{"_id":"580905584f1c1b592c705612","slug":"nephew-murdered-his-grnad-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन के विवाद में भतीजे ने की वृद्धा की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जमीन के विवाद में भतीजे ने की वृद्धा की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:30 PM IST
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जमीन के विवाद में बृहस्पतिवार को कोहड़ौर के हथसरा गांव में एक महिला की उसके ही भतीजे ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब वह सुबह शौच के बाद घर लौट रही थी। मृतका के रिटायर्ड सिपाही पति की मौत के बाद से ही आरोपी की नजर उसकी जायदाद पर थी। उसके भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के हथसरा निवासी रिटायर्ड सिपाही जगदीश सिंह का निधन जून 2015 में हुआ था। उसकी कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद से पत्नी चंद्रावती देवी (60) फैजाबाद स्थित अपने मायके चली गई और वहीं रहने लगी। बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए वह यहां आया करती थी। 9 अक्तूबर को भी वह अपने भाई शत्रुघ्न के साथ घर आई। खेतों की देखभाल करने के साथ ही इस बार उसे अपना सामान ले जाना था। गुरुवार को उसे वापस जाना था।
इस बात की जानकारी उसके देवर रमाकांत के बेटे अजय उर्फ बब्बू को हुई। गुरुवार की सुबह चंद्रावती शौच के लिए खेत की ओर गई थी। लौटने के दौरान घर से कुछ दूर पहले ही अजय ने उस पर फायर झोंक दिया। वह बाल-बाल बची तो अजय ने करीब से आकर दूसरा फायर झोंक दिया। गोली सीने में लगी और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ी। गोली चलने की आवाज सुनकर चंद्रावती के भाई के साथ ही परिवार के लोग दौड़े तो आरोपी भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से 315 बोर के कारतूस का खोखा बरामद किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। एसओ ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर अजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उधर अजय के इस कदम से गांव के लोग भ्ाी स्तब्ध हैं। मौके पर जुटे गांव के लोगों का कहना थ्ाा कि जमीन की लालच में अजय इस कदर अंधा हो गया कि रिश्तों का ही खून कर दिया। चंद्रावती की मौत से परिवार के लोगों में कोहराम है।
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खानदान का इकलौता बेटा था अजय
हथसारा निवासी जगदीश और रमाकांत सगे भाई थे। जगदीश के कोई संतान नहीं थी जबकि रमाकांत का एक बेटा अजय व एक बेटी है। दोनों भाइयों के बीच अजय ही खानदान का चिराग था। हालांकि ताई चंद्रावती उसके व्यवहार से खफा रहती थी।छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने दी थी क्लीनचिटहथसरा निवासी जिस अजय उर्फ बब्बू सिंह ने अपनी ताई की हत्या की, तीन माह पहले उसे गांव की ही एक महिला के साथ छेड़छाड़ की थी। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई लेकिन बाद में उसे क्लीन चिट दे दी गई।
जमीन-मकान बेचने की आशंका में वारदात
बड़े पिता जगदीश के निधन के बाद उसकी जमीन पर अजय की निगाह थी लेकिन ताई चंद्रावती मायके में रहती थी। उसने अपना खेत परिवार के दूसरे लोगों को बंटाई पर दे रखा था। चंद्रावती द्वारा घरेलू सामान समेटने के बाद मायके जाने की बात जब अजय को पता चली तो वह बौखला गया। वह इस बात से सशंकित था कि ताई दूसरों के हाथ जमीन न बेच दे। बताया ये भी जा रहा है कि अजय चाहता था कि जगदीश की जमीन उसे मिल जाए। चूंकि अपने खानदान में वह इकलौता बेटा था, यही वजह थी कि उसे पूरी उम्मीद थी कि जमीन उसे ही मिलेगी। हालांकि चंद्रावती उसकी आदतों से वाकिफ थी और यही वजह है कि वह उससे खुश नहीं थी। हालांकि किसी को ये आशंका नहीं थी कि अजय ऐसा कदम उठाएगा।
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के हथसरा निवासी रिटायर्ड सिपाही जगदीश सिंह का निधन जून 2015 में हुआ था। उसकी कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद से पत्नी चंद्रावती देवी (60) फैजाबाद स्थित अपने मायके चली गई और वहीं रहने लगी। बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए वह यहां आया करती थी। 9 अक्तूबर को भी वह अपने भाई शत्रुघ्न के साथ घर आई। खेतों की देखभाल करने के साथ ही इस बार उसे अपना सामान ले जाना था। गुरुवार को उसे वापस जाना था।
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इस बात की जानकारी उसके देवर रमाकांत के बेटे अजय उर्फ बब्बू को हुई। गुरुवार की सुबह चंद्रावती शौच के लिए खेत की ओर गई थी। लौटने के दौरान घर से कुछ दूर पहले ही अजय ने उस पर फायर झोंक दिया। वह बाल-बाल बची तो अजय ने करीब से आकर दूसरा फायर झोंक दिया। गोली सीने में लगी और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ी। गोली चलने की आवाज सुनकर चंद्रावती के भाई के साथ ही परिवार के लोग दौड़े तो आरोपी भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से 315 बोर के कारतूस का खोखा बरामद किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। एसओ ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर अजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उधर अजय के इस कदम से गांव के लोग भ्ाी स्तब्ध हैं। मौके पर जुटे गांव के लोगों का कहना थ्ाा कि जमीन की लालच में अजय इस कदर अंधा हो गया कि रिश्तों का ही खून कर दिया। चंद्रावती की मौत से परिवार के लोगों में कोहराम है।
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खानदान का इकलौता बेटा था अजय
हथसारा निवासी जगदीश और रमाकांत सगे भाई थे। जगदीश के कोई संतान नहीं थी जबकि रमाकांत का एक बेटा अजय व एक बेटी है। दोनों भाइयों के बीच अजय ही खानदान का चिराग था। हालांकि ताई चंद्रावती उसके व्यवहार से खफा रहती थी।छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने दी थी क्लीनचिटहथसरा निवासी जिस अजय उर्फ बब्बू सिंह ने अपनी ताई की हत्या की, तीन माह पहले उसे गांव की ही एक महिला के साथ छेड़छाड़ की थी। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई लेकिन बाद में उसे क्लीन चिट दे दी गई।
जमीन-मकान बेचने की आशंका में वारदात
बड़े पिता जगदीश के निधन के बाद उसकी जमीन पर अजय की निगाह थी लेकिन ताई चंद्रावती मायके में रहती थी। उसने अपना खेत परिवार के दूसरे लोगों को बंटाई पर दे रखा था। चंद्रावती द्वारा घरेलू सामान समेटने के बाद मायके जाने की बात जब अजय को पता चली तो वह बौखला गया। वह इस बात से सशंकित था कि ताई दूसरों के हाथ जमीन न बेच दे। बताया ये भी जा रहा है कि अजय चाहता था कि जगदीश की जमीन उसे मिल जाए। चूंकि अपने खानदान में वह इकलौता बेटा था, यही वजह थी कि उसे पूरी उम्मीद थी कि जमीन उसे ही मिलेगी। हालांकि चंद्रावती उसकी आदतों से वाकिफ थी और यही वजह है कि वह उससे खुश नहीं थी। हालांकि किसी को ये आशंका नहीं थी कि अजय ऐसा कदम उठाएगा।