{"_id":"589f5b564f1c1b2b623791fe","slug":"connive-in-phc","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की गई जान
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। जिला महिला अस्पताल से शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिला।
जेठवारा थाना के कटरागुलाब सिंह बाजार की रहने वाली सुमित्रा (24) पत्नी छोटू गुप्ता की दस माह पहले नगर कोतवाली के दहिलामऊ में शादी हुई थी। वह गर्भवती थी। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन सुबह करीब 11 बजे सुमित्रा को लेकर कटरागुलाब सिंह पीएचसी पहुंचे। यहां चिकित्सक गायब थे। आशा के फोन पर एएनएम पहुंची और नार्मल प्रसव करवाया। परिजनों की मानी जाए तो जच्चा और बच्चा दोनों चार घंटे तक स्वस्थ्य थे। आशा ने बताया कि स्वास्थ्य देखकर एएनएम ने घर या फिर मानधाता पीएचसी लेकर जाने के लिए कहा। इस पर परिजन घर ले जाने को तैयार हो गए।
प्रत्यक्षदशियों की मानी जाए तो परिजन उसे लेकर घर चले गए। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगडने लगी। तत्काल उसे लेकर मानधाता सीएचसी पहुंचे। चिकित्सकों ने हालत नाजुक बताकर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सुमित्रा को मृत घोषित कर दिया। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि यदि चिकित्सकों की लापरवाही से महिला की जान गई होगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेठवारा थाना के कटरागुलाब सिंह बाजार की रहने वाली सुमित्रा (24) पत्नी छोटू गुप्ता की दस माह पहले नगर कोतवाली के दहिलामऊ में शादी हुई थी। वह गर्भवती थी। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन सुबह करीब 11 बजे सुमित्रा को लेकर कटरागुलाब सिंह पीएचसी पहुंचे। यहां चिकित्सक गायब थे। आशा के फोन पर एएनएम पहुंची और नार्मल प्रसव करवाया। परिजनों की मानी जाए तो जच्चा और बच्चा दोनों चार घंटे तक स्वस्थ्य थे। आशा ने बताया कि स्वास्थ्य देखकर एएनएम ने घर या फिर मानधाता पीएचसी लेकर जाने के लिए कहा। इस पर परिजन घर ले जाने को तैयार हो गए।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदशियों की मानी जाए तो परिजन उसे लेकर घर चले गए। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगडने लगी। तत्काल उसे लेकर मानधाता सीएचसी पहुंचे। चिकित्सकों ने हालत नाजुक बताकर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सुमित्रा को मृत घोषित कर दिया। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि यदि चिकित्सकों की लापरवाही से महिला की जान गई होगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन