{"_id":"583496324f1c1be73413b23c","slug":"crime-in-ugapur","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकारियों ने मारे तीन सारस, ग्रामीणों ने धुना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकारियों ने मारे तीन सारस, ग्रामीणों ने धुना
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
crime
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंडा इलाके के उगापुर गांव में मंगलवार शाम एयरगन और असलहा लेकर आठ बाइक से पहुंचे 16 शिकारियों ने तीन सारस पक्षियों को मार डाला। एयरगन के साथ उन पर असलहों से भी गोलियां दागीं गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। लोगों के पूछताछ करने पर शिकारी बाइक स्टार्ट कर भागने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने दो बाइक पर सवार तीन शिकारियों को धर दबोचा और उनकी जमकर धुनाई कर दी। उनकी दो बाइक भी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी। मौके से लोगों को सारस के बच्चे का शव बरामद हुआ, जबकि नर-मादा का शव लेकर पकड़े गए शिकारियों के साथी भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ कुंडा कोतवाली में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
कुंडा के उगापुर गांव के बाहर खेतों के आसपास दलदली जमीन है। यहां सारस पक्षियों का जमावड़ा रहता है। मंगलवार शाम साढ़े तीन बजे की बात है। अचानक गांव के बीच से आठ बाइक पर सवार 16 लोग बाहर खेतों की तरफ जाते दिखे। उनके हाथ में एयरगन और असलहे थे। पहले तो ग्रामीणों ने इन पर ध्यान नहीं दिया। करीब आधे घंटे के बाद अचानक खेतों की तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग की आवाज आने लगी। इस पर ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए और एकजुट होकर खेतों की तरफ भागे। ग्रामीणों ने पक्षियों को मारने का विरोध किया तो शिकारी उन्हें असलहे दिखाकर धमकाने लगे। इस पर लोगों ने उन्हें दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
कुंडा के उगापुर गांव के बाहर खेतों के आसपास दलदली जमीन है। यहां सारस पक्षियों का जमावड़ा रहता है। मंगलवार शाम साढ़े तीन बजे की बात है। अचानक गांव के बीच से आठ बाइक पर सवार 16 लोग बाहर खेतों की तरफ जाते दिखे। उनके हाथ में एयरगन और असलहे थे। पहले तो ग्रामीणों ने इन पर ध्यान नहीं दिया। करीब आधे घंटे के बाद अचानक खेतों की तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग की आवाज आने लगी। इस पर ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए और एकजुट होकर खेतों की तरफ भागे। ग्रामीणों ने पक्षियों को मारने का विरोध किया तो शिकारी उन्हें असलहे दिखाकर धमकाने लगे। इस पर लोगों ने उन्हें दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
विज्ञापन