कैशलेस : क्रेडिट व डेबिट के अलावा गूगल पे, फोन पे और पेटीएम से खरीद सकेंगे बस के टिकट
परिवहन निगम ने डिपो को वर्ष 2012 में 65 एटीएम मशीनें मुहैया कराई थीं। मौजूदा समय में अधिकांश मशीनें खराब हो गई हैं। इससे यात्रियों का टिकट मैनुअल बनाना पड़ रहा है। एआरएम पीके कटिहार ने इसकी जानकारी शासन को दी थी।
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रोडवेज की बसों में लोग अब कैशलेस सफर कर सकेंगे। इसके लिए प्रतापगढ़ डिपो को 100 एंड्रॉइड ई-टिकटिंग मशीनें मिलने जा रही हैं। कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री क्रेडिट व डेबिट कार्ड के अलावा गूगल पे, फोन पे, पेटीएम आदि से बस के टिकट खरीद सकेंगे। 15 अगस्त तक एंड्रॉइड ई-टिकटिंग मशीनें मुख्यालय आएंगी।
परिवहन निगम ने डिपो को वर्ष 2012 में 65 एटीएम मशीनें मुहैया कराई थीं। मौजूदा समय में अधिकांश मशीनें खराब हो गई हैं। इससे यात्रियों का टिकट मैनुअल बनाना पड़ रहा है। एआरएम पीके कटिहार ने इसकी जानकारी शासन को दी थी। जिस पर शासन ने कैशलेस सफर को बढ़ावा देने की बात कहते हुए डिपो को सौ एंड्राइड ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।
एआरएम पीके कटिहार ने बताया कि 15 अगस्त तक मशीनें आ जाएंगी। इसके बाद रोडवेज बसों में यात्री कैशलेस सफर कर सकेंगे। उन्हें कैश देने या फिर फुटकर पैसे को लेकर अब परिचालकों से विवाद नहीं करना होगा। यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
मनमानी नहीं कर सकेंगे परिचालक
ई-टिकटिंग मशीनें आने के बाद रोडवेज बसों के परिचालक मनमानी नहीं कर सकेंगे। दरअसल, अभी तक परिचालक यात्रियों का टिकट बनाते समय फुटकर रुपये न होने की बात कहकर टिकट पर पीछे बकाया रुपये लिख देते हैं। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने से रुपये लौटाए जाते हैं। कई बार लोग रुपये भूल जाते हैं। एंड्राइड ई-टिकटिंग मशीन आने के बाद उनकी मनमानी पर रोक लग जाएगी।
पंद्रह अगस्त तक सौ एंड्राइड ई-टिकटिंग मशीनें आ जाएंगी। प्रशिक्षण के बाद सभी परिचालकों को मशीनें मुहैया कराई जाएंगी। - पीके कटिहार, एआरएम