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जिरियामऊ पंप कैनाल पर लटका ताला
Pratapgarh
Updated Wed, 13 Nov 2013 05:39 AM IST
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शहर के पटखौली वार्ड में स्थित जिरियामऊ पंप कैनाल में अफसरों ने ताला डाल दिया है। मरम्मत के लिए लाखों रुपये का खेल करने वाले अधिकारियों ने इसे ठीक कराने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे किसानों की हजारों एकड़ भूमि बेकार साबित हो रही है। अफसरों की लापरवाही का नतीजा भुगत रहे किसान अब निजी पंपसेट लगाने के उपाय खोज रहे हैं।
सिंचाई विभाग के लघु डालखंड विभाग ने जिरियामऊ में सई नदी के तट पर पंप कैनाल की स्थापना कर रखी है। मोटर के माध्यम से सई नदी से पानी खींचकर किसानों के खेतों तक पहुंचाने का कार्य विभाग के कर्मचारी करते थे। इस पंप कैनाल से लगभग पचास गांवों के हजारों किसान लाभान्वित होते थे। नहर से सिंचाई करने वाले किसान राजस्व के रूप में लाखों रुपये की अदायगी भी करते थे। पिछले दो वर्षों से अधिकारियों की लापरवाही के चलते पंप कैनाल जहां बेकार पड़ा हुआ है वहीं बेचारे किसान फसलों की सिंचाई करने के लिए बेहद परेशान हैं।
खरीफ की फसल के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से अधिकांश किसानों का खेत परती ही रह गया। पंप के ठीक नहीं होने से किसान रबी की तैयारी करने के बजाय हाथ-पर हाथ रखे बैठे हुए हैं। सई नदी के किनारे स्थित गांवों तक जलस्तर बेहद नीचे होने के कारण सिंचाई का उचित प्रबंध नहीं कर पा रहे हैं। दो वर्ष से मोटर जलने के साथ ही जमीन के अंदर बिछी मोटी पाइप में जंग लग गए हैं। इससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। किसानों की मानें तो मोटर और नहरों की मरम्मत के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये का खेल हो रहा है, मगर वास्तविकता इससे परे है। अधिशासी अभियंता इलाहाबाद मलय कुमार गर्ग ने बताया कि मोटर और नहरों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही ठीक कराकर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।
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सिंचाई विभाग के लघु डालखंड विभाग ने जिरियामऊ में सई नदी के तट पर पंप कैनाल की स्थापना कर रखी है। मोटर के माध्यम से सई नदी से पानी खींचकर किसानों के खेतों तक पहुंचाने का कार्य विभाग के कर्मचारी करते थे। इस पंप कैनाल से लगभग पचास गांवों के हजारों किसान लाभान्वित होते थे। नहर से सिंचाई करने वाले किसान राजस्व के रूप में लाखों रुपये की अदायगी भी करते थे। पिछले दो वर्षों से अधिकारियों की लापरवाही के चलते पंप कैनाल जहां बेकार पड़ा हुआ है वहीं बेचारे किसान फसलों की सिंचाई करने के लिए बेहद परेशान हैं।
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खरीफ की फसल के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से अधिकांश किसानों का खेत परती ही रह गया। पंप के ठीक नहीं होने से किसान रबी की तैयारी करने के बजाय हाथ-पर हाथ रखे बैठे हुए हैं। सई नदी के किनारे स्थित गांवों तक जलस्तर बेहद नीचे होने के कारण सिंचाई का उचित प्रबंध नहीं कर पा रहे हैं। दो वर्ष से मोटर जलने के साथ ही जमीन के अंदर बिछी मोटी पाइप में जंग लग गए हैं। इससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। किसानों की मानें तो मोटर और नहरों की मरम्मत के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये का खेल हो रहा है, मगर वास्तविकता इससे परे है। अधिशासी अभियंता इलाहाबाद मलय कुमार गर्ग ने बताया कि मोटर और नहरों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही ठीक कराकर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।
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