रताड़ना की शिकायत उससे करती रही। बातचीत के दौरान संजू बताती थी कि हो न हो उसके परिजन उसकी जान ले लेंगे। यह बात सामने आई तो सौरभ ने उच्च न्यायालय में 24 अक्तूबर 2016 को याचिका दाखिल करते हुए पत्नी की सकुशल विदाई की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को मामले में कार्रवाई करते हुए 3 नवंबर तक संजू को न्यायालय में सकुशल पहुंचाने का निर्देश दिया था। वह कोर्ट का आदेश लेकर 28 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक से मिला। एसपी के आदेश पर प्रभारी कोतवाल पट्टी ने संजू के परिजनों को 29 अक्तूबर को तलब कर लिया। संजू की तमाम जिद के बाद भी पिता के साथ पुलिस ने घर भेज दिया। तय हुआ कि बुधवार को वह संजू को साथ लेकर जाएगा। उस दिन संजू की घर में लाश मिली। परिजन घर छोड़कर फरार हैं।
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पट्टी कोतवाली क्षेत्र के असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय पुत्र भाष्कर पांडेय शहर के ही एक कालेज से बीकाम कर रहा है। इस दौरान धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह पुत्री राकेश कुमार सिंह से उसके प्रेम संबंध हो गए। राकेश एक इंटर कालेज में शिक्षक हैं। एक जुलाई को आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद हाईकोर्ट में भी दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी। इसके बाद संजू को उसके परिजन एक सप्ताह की बात कहकर मायके लाए। हालांकि इसके बाद उसे जाने नहीं दे रहे थे।
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सौरभ ने मामले की शिकायत की। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस कार्रवाई में जुटी लेकिन संजू को बचाया नहीं जा सका। पति सौरभ की तहरीर पर पुलिस ने पिता राकेश के खिलाफ संजू को बंधक बनाने व प्रताड़ित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। आखिरकार बुधवार को घर के भीतर ही संजू का शव मिला। पुलिस के मुताबिक ये ऑनर किलिंग का मामला था। घर छोड़कर फरार राकेश की तलाश में पुलिस दबिश देती रही। भोर में उड़ैयाडीह मोड़ से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रभारी कोतवाल राजकिशोर का दावा है कि बेटी संजू ने गैर बिरादरी के युवक से चुपचाप शादी कर ली थी। वह बिना किसी को बताए घर से भागकर सौरभ के पास चली गई। जिससे गांव व समाज में राकेश की बदनामी हुई। इससे राकेश के सम्मान को ठेस पहुंची थी। इसलिए उसने साजिश के तहत संजू को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण जहरबताया गया।
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डाक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने का सुझाव दिया। जबकि बेटी के हत्यारोपी पिता राकेश सिंह का कहना है कि संजू ने खुद ही जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव मायकेवालों के हवाले कर दिया।
सवा पांच साल की प्रेम कहानी महज 22 दिन रह सके साथ
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले सौरभ व संजू की सवा पांच साल का प्यार एक ही झटके में खत्म हो गया। पढ़ाई के दौरान एक दूसरे को दिल देने वाले सौरभ और संजू ने 1 जुलाई 2016 को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद भी वे एक दूसरे के साथ महज 22 दिन ही साथ रह सके। संजू परिजनों के धोखे का शिकार हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पट्टी पुलिस लापरवाही बनी रही।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय पुत्र भाष्कर पांडेय शहर के एक कालेज में बीकाम कर रहा था। उसी कालेज में धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह पुत्री राकेश कुमार सिंह ने भी बीएड प्रशिक्षण के लिए दाखिला लिया था। 7 जुलाई वर्ष 2011 को दोनों की नजरें मिली और वे एक दूसरे को दिल दे बैठे। धीरे-धीरे दोनों की मोहब्बत बढ़ती ही गई।
वे जब तक एक दूसरे को देखकर बातचीत न कर लें तब तक तड़पते रहते थे। दिनोंदिन उनका इश्क परवान चढ़ता गया। एक जुलाई 2016 को दोनों ने इलाहाबाद में पांच दरीबा स्थित आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद संजू घर लौट आई। इस बात की परिवार के लोगों को भनक तक नहीं लगी। सौरभ आगे की पढ़ाई के सिलसिले में लखनऊ चला गया। वहीं रहकर वह तैयारी करने के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। सौरभ की मानें तो संजू की आगे की पढ़ाई के लिए उसने कानपुर से एमएड करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बीच संजू उसके साथ रहने के लिए जिद करने लगी। 18 सितंबर को संजू सराय छिवलहा से लखनऊ आशियाना सौरभ के पास पहुंच गई। सौरभ ने 20 सितंबर 2016 को उसके साथ कोर्ट मैरिज की। इस बात की जानकारी संजू के परिवार वालों को हो गई थी।
वे संजू से मोबाइल पर बात करने लगे। आठ अक्तूबर 2016 को संजू के परिजन लखनऊ पहुंच गए। वे तीन दिनों तक उसके साथ रहे। इस बीच समाज के लोगों के बीच गलत संदेश जाने व उसे दूर करने के लिए संजू को अपने साथ विदा कराकर ले गए। वादा किया था कि वे एक सप्ताह के भीतर संजू को वापस छोड़ जाएंगे। कुछ दिनों तक उसे सराय छिवलहा में रखा। बाद में उसे लेकर जबलपुर चले गए। इस बीच कभी कभार ही संजू से सौरभ बात कर पाता था। संजू परिजनों की प्रताड़ना की शिकायत उससे करती रही। बातचीत के दौरान संजू बताती थी कि हो न हो उसके परिजन उसकी जान ले लेंगे। यह बात सामने आई तो सौरभ ने उच्च न्यायालय में 24 अक्तूबर 2016 को याचिका दाखिल करते हुए पत्नी की सकुशल विदाई की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को मामले में कार्रवाई करते हुए 3 नवंबर तक संजू को न्यायालय में सकुशल पहुंचाने का निर्देश दिया था। वह कोर्ट का आदेश लेकर 28 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक से मिला। एसपी के आदेश पर प्रभारी कोतवाल पट्टी ने संजू के परिजनों को 29 अक्तूबर को तलब कर लिया। संजू की तमाम जिद के बाद भी पिता के साथ पुलिस ने घर भेज दिया। तय हुआ कि बुधवार को वह संजू को साथ लेकर जाएगा। उस दिन संजू की घर में लाश मिली। परिजन घर छोड़कर फरार हैं।