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दिवाली पर बहिष्कार, होली पर चहका चाइना बाजार

Wed, 08 Mar 2017 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Wed, 08 Mar 2017 11:18 PM IST
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chinese market ready for holy
प्रतापगढ़

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दिवाली पर चायनीज सामानों का विरोध करने को लेकर छिड़ी मुहिम होली पर नहीं दिख रही है। न सोशल मीडिया पर चीनी सामानों के बहिष्कार को लेकर जंग छिड़ी है न बाजारों में किसी तरह का विरोध है। दीपावली पर चाइनीज आइटम की बिक्री को देशभक्ति से जोड़ने वाले विभिन्न संगठनों के लोगों ने भी चुप्पी साध ली है। होली पर बाजारों में चाइनीज सामानों की धूम मची है। पिचकारी, मुखौटा और टोपी तो है ही, इस बार चायनीज चिप्स और पापड़ भी आ गए हैं। लोग इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।

दीपावली से पहले चाइना के सामानों के विरोध को लेकर जबरदस्त अभियान चला था। सोशल मीडिया पर तो वार छिड़ा ही था, तमाम संगठन भी खुलकर विरोध में आ गए थेे। कई व्यापारियों ने भी देशहित में चाइना के सामानों को बेचने से तौबा कर लिया था। चार महीने भी नहीं बीते और होली के त्योहार पर चाइना का बाजार चरम पर है। होली के त्योहार में हुड़दंग मचाने के लिए कई चायनीज आइटम बाजार की रौनक बने हुए हैं। दुकानदारों ने भी चाइना के सामानों को हाथों हाथ लिया है। चाइना की चिप्स, पापड़, भुजिया सबकुछ है। इसके अलावा बच्चों को लुभाने वाली पिचकारी, रंग-बिरंगे मुखौटे और विशेष बालों से तैयार की गई कलरवाली टोपियां आर्कषण का केंद्र बनी हुई हैं।
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चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा के दुकानदारों का कहना है कि त्योहार पर इनकी डिमांड बढने से सामानों की बिक्री की जा रही है। वैसे दिवाली के बाद इस तरह का कोई मुद्दा दोबारा नहीं आया जिसमें चाइना के सामानों की खरीदारी न करने को लेकर कोई अपील की गई हो। इसलिये वे भी चाइना के सामानों को बेहिचक बेच रहे हैं। दूसरे चाइना के समान सस्ते भी हैं, इसलिए भी लोग पसंद कर रहे हैं।
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और चाइनीज आइटम को लोकल बनाकर भी बेच रहे दुकानदार
प्रतापगढ़(ब्यूरो)। इस बार होली के त्योहार पर डुप्लीकेट चाइना के सामानों की भी बिक्री की जोरों पर है। आकर्षक रंगों वाली चमकदार सी दिखने वाली कई मॉडल की पिचकारी और बैलून मशीन को देखकर उनके चाइनीज होने का धोखा खा सकते हैं। जिस तरह हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती है उसी तरह से चमकने वाले खिलौने भी चाइनीज नहीं हो सकते हैं। पता चला है कि चाइना से खरीदकर लाए गए खिलौनों के कलपुर्जों को दिल्ली में असेंबल किया जाता है। इन चीजों से तैयार खिलौने देखने में हूबहू चाइना जैसे ही लगेंगे। होली के मौके पर इस समय इस तरह की चाइना वाली इंडियन मेड पिचकारी दुकानों की शोभा बढ़ा रही है। इसके बावजूद वह कहीं न कहीं पकड़ में आ जा रही है। दरअसल असेंबल के दौरान खिलौनों में का कुछ हिस्सा इंडिया का भी होता है। दूसरे वह सफाई नहीं आ पाती है जो चाइना के सामानों में होती है। यही वजह है कि सामानों में इंडिया मेड का लेबल लगाने के बाद भी कहीं न कहीं चाइना की झलक दिखाई ही पड़ जाती है। मसलन, पिचकारी का मुंह वाला हिस्सा तो चाइना का है मगर उसके अंदर का हिस्सा लोकल रहेगा। मजे की बात यह है कि इस तरह की जो भी चीजें इस समय बाजार में छाई हैं वे महंगी बिक रही हैं। कुछ न कुछ ऐसा दिख जायेगा जो असली और नकली में भेद करेगा।
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