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पानी के अभाव में दो वर्ष से परती पड़े हैं खेत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:35 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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रजबहा का पानी टेल तक न पहुंच पाने से कई गांवों के दर्जनों किसानों के सैकड़ों बीघे खेत दो साल से परती पड़े हैं। ऐसे में महंगाई की मार से हलाकान किसानों ने खेती करने से मुंह मोड़ लिया है। किसी तरह मेहनत मजदूरी से किसानोें की दो जून की रोटी का इंतजाम हो रहा है। लंबे समय से रजबहा की सफाई नहीं कराई गई, इससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इलाके में किसानों की फसलों की सिंचाई का मुख्य साधन लालगंज रजबहा ही है। अरसे से खेती के लिए दर्जनाें गांवों के किसानों को इसी रजबहा का सहारा है। लेकिन यही नहर अब यहां के किसानाें के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बीते दो वर्षों से कई गांवों को नहर का दो बूंद पानी तक नहीं मिल सका है। साफ न होना इसकी वजह बताई जा रही है।
पानी नहीं आने से उदियापुर, राजापुर, अझारा, केशवपुर, लालूपुर, बनवारी, मठहा, इटैला, नोती, मांदीपुर आदि गांवों के किसानों के सैकड़ों बीघे खेत परती पड़े हैं। रजबहा में दो सालों से बूंदभर पानी इन गांवों तक नहीं पहुंचने से किसान मेहनत मजदूरी कर दो जून की रोटी का इंतजाम कर रहे हैं। रामकिसुन पांडेय, जितेंद्र, सूरज दुबे, प्रीतेंद्र ओझा, मोनू, रामकृष्ण, दीपेंद्र ओझा रामसेवक पांडेय, नंदलाल अवधेश सिंह, रामराज आदि किसानों ने पानी के अभाव में परती पड़े खेतों को लेकर अपना दर्द बयां किया। नहर में दो साल से पानी नहीं आ रहा है। ऊपर से मंहगाई के इस दौर में उनकी कमर टूट चुकी है। डीजल मंहगा हो गया है और फसलों को तैयार करने में मोटी रकम खर्च हो जाती है। लागत के बराबर भी पैदावार नहीं होने से उन्होंने खेती करना छोड़ दिया। ग्रामीणाें ने कई बार अधिकारियाें से रजबहा में टेल तक पानी नहीं आने की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से किसान पूरी तरह से निराश हो गए हैं।
सगरा रजबहा की सफाई को लेकर एसडीएम को ज्ञापन
क्षेत्र की सबसे प्रमुख व लंबी नहर की साफ सफाई को लेकर अधिवक्ताआें ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया है। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह व महामंत्री संतोष पांडेय की अगुवाई में अधिवक्ताआें ने एसडीएम से कहा है कि शीघ्र ही रजबहा की कामापट्टी से पूरे तिलकराम तक सफाई का कार्य नहीं प्रारंभ हो जाता तो तहसील परिसर में धरना शुरू किया जाएगा। सगरा रजबहा की सफाई में बिलंब हुआ तो भूख हड़ताल करने को बाध्य होना पड़ेगा। एसडीएम ने अधिवक्ताआें को आश्वासन देकर शांत कराया। इस मौके पर हरिशंकर द्विवेदी, सतेश सिंह, योगेश मिश्रा, राममोहन सिंह, रामलगन यादव, राजबहादुर पटेल, केशवकांत उपाध्याय, रमेश पांडेय, दयाराम वर्मा, जयप्रकाश शुक्ल, बाबूलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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पानी नहीं आने से उदियापुर, राजापुर, अझारा, केशवपुर, लालूपुर, बनवारी, मठहा, इटैला, नोती, मांदीपुर आदि गांवों के किसानों के सैकड़ों बीघे खेत परती पड़े हैं। रजबहा में दो सालों से बूंदभर पानी इन गांवों तक नहीं पहुंचने से किसान मेहनत मजदूरी कर दो जून की रोटी का इंतजाम कर रहे हैं। रामकिसुन पांडेय, जितेंद्र, सूरज दुबे, प्रीतेंद्र ओझा, मोनू, रामकृष्ण, दीपेंद्र ओझा रामसेवक पांडेय, नंदलाल अवधेश सिंह, रामराज आदि किसानों ने पानी के अभाव में परती पड़े खेतों को लेकर अपना दर्द बयां किया। नहर में दो साल से पानी नहीं आ रहा है। ऊपर से मंहगाई के इस दौर में उनकी कमर टूट चुकी है। डीजल मंहगा हो गया है और फसलों को तैयार करने में मोटी रकम खर्च हो जाती है। लागत के बराबर भी पैदावार नहीं होने से उन्होंने खेती करना छोड़ दिया। ग्रामीणाें ने कई बार अधिकारियाें से रजबहा में टेल तक पानी नहीं आने की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से किसान पूरी तरह से निराश हो गए हैं।
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सगरा रजबहा की सफाई को लेकर एसडीएम को ज्ञापन
क्षेत्र की सबसे प्रमुख व लंबी नहर की साफ सफाई को लेकर अधिवक्ताआें ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया है। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह व महामंत्री संतोष पांडेय की अगुवाई में अधिवक्ताआें ने एसडीएम से कहा है कि शीघ्र ही रजबहा की कामापट्टी से पूरे तिलकराम तक सफाई का कार्य नहीं प्रारंभ हो जाता तो तहसील परिसर में धरना शुरू किया जाएगा। सगरा रजबहा की सफाई में बिलंब हुआ तो भूख हड़ताल करने को बाध्य होना पड़ेगा। एसडीएम ने अधिवक्ताआें को आश्वासन देकर शांत कराया। इस मौके पर हरिशंकर द्विवेदी, सतेश सिंह, योगेश मिश्रा, राममोहन सिंह, रामलगन यादव, राजबहादुर पटेल, केशवकांत उपाध्याय, रमेश पांडेय, दयाराम वर्मा, जयप्रकाश शुक्ल, बाबूलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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