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चांदी की जगह मिठाइयों पर लगा रहे एल्युमिनियम वर्क
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:26 AM IST
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मिठाई
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दीपावली पर खराब खोवा की मिठाई ही नहीं, बल्कि चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम वर्क लगाकर दुकानदार मिठाइयां तैयार कर रहे हैं। मुनाफा कमाने के चक्कर में चीनी की मात्रा बेहद कम करके उसमें सैकरीन मिलाई जा रही है। जबकि सैकरीन और एल्युमिनियम दोनों स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। इससे लोगों को मिठाई खरीदते समय सावधान रहने की जरूरत है। फूड विभाग की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है।
अभी तक बासी खोवा की मिठाइयां तैयार करने वाले दुकानदार अब मिठाई के ऊपर लगने वाली चांदी वर्क में भी खेल कर रहे हैं। चांदी वर्क की जगह एल्युमिनियम वर्क लगाकर मिठाई की सुंदरता बढ़ा रहे हैं। मिठाइयां तैयार करते समय चीनी की जगह सैकरीन का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। इससे लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग के अफसरों के मुताबिक बुधवार को कुंडा में मिठाइयों पर चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क पाए जाने पर सैंपल लेते समय मारपीट हुई थी। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि दीपावली पर दर्जनों दुकानों से चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क लगे मिठाइयों का नमूना लिया गया है। कई मिठाइयों में तो सैकरीन का भी मात्रा पाई गई है। उसे जांच के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि चीनी के खिलौने वाली मिठाई में भी खेल हो रहा है। मिठाई को तैयार करने के बाद दूध से उसकी सफाई की जाती है। मगर ज्यादातर दुकानदार अधिक मुनाफा के चक्कर में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। दूध की जगह से हाइड्रो से चीनी के खिलौने की सफाई करते हैं। देखने में साफ होने के चलते लोग इसे शुद्ध मानकर खरीदकर खाते हैं। जबकि सेहत के लिए यह नुकसानदायक है। अभिहित अधिकारी डॉ. दीनानाथ यादव ने बताया कि अभियान चल रहा है। बाजार-बाजार में टीम पहुंचकर जांच कर रही है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि चांदी वर्क की जगह एल्युमिनियम वर्क का प्रयोग करने वाले लोगों को सात साल की सजा हो सकती है। हाइड्रो से चीनी के खिलौने वाले मिठाई की सफाई करने वाले लोगों को अजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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लाल और पीले कलर से तैयार चीनी के खिलौने बेचने पर कार्रवाई
हानिकारक और अधिक मात्रा में कलर से तैयार किए जाने वाले चीनी के खिलौने वाली मिठाई को बाजार में बेचते हुए पकड़े जाने पर दुकानदार के भी खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही जहां से रंगीन चीनी के खिलौने वाली मिठाई तैयार होने की पुष्टी होती है उन पर भी विभाग कार्रवाई करेगा।
क्या कहते हैं डॉक्टर.....
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर आरडी द्विवेदी बताते हैं कि एल्युमिनियम वर्क पेट में जाने से जहरीला हो सकता है। आंत, लीवर और किडनी के साथ फेफड़े को डैमेज कर सकता है। इससे जान भी जाने का डर रहता है। यहीं हाल सैकरिन का भी है। हाइड्रो से बने चीनी के खिलौने वाले मिठाई खाने के सात से दस घंटे के अंदर जलन शुरू हो जाएगी। गले से लेकर जिस स्थानों पर उसका कड़ पहुंचेगा वहां का हिस्सा झुलस जाएगा। जान जाने का भी खतरा रहता है।
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अभी तक बासी खोवा की मिठाइयां तैयार करने वाले दुकानदार अब मिठाई के ऊपर लगने वाली चांदी वर्क में भी खेल कर रहे हैं। चांदी वर्क की जगह एल्युमिनियम वर्क लगाकर मिठाई की सुंदरता बढ़ा रहे हैं। मिठाइयां तैयार करते समय चीनी की जगह सैकरीन का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। इससे लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग के अफसरों के मुताबिक बुधवार को कुंडा में मिठाइयों पर चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क पाए जाने पर सैंपल लेते समय मारपीट हुई थी। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि दीपावली पर दर्जनों दुकानों से चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क लगे मिठाइयों का नमूना लिया गया है। कई मिठाइयों में तो सैकरीन का भी मात्रा पाई गई है। उसे जांच के लिए भेजा गया है।
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उन्होंने बताया कि चीनी के खिलौने वाली मिठाई में भी खेल हो रहा है। मिठाई को तैयार करने के बाद दूध से उसकी सफाई की जाती है। मगर ज्यादातर दुकानदार अधिक मुनाफा के चक्कर में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। दूध की जगह से हाइड्रो से चीनी के खिलौने की सफाई करते हैं। देखने में साफ होने के चलते लोग इसे शुद्ध मानकर खरीदकर खाते हैं। जबकि सेहत के लिए यह नुकसानदायक है। अभिहित अधिकारी डॉ. दीनानाथ यादव ने बताया कि अभियान चल रहा है। बाजार-बाजार में टीम पहुंचकर जांच कर रही है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि चांदी वर्क की जगह एल्युमिनियम वर्क का प्रयोग करने वाले लोगों को सात साल की सजा हो सकती है। हाइड्रो से चीनी के खिलौने वाले मिठाई की सफाई करने वाले लोगों को अजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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हानिकारक और अधिक मात्रा में कलर से तैयार किए जाने वाले चीनी के खिलौने वाली मिठाई को बाजार में बेचते हुए पकड़े जाने पर दुकानदार के भी खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही जहां से रंगीन चीनी के खिलौने वाली मिठाई तैयार होने की पुष्टी होती है उन पर भी विभाग कार्रवाई करेगा।
क्या कहते हैं डॉक्टर.....
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर आरडी द्विवेदी बताते हैं कि एल्युमिनियम वर्क पेट में जाने से जहरीला हो सकता है। आंत, लीवर और किडनी के साथ फेफड़े को डैमेज कर सकता है। इससे जान भी जाने का डर रहता है। यहीं हाल सैकरिन का भी है। हाइड्रो से बने चीनी के खिलौने वाले मिठाई खाने के सात से दस घंटे के अंदर जलन शुरू हो जाएगी। गले से लेकर जिस स्थानों पर उसका कड़ पहुंचेगा वहां का हिस्सा झुलस जाएगा। जान जाने का भी खतरा रहता है।