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जहरखुरानों ने ली यात्री की जान

Sun, 15 Mar 2015 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 15 Mar 2015 11:47 PM IST
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जामताली। मुंबई से भाभी भतीजे संग घर लौट रहे यात्री को जहरखुरानों ने चाय में नशीला पदार्थ पिला दिया। इससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने जीआरपी से शिकायत की। पुलिस ने घटना का क्षेत्र दूसरा बताकर कार्रवाई से इनकार कर दिया। इस पर परिजनों ने स्टेशन पर हंगामा भी काटा।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के संडौरा निवासी दिनेश कुमार तिवारी (38) मुंबई के गोरेगांव में टैक्सी चलाया करता था। वह अपनी भाभी दुर्गावती और भतीजे सुशील के साथ साकेत एक्सप्रेस से घर के लिए चला। दिनेश और दुर्गावती का टिकट आरक्षित था। इसलिए वे दोनों आरक्षित कोच में थे। सुशील अनारक्षित कोच में यात्रा कर रहा था। दुर्गावती की मानें तो भोर में मानिकपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो दिनेश कुछ लोगों के साथ चाय पीने के लिए उतरा।
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उसे नशीली चाय पिला दी गई। कुछ देर बाद जब वह ट्रेन में वापस आकर बैठा तो तीन अपरिचित भी उसके बगल वाली सीट पर बैठ गए। करीब आधे घंटे के भीतर दिनेश की तबियत बिगड़ी तो भाभी देखरेख में जुट गई। इलाहाबाद पहुंचने पर भतीजा सुशील भी उस डिब्बे में सवार हो गया। चाचा की तबियत खराब देख वह डॉक्टर की खोजबीन करने लगा, लेकिन कोई नहीं मिला। इस बीच ट्रेन चल पड़ी। जहरखुरानों की दास्तान दिनेश ने भाभी और दूसरे यात्रियों को बताई। इसी बीच जहरखुरान फरार हो चुके थे। इसी दौरान दिनेश की सांस थम गई। परिजन रोने बिलखने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर संडौरा से परिजनों के साथ ही कई ग्रामीण स्टेशन पहुंचे।
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ट्रेन से शव उतारने के बाद लोग सूचना देने जीआरपी थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल दूसरा बताते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए। इस बाबत एसओ जीआरपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यात्री के परिजनों ने थाने में शिकायत नहीं की थी। बल्कि जानकारी होने पर पुलिसकर्मी ही छानबीन के लिए पहुंचे थे। उस समय शव लेकर परिजन जा चुके थे। ट्रेन में पुलिस स्कोर्ट से भी किसी ने शिकायत नहीं की थी।  दिनेश कुमार तिवारी की दो संतानें हैं। बड़ी बेटी राधिका की उम्र 12 वर्ष है तो बेटे विवेक की उम्र 10 साल है। दिनेश का शव घर पर पहुंचा तो गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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