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आयुष्मान भारत का कार्ड लेकर इलाज कराने के लिए दरदर भटकता रहा मरीज
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आयुष्मान भारत का कार्ड लेकर भटकती रही मरीज
प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने इलाज करने से खड़े कर दिए हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारज योजना का कार्ड लेकर एक मरीज प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काटकर थक गई। एक भी अस्पताल संचालक ने उसे भर्ती नहीं किया। इससे वह परेशान हो गया। बाद में उसने जिला अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज कराया।
अमेठी जनपद के सहजीपुर निवासी मीरा देवी पत्नी रामनरेश बीमार चल रही है। गरीब होने के कारण आयुष्मान भारत की पात्रता सूची में उसका नाम है। मीरा ने अपना आयुष्मान कार्ड पहले से ही बनवा रखा था। बीमार होने के बाद परिजन उसे लेकर शहर स्थित आयुष्मान भारत के मरीजों का मुफ्त में इलाज करने का दावा करने वाले दो नर्सिंगहोम में लेकर पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सकों ने पैसे की डिमांड की। पैसा न देने पर इलाज करने से मना कर दिया। इससे मीरा के परिजन परेशान हो गए। बाद में जिला अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया। इस मामले में सीएमओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ पंजीकृत नर्सिंगहोम संचालक मरीजों का इलाज करने में आनाकानी कर रहे हैं। जांच करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने इलाज करने से खड़े कर दिए हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारज योजना का कार्ड लेकर एक मरीज प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काटकर थक गई। एक भी अस्पताल संचालक ने उसे भर्ती नहीं किया। इससे वह परेशान हो गया। बाद में उसने जिला अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज कराया।
अमेठी जनपद के सहजीपुर निवासी मीरा देवी पत्नी रामनरेश बीमार चल रही है। गरीब होने के कारण आयुष्मान भारत की पात्रता सूची में उसका नाम है। मीरा ने अपना आयुष्मान कार्ड पहले से ही बनवा रखा था। बीमार होने के बाद परिजन उसे लेकर शहर स्थित आयुष्मान भारत के मरीजों का मुफ्त में इलाज करने का दावा करने वाले दो नर्सिंगहोम में लेकर पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सकों ने पैसे की डिमांड की। पैसा न देने पर इलाज करने से मना कर दिया। इससे मीरा के परिजन परेशान हो गए। बाद में जिला अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया। इस मामले में सीएमओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ पंजीकृत नर्सिंगहोम संचालक मरीजों का इलाज करने में आनाकानी कर रहे हैं। जांच करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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