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सावधान: बदल रहा मौसम बना
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मौसम का मिजाज बदलने से जिला अस्पताल ओपीडी में रही मरीजों की भीड़।
- फोटो : PRATAPGARH
दिन व रात के तापमान में अब अंतर आने लगा है। दिन में जहां गर्मी का एहसास होता है। वहां रात में ठंड लगने लगी है। लापरवाही बरतने वाले लोग बीमारी की गिरफ्त में आने लगे हैं। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में सर्दी, जुखाम व बुखार के मरीजों की भरमार है।
मौसम अपना करवट बदल रहा है। दिन में उमस भरी गर्मी तो रात में सर्दी का अहसास होने लगा है। मजबूरन लोग दिन में पंखा और कूलर के सामने बैठते हैं। रात में कूलर पंखा बंद कर देते हैं। इससे लोग तेजी से मौसमी बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मौसम के इस बदलाव के चलते दमा रोग से पीड़ित बुजुर्गों की हालत बिगड़ रही है।
वे अस्पताल का चक्कर काटने लगे हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के चलते बीमारी भी तेजी से पांव पसार रही है। सर्दी जुकाम और बुखार के साथ दमा के मरीजों की बाढ़ आ गई है। मरीजों से ओपीडी के साथ वार्ड फुल हो गया है।
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चिकित्सक दवा से ज्यादा स्वस्थ रहने के लिए बचाव का सुझाव दे रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में कुल 1265 मरीजों ने ओपीडी में चिकित्सक से इलाज कराने के लिए एक रुपये वाला पर्चा खरीदे। इनमें करीब ढाई सौ मरीज ऐसे थे जो सर्दी जुकाम और बुखार से पीड़ित थे।
74 मरीज दमा रोग से पीड़ित थे तो वहीं 26 मरीजों को डायरिया हो गया था। बुधवार की सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ जमा हो गई। पहले दिखाने के चक्कर में मरीज धक्कामुक्की करते नजर आए।
वहीं इमरजेंसी में गंभीर हालत में आने वाले दमा रोगियों के साथ ही मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक भर्ती कर इलाज कर रहे थे। राजगढ़ के बबुरहा गांव की शीला पुत्री जालिम के दिमाग पर बुखार चढ़ गया। बुखार से पीड़ित किशोरी को दौरे पड़ने लगे।
चिकित्सक का मरीजों को सुझाव
मौसम बदल रहा है। ऐसे में लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना बंद कर दें। आइसक्रीम और शीतलपेय की ओर ध्यान तक न दें। दुकानों से खरीदकर खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। शाम ढलने के बाद लोग ऊनी कपड़ा पहनना पसंद नहीं करते हैं तो वे शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें। प्रयास करें कि पानी को उबाल कर पहले उसे ठंडा कर लें। फिर उसी पानी को पीना चाहिए।
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मौसम अपना करवट बदल रहा है। दिन में उमस भरी गर्मी तो रात में सर्दी का अहसास होने लगा है। मजबूरन लोग दिन में पंखा और कूलर के सामने बैठते हैं। रात में कूलर पंखा बंद कर देते हैं। इससे लोग तेजी से मौसमी बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मौसम के इस बदलाव के चलते दमा रोग से पीड़ित बुजुर्गों की हालत बिगड़ रही है।
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वे अस्पताल का चक्कर काटने लगे हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के चलते बीमारी भी तेजी से पांव पसार रही है। सर्दी जुकाम और बुखार के साथ दमा के मरीजों की बाढ़ आ गई है। मरीजों से ओपीडी के साथ वार्ड फुल हो गया है।
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चिकित्सक दवा से ज्यादा स्वस्थ रहने के लिए बचाव का सुझाव दे रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में कुल 1265 मरीजों ने ओपीडी में चिकित्सक से इलाज कराने के लिए एक रुपये वाला पर्चा खरीदे। इनमें करीब ढाई सौ मरीज ऐसे थे जो सर्दी जुकाम और बुखार से पीड़ित थे।
74 मरीज दमा रोग से पीड़ित थे तो वहीं 26 मरीजों को डायरिया हो गया था। बुधवार की सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ जमा हो गई। पहले दिखाने के चक्कर में मरीज धक्कामुक्की करते नजर आए।
वहीं इमरजेंसी में गंभीर हालत में आने वाले दमा रोगियों के साथ ही मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक भर्ती कर इलाज कर रहे थे। राजगढ़ के बबुरहा गांव की शीला पुत्री जालिम के दिमाग पर बुखार चढ़ गया। बुखार से पीड़ित किशोरी को दौरे पड़ने लगे।
चिकित्सक का मरीजों को सुझाव
मौसम बदल रहा है। ऐसे में लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना बंद कर दें। आइसक्रीम और शीतलपेय की ओर ध्यान तक न दें। दुकानों से खरीदकर खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। शाम ढलने के बाद लोग ऊनी कपड़ा पहनना पसंद नहीं करते हैं तो वे शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें। प्रयास करें कि पानी को उबाल कर पहले उसे ठंडा कर लें। फिर उसी पानी को पीना चाहिए।