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पुलिस पर ग्रामीणों ने बोला हमला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 28 Jun 2016 12:17 AM IST
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खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वाले कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने आपूर्ति निरीक्षक को बंधक बना लिया। आपूर्ति निरीक्षक को आजाद कराने पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। पुलिस पार्टी पर पथराव किया। उपद्रवियों पर काबू करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। शिकायत करने वाले को दबोचकर पुलिस ने जमकर पीटा और उसे थाने पर भेज दिया। इसे लेकर कई घंटे तक गौरा विकासखंड के सुजहा गांव में माहौल तनावपूर्ण रहा।
सुजहा के कोटेदार कृष्ण कुमार तिवारी के गोदाम से सोमवार को भोर में दो पिकअप से खाद्यान्न कालाबाजारी करने के लिए भेजा जा रहा था। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गई। रास्ते में ग्रामीणों ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन एक खाद्यान्न से लदा वाहन निकल गया। जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने रोक लिया। उस पर 48 बोरी गेहूं चावल लदा हुआ था। खाद्यान्न कालाबाजारी की जानकारी गांव के अरुण तिवारी ने आला अधिकारियों को दी। करीब 10.30 बजे तहसीलदार संतोष सोनकर व आपूर्ति निरीक्षक अनिल सरोज मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद वे कोटेदार के गोदाम में स्टाक का सत्यापन करने पहुुंचे। वहां से लौटने के दौरान ग्रामीणों का बयान लेने के बजाय दोनों अधिकारी वहां से जाने लगे। यह देख ग्रामीण तहसीलदार के वाहन के आगे लेट गए। इसके बाद तहसीलदार ने ग्रामीणों का बयान दर्ज किया। ग्रामीण कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। खाद्यान्न की रखवाली करने के लिए आपूर्ति निरीक्षक को छोड़कर तहसीलदार चले गए।
दो घंटे बाद भी तहसील प्रशासन की कार्रवाई की खबर न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आपूर्ति निरीक्षक को बंधक बना लिया। यह खबर एसडीएम को मिली तो वह पुलिस बल के साथ आपूर्ति निरीक्षक को आजाद कराने पहुंचे। उग्र ग्रामीणों को देख पुलिस ने ललकारा तो ग्रामीण ईंट पत्थर चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को भगाया। पुलिस ने शिकायतकर्ता अरुण तिवारी को दबोच लिया और जमकर पिटाई की। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक व खाद्यान्न से भरे वाहन को थाने पर उठा लाई। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के खिलाफ कालाबाजारी करने व अरुण तिवारी समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व बंधक बनाने के साथ ही पुलिस पर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।वहीं एसडीएम, रानीगंज विपिन उपाध्याय का कहना है कि कालाबाजारी करने वाले सुजहा के कोटेदार को निलंबित कर दिया गया है। जांच के दौरान स्टाक में अनियमितता मिली है। कोटेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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सुजहा के कोटेदार कृष्ण कुमार तिवारी के गोदाम से सोमवार को भोर में दो पिकअप से खाद्यान्न कालाबाजारी करने के लिए भेजा जा रहा था। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गई। रास्ते में ग्रामीणों ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन एक खाद्यान्न से लदा वाहन निकल गया। जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने रोक लिया। उस पर 48 बोरी गेहूं चावल लदा हुआ था। खाद्यान्न कालाबाजारी की जानकारी गांव के अरुण तिवारी ने आला अधिकारियों को दी। करीब 10.30 बजे तहसीलदार संतोष सोनकर व आपूर्ति निरीक्षक अनिल सरोज मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद वे कोटेदार के गोदाम में स्टाक का सत्यापन करने पहुुंचे। वहां से लौटने के दौरान ग्रामीणों का बयान लेने के बजाय दोनों अधिकारी वहां से जाने लगे। यह देख ग्रामीण तहसीलदार के वाहन के आगे लेट गए। इसके बाद तहसीलदार ने ग्रामीणों का बयान दर्ज किया। ग्रामीण कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। खाद्यान्न की रखवाली करने के लिए आपूर्ति निरीक्षक को छोड़कर तहसीलदार चले गए।
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दो घंटे बाद भी तहसील प्रशासन की कार्रवाई की खबर न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आपूर्ति निरीक्षक को बंधक बना लिया। यह खबर एसडीएम को मिली तो वह पुलिस बल के साथ आपूर्ति निरीक्षक को आजाद कराने पहुंचे। उग्र ग्रामीणों को देख पुलिस ने ललकारा तो ग्रामीण ईंट पत्थर चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को भगाया। पुलिस ने शिकायतकर्ता अरुण तिवारी को दबोच लिया और जमकर पिटाई की। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक व खाद्यान्न से भरे वाहन को थाने पर उठा लाई। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के खिलाफ कालाबाजारी करने व अरुण तिवारी समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व बंधक बनाने के साथ ही पुलिस पर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।वहीं एसडीएम, रानीगंज विपिन उपाध्याय का कहना है कि कालाबाजारी करने वाले सुजहा के कोटेदार को निलंबित कर दिया गया है। जांच के दौरान स्टाक में अनियमितता मिली है। कोटेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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