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बरसाना की होली संग अजगरा महोत्सव का समापन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
- फोटो : pratapgarh
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रानीगंज अजगरा स्थित पौराणिक यक्ष युधिष्ठिर संवाद स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय अजगरा महोत्सव का समापन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। एनवाईके के कलाकारों ने बरसाने के होली गीत, बिरहा गायिका गुड़िया पटेल एवं कल्लू निराला की प्रस्तुतियों ने जमकर तालियां बटोरीं। महोत्सव के अंतिम दिन जिले के साथ ही साथ गैर जनपद के लोगों को जमावड़ा लगा रहा।
तीन दिवसीय अजगरा महोत्सव की शुरुआत 26 अगस्त से हुई। महोत्सव के पहले ही दिन से मेला अपने परवान पर रहा। कलाकारों के मंचों के साथ ही मनोरंजन के तमाम कार्यक्रम निर्धारित थे। पहले और दूसरे दिन लोक गीतकार, भोजपुरी गीत गायकों एवं नृत्यांगनाओं की मनोरम प्रस्तुतियां की गईं। दूसरे दिन रंपत हरामी व वेराइटी शो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं महोत्सव के अंतिम दिन नेहरू युवाओं केन्द्र, बिरहा गायिका गुड़िया पटेल व कल्लू निराला का कार्यक्रम रहा। इसके अलावा मेले में जादूगरी के कारनामे, रामभवन त्यागी के कार्यक्र म को देखने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही। सुबह से ही मेले में बच्चों, बूढ़ों व युवाओं की भीड़ उमड़ी रही। नेहरू युवा केन्द्र के कलाकारों ने बरसाने के होली गीत की प्रस्तुति की तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। नाटक एवं भाव परक लोकगीत से लोग भावविभोर उठे।कार्यक्रम को देख लोग भक्तिभाव से लीन रहे। वहीं बिरहा गीत पर कल्लू निराला व गुडिया के स्वर निकले तो लोग पंडाल में पहुंचने लगे। बिरहा गीत में समाज की तमाम प्रेरणात्मक कहानियों को पिरोया गया था, कार्यक्रम के अंतिम दौर तक जमे रहे।
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तीन दिवसीय अजगरा महोत्सव की शुरुआत 26 अगस्त से हुई। महोत्सव के पहले ही दिन से मेला अपने परवान पर रहा। कलाकारों के मंचों के साथ ही मनोरंजन के तमाम कार्यक्रम निर्धारित थे। पहले और दूसरे दिन लोक गीतकार, भोजपुरी गीत गायकों एवं नृत्यांगनाओं की मनोरम प्रस्तुतियां की गईं। दूसरे दिन रंपत हरामी व वेराइटी शो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं महोत्सव के अंतिम दिन नेहरू युवाओं केन्द्र, बिरहा गायिका गुड़िया पटेल व कल्लू निराला का कार्यक्रम रहा। इसके अलावा मेले में जादूगरी के कारनामे, रामभवन त्यागी के कार्यक्र म को देखने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही। सुबह से ही मेले में बच्चों, बूढ़ों व युवाओं की भीड़ उमड़ी रही। नेहरू युवा केन्द्र के कलाकारों ने बरसाने के होली गीत की प्रस्तुति की तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। नाटक एवं भाव परक लोकगीत से लोग भावविभोर उठे।कार्यक्रम को देख लोग भक्तिभाव से लीन रहे। वहीं बिरहा गीत पर कल्लू निराला व गुडिया के स्वर निकले तो लोग पंडाल में पहुंचने लगे। बिरहा गीत में समाज की तमाम प्रेरणात्मक कहानियों को पिरोया गया था, कार्यक्रम के अंतिम दौर तक जमे रहे।
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